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AAP सांसद संजय सिंह ने 'निर्भया' के दोषियों को फांसी देने के लिए राष्ट्रपति, SC को लिखा पत्र

News18Hindi
Updated: February 4, 2020, 12:16 PM IST
AAP सांसद संजय सिंह ने 'निर्भया' के दोषियों को फांसी देने के लिए राष्ट्रपति, SC को लिखा पत्र
कोर्ट से डेथ वारंट जारी होने के बाद भी 'निर्भया' के दोषियों की फांसी की सजा दो बार टल चुकी है

आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर 'निर्भया' मामले (Nirbhaya Case) में हस्तक्षेप कर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने की अपील की है

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  • Last Updated: February 4, 2020, 12:16 PM IST
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नई दिल्ली. 'निर्भया' (Nirbhaya) के गुनहगारों को फांसी की सजा कब होगी, पूरा देश ये जानना चाह रहा है. आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने मंगलवार को राज्यसभा में सरकार से 'निर्भया' के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की. उन्होंने राष्ट्रपति (President) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने की अपील की है.

बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से दो बार डेथ वारंट (Death Warrant) जारी होने के बाद भी चारों दोषियों की फांसी दो बार टल चुकी है. दोषियों के वकील के सुझाए कानूनी दांव-पेंच में पड़कर दोनों बार उनकी फांसी की सजा टल चुकी है.



'निर्भया' के चारों दोषियों की ये है वर्तमान स्थिति'निर्भया' मामले में वर्तमान स्थिति के अनुसार दोषी मुकेश सिंह और विनय शर्मा के विकल्प (क्यूरेटिव पिटिशन और मर्सी पिटिशन) खत्म हो चुके हैं. वहीं अक्षय सिंह की क्यूरेटिव पिटिशन खारिज हो चुकी है. उसने अब तक दया याचिका दायर नहीं की है. चौथे दोषी पवन गुप्ता ने क्यूरेटिव पिटिशन दायर नहीं की है, हालांकि उसने राष्ट्रपति के पास अपनी दया याचिका भेजी है.

क्या है 'निर्भया' गैंगरेप का मामला
बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिक स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी. दोनों फिल्म देखकर घर लौटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान वो वहां से गुजर रहे एक प्राइवेट बस में सवार हो गए. इस चलती बस में एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट और गैंगरेप किया था. इसके बाद उन्होंने पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया था. बुरी तरह जख्मी युवती को बेहतर इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था. यहां 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम ‘निर्भया’ दिया गया था.

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First published: February 4, 2020, 12:16 PM IST
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