ट्रैफिक के नए नियम लागू हुए हो गए 6 महीने, जानें अब क्या बदलाव करेगी मोदी सरकार!

बीते साल सितंबर महीने से ट्रैफिक (Traffic) से जुड़े नियमों और उनके उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने (Penalty) की रकम में काफी बदलाव किए गए थे. खतरनाक तरीके से या फिर शराब पी कर गाड़ी चलाने पर पहले की तुलना में भारी जुर्माना वसूला जा रहा है. देश में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन हो इसी को ध्यान में रख कर मोदी सरकार (Modi Government) ने मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट 2019 (New Motor Vehicle Act 2019) ले कर आई
बीते साल सितंबर महीने से ट्रैफिक (Traffic) से जुड़े नियमों और उनके उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने (Penalty) की रकम में काफी बदलाव किए गए थे. खतरनाक तरीके से या फिर शराब पी कर गाड़ी चलाने पर पहले की तुलना में भारी जुर्माना वसूला जा रहा है. देश में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन हो इसी को ध्यान में रख कर मोदी सरकार (Modi Government) ने मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट 2019 (New Motor Vehicle Act 2019) ले कर आई

बीते साल सितंबर महीने से ट्रैफिक (Traffic) से जुड़े नियमों और उनके उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने (Penalty) की रकम में काफी बदलाव किए गए थे. खतरनाक तरीके से या फिर शराब पी कर गाड़ी चलाने पर पहले की तुलना में भारी जुर्माना वसूला जा रहा है. देश में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन हो इसी को ध्यान में रख कर मोदी सरकार (Modi Government) ने मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट 2019 (New Motor Vehicle Act 2019) ले कर आई

  • Share this:
नई दिल्ली. देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicles Amendment Act 2019) लागू हुए 6 महीने पूरे हो गए हैं. एक सितंबर 2019 को ही देश में नया यातायात नियम लागू किया गया था. 6 महीने पूरे होने के बाद अब मोदी सरकार (Modi Government) इस नियम की समीक्षा कर रही है. परिवहन मंत्रालय के मुताबिक नए यातायात नियम लागू होने के बाद देश में हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने से जुड़े चालान में भारी कमी आई है. खासकर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में नियम मानने वालों की संख्या में काफी तेजी आई है. यातायात के नए नियम लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में सीट बेल्ट पहनने और ट्रैफिक सिग्नल मानने वालों की संख्या में भी काफी तेजी आई है. इसी का नतीजा है कि दिल्ली-एनसीआर सहित देश के दूसरे हिस्सों में नियमों में सख्ती के कारण चालान (Challan) 70 प्रतिशत तक घटे हैं. लोग पहले की तुलना में ज्यादा सतर्क हो गए हैं.

नए मोटर व्हीकल एक्ट के हुए छह महीने पूरे
बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्यों में चालान की संख्या में तो 20 से 30 प्रतिशत की कमी आई है. वहीं दिल्ली-एनसीआर में यह आंकड़ा 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है. केंद्र सरकार नए मोटर व्हीकल एक्ट के परिणाम से उत्साहित हो कर अब कुछ और कड़े निर्देश जारी करने वाली है. पिछले दिनों ही परिवहन मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि संसद में पारित हुए कानून को किसी भी राज्य सरकार बदल नहीं सकती है. अगर राज्य सरकार ऐसा करती भी है तो उसे राष्ट्रपति से अनुमति लेने होंगी.

new Motor Vehicle Act, नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019, 1 सितंबर से लागू, 6 महीने पूरे, challans, delhi, delhi traffic police, bihar, uttar pradesh, jharkhand, haryana, delhi ncr, nitin gadkari, modi government, मोदी सरकार, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, नितिन गडकरी, पीएम मोदी, यातायात के नए नियम, मोटर व्हीकल एक्ट के जुर्माने में अब बदलाव नहीं कर सकेंगे राज्य, राष्ट्रपति से लेनी होगी परमिशन
बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्यों में चालान की संख्या में तो 20 से 30 प्रतिशत की कमी आई है.

बता दें कि बीते साल सितंबर महीने से ट्रैफिक से जुड़े नियमों और उनके उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की रकम में काफी बदलाव किए गए थे. खतरनाक तरीके से या फिर शराब पी कर गाड़ी चलाने पर पहले की तुलना में भारी जुर्माना वसूला जा रहा है. देश में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन हो इसी को ध्यान में रख कर मोदी सरकार ने मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट 2019 ले कर आई थी. लोगों की दिनचर्या मोदी सरकार के इस कदम के बाद काफी बदल गई है.



सख्त जुर्माने और सजा के डर से सतर्क हो रहे हैं लोग
लोग सख्त जुर्माने और सजा के डर से सतर्क हो रहे हैं. नए कानून के लागू होने के बाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा सामान्य जांच किए जाने पर भी लोग अब पहले की तुलना काफी सतर्क दिख रहे हैं. ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने पर भी लोग पहले गाड़ी चलाते थे, लेकिन अब इसके लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं. इसी तरह गाड़ी की पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज को भी अब पहले की तुलना में दुरुस्त रखा जा रहा है. चालकों की सतर्कता की वजह से सड़क हादसे में भी कमी आई है. फिर भी बिना हेलमेट के चालान की संख्या में अब भी ज्यादा हो रही है.

ऐसे में एक बार फिर से मोदी सरकार देश में नए मोटर व्हीकल एक्ट की सफलता के बाद कुछ सख्त निर्देश जारी कर सकती है. पिछले दिनों केंद्र सरकार ने साफ कह दिया था कि संसद में पारित कानून को लागू करने से राज्य इंकार नहीं कर सकते. साथ ही राज्य सरकार अपनी मर्जी से जुर्माने की राशि में कटौती भी नहीं कर सकते. इसके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा. इसी को ध्यान में रखते हुए अब केंद्र सरकार बहुत जल्द ही सख्त कदम उठाने जा रही है. अगर कोई राज्य सरकार नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं करता है तो केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 256 का प्रयोग करते हुए निर्देश जारी कर सकता है. इसके बावजूद भी राज्य अगर नियम नहीं मानत है तो अनुच्छेद 356 के जरिए राज्यों को इसके लिए बाध्य कर सकता है.

नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, नागपुर, महाराष्ट्र,nitin gadkari,Union Road Transport and Highways Minister Nitin Gadkari,nagpur,maharashtra, new Motor Vehicle Act, नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019, 1 सितंबर से लागू, 6 महीने पूरे, challans, delhi, delhi traffic police, bihar, uttar pradesh, jharkhand, haryana, delhi ncr, nitin gadkari, modi government, मोदी सरकार, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, नितिन गडकरी, पीएम मोदी, यातायात के नए नियम, मोटर व्हीकल एक्ट के जुर्माने में अब बदलाव नहीं कर सकेंगे राज्य, राष्ट्रपति से लेनी होगी परमिशन
राज्य सरकारें अधिनियम में तय जुर्माने की सीमा को घटाने को लेकर कोई कानून पास नहीं कर सकती हैं (फाइल फोटो)


राज्य सरकारें नियम बदल नहीं सकती हैं
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों को भेजे परामर्श में कहा है कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 संसद से पारित कानून है. राज्य सरकारें अधिनियम में तय जुर्माने की सीमा को घटाने को लेकर कोई कानून पास नहीं कर सकती हैं और न ही कार्यकारी आदेश जारी कर सकती हैं. जुर्माने को तय सीमा से कम करने के लिये उन्हें अपने संबंधित राज्य के कानून पर राष्ट्रपति की सहमति लेनी होगी.

दिल्ली में अभी भी नए नियमों को अधिसूचित नहीं किया गया है. ऐसे में मौके पर काटे गए सभी चालान को कोर्ट भेजा जा रहा है. वहीं राजस्थान, गुजरात और ओडिशा जैसे राज्य सख्त प्रावधान में कटौती कर इसको लागू करना चाहते हैं. गुजरात सरकार ने तो नियमों में कटौती कर लागू भी कर दिया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज