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चौपाल: त्रिलोकपुरी में AAP ने काटा मौजूदा MLA का टिकट, क्या नया चेहरा दिलाएगा जीत?
Delhi-Ncr News in Hindi

Pankaj Kumar | News18Hindi
Updated: January 29, 2020, 9:18 PM IST
चौपाल: त्रिलोकपुरी में AAP ने काटा मौजूदा MLA का टिकट, क्या नया चेहरा दिलाएगा जीत?
त्रिलोकपुरी विधानसभा सीट

त्रिलोकपुरी विधानसभा (Trilokpuri Assembly Seat) के गठन के बाद साल 1993,1998 और साल 2003 में हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार ब्रह्मपाल ने लगातार जीत दर्ज की और तीनों चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला बीजेपी से ही रहा.

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  • Last Updated: January 29, 2020, 9:18 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Election 2020) में त्रिलोकपुरी विधानसभा सीट (Trilokpuri Assembly Seat) सीट पर भी निर्णायक मुकाबला होने जा रहा है. यह सीट पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट के अंतगर्त आती है. दिल्ली की 12 सुरक्षित सीटों में से यह भी एक सुरक्षित सीट है. त्रिलोकपुरी विधानसभा में पहली बार 1993 में चुनाव हुए. बता दें कि 1975-76 में विस्थापित लोगों को त्रिलोकपुरी में ही बसाया गया था. इसलिए इस इलाके में अभी भी झुग्गी झोपड़ियों की भरमार है. यहां पर इस बार मुकाबला मुख्यतौर आप, कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. वैसे साल 2015 में आप के उम्मीदवार राजू धींगान ने बाजी मारी थी, लेकिन इस बार उन्हें टिकट न देकर पार्टी रोहित महरोलिया को उम्मीदवार बनाया है.

त्रिलोकपुरी का इतिहास

त्रिलोकपुरी विधानसभा के गठन के बाद साल 1993, 1998 और साल 2003 में हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार ब्रह्मपाल ने लगातार जीत दर्ज की और तीनों चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला बीजेपी से ही रहा. साल 2008 में बीजेपी के सुनील कुमार ने कांग्रेस के अंजना को महज 634 वोटों से हरा कर इतिहास रचा और कांग्रेस के परंपरागत सीट पर कब्जा जमा कमल के फूल को खिला कर सबको चौंका दिया. बीजेपी त्रिलोकपुरी से एक बार जीत पाने में कामयाब रही है जबकि साल 2013 और साल 2015 में आप के राजू धींगान ने दोनों पार्टियों को झाड़ू मार आम आदमी पार्टी की जड़े मजबूत की. इस साल 2020 के विधानसभा चुनाव में आप से राजू धींगान की जगह रोहित मेहरौलिया हैं वहीं कांग्रेस से विजय कुमार और बीजेपी से किरण वैद्य अपना किस्मत अजमा रही हैं.



प्रमुख मुद्दे

इस विधानसभा में मुख्य समस्या, झुग्गी झोपड़ी को मकान देने से लेकर, प्रदूषण का है. यहां काफी संख्या में संख्या झुग्गियां हैं जिसको मकान में तब्दील करने की बाते सरकार करती रही हैं. बीजेपी अपने चुनाव प्रचार में तमाम झुग्गी झोपड़ियों को मकान में तब्दील करने का वादा कर रही है. वहीं आप भी झुग्गियों को उचित रिहायशी इलाके में तब्दील करने का वादा कर रही है जबकि कांग्रेस शीला दीक्षित के समय हुए तरक्की का हवाला देकर वोट मांग रही है.

जनता की राय

रोहित कुमार महरोलिया पार्षद थे और अब विधानसभा की सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इलाके के लोगों के मुताबिक बाल्मीकि समाज में उनकी गहरी पैठ है. त्रिलोकपुरी के राजेश कुमार कहते हैं कि  आप विधायक राजू धींगान के कार्यकाल में काम तो हुए लेकिन वो जनता से दूरी बनाकर रखते थे लेकिन रोहित महरोलिया बाल्मीकि समाज से जुड़े रहे हैं इसलिए इन्हें जीताकर केजरीवाल का हाथ मजबूत करेंगे.



वहीं राजेश चंद्रवंशी सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर सभी पार्टियों के रवैये से खासे नाराज दिखते हैं लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में उनके लिए स्थानीय मुद्दे ज्यादा महत्तव रखते  हैं. इलाके के मेहेर चंद का झुकाव बीजेपी की तरफ है वो कहते हैं कि आप विधायक  राजू धींगान पिछले पांच साल में कहीं नहीं दिखे और सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर वो केन्द्र सरकार के साथ हैं.



वहीं मोहम्मद सलीम के लिए स्कूल में परिवर्तन है बिजली और पानी बिल में कमी अहम है इसलिए इसको ध्यान में रखते हुए वोट देने की बात कह रहे हैं...वैसे उनका वोट किस पार्टी को जाएगा इस पर फिलहाल कुछ नहीं बोलने की बात कह रहे हैं..

वैसे कई स्थानीय निवासी का मानना है कि रोहित महरोलिया को टिकट देकर आप ने बाल्मीकि समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिश की है और आप की ऐसी पहल एंटी इनकंबेंसी को दूर करने में कारगर साबित होगा.

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First published: January 29, 2020, 9:17 PM IST
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