Indian Railways: चक्रवाती तूफान के अलर्ट के बाद अब रेलवे ने तैयार की ये रणनीति, इन इलाकों पर खास फोकस

रेलवे ने प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग के जरिए विशेष रुप से ध्यान देने की तैयारी की है.

रेलवे ने प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग के जरिए विशेष रुप से ध्यान देने की तैयारी की है.

Indian Railways: रेलवे की ओर से प्रभावित क्षेत्रों उदयपुर, बाड़मेर, जोधपुर, मारवाड़, पाली, सिरोही, जालौर, सीकर इत्यादि स्थानों में पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. वहीं, पानी भराव एवं कटाव जैसी स्थितियों के लिए पूरी तैयारी की गई है. इसमें पर्याप्त संख्या में मिट्टी के कट्टों की उपलब्धता तथा अनुरक्षण स्टाफ को अलर्ट रहने के लिए निर्देश प्रदान किए गए हैं.

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नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat) में उठे चक्रवाती तूफान टाउते (Cyclone Tauktae) को लेकर रेलवे पूरी तरीके से अलर्ट है. रेलवे की ओर से जहां संचालित ट्रेनों को रद्द करने का सिलसिला जारी है वहीं प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग के जरिए विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है.

बताते चलें कि गुजरात ‍(Gujarat) के तटीय क्षेत्रों (Coastal ‍Area) में आने वाले साइक्लोन (Cyclone) की चेतावनी के बाद से रेलवे (Railway) अपनी दर्जनभर स्पेशल ट्रेनों (Trains) को रद्द कर चुकी है. मौसम विभाग ने गुजरात के तटीय क्षेत्र में साइक्लोन टाउते की चेतावनी दी है.

इस चेतावनी के बाद अब रेलवे की ओर से प्रभावित क्षेत्रों उदयपुर, बाड़मेर, जोधपुर, मारवाड़, पाली, सिरोही, जालौर, सीकर इत्यादि स्थानों में पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. वहीं, पानी भराव एवं कटाव जैसी स्थितियों के लिए पूरी तैयारी की गई है. इसमें पर्याप्त संख्या में मिट्टी के कट्टों की उपलब्धता तथा अनुरक्षण स्टाफ को अलर्ट रहने के लिए निर्देश प्रदान किए गए हैं. हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा उच्चस्तर पर इसकी मॉनिटरिंग व समीक्षा की जा रही है.

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा एहतियात के तौर पर 12 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है तथा अन्य रेलवे की 6 ट्रेनें भी रद्द की गई हैं. साथ ही अन्य जोनल रेलवे (Zonal Railways) के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है.
इस बीच देखा जाए तो पश्चिमी तट की ओर से इसके आने की संभावना है. साथ ही चक्रवात के चलते सौराष्ट्र और कच्छ के समुद्र तट पर अलर्ट जारी है. मौसम विभाग की माने तो गुजरात के अलावा कई राज्यों में भी इसका असर होगा. पूर्व मध्य अरब सागर में इसकी रफ्तार तेज होने से सिर्फ गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा ही नहीं बल्कि, चक्रवाती तूफान, केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप को भी प्रभावित कर रहा है.

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