दिल्ली हिंसा: हॉस्पिटल में कोई तलाश रहा खोया बेटा तो किसी को है अपनों का इंतजार
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दिल्ली हिंसा: हॉस्पिटल में कोई तलाश रहा खोया बेटा तो किसी को है अपनों का इंतजार
बिहार के रहने वाले मोहम्मद इलियास अपने 16 साल के बेटे सोनू की तलाश कर रहे हैं.

दिल्ली हिंसा के बाद जीटीबी हॉस्पिटल के एक कोने में कई लोग अपने परिजन के शव का इंतजार करते दिख रहे हैं. दूर-दराज से आए लोगों में कोई बेटे को तलाश रहा है तो किसी को पति के शव का इंतजार है.

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  • Last Updated: February 28, 2020, 3:35 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में हिंसा (Delhi Violence) की घटनाओं के थमने के बाद कुछ कहानियां आपको हैरान कर देंगी तो कुछ सोचने पर मजबूर कर देगी. जरा रुकिए और सुनिए, ये दिल्ली के एक हॉस्पिटल का एक कोना है, जहां लोग अपनों के इंतजार में खड़े हैं. ये इंतजार उन लोगों का है, जिनकी हिंसा के दौरान मौत हो गई. पिछले दिनों हुई दिल्ली हिंसा में कई लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है. उनके परिवार के लोग उनकी पार्थिव देह का लंबे समय से जीटीबी अस्पताल के बाहर इंतजार कर रहे हैं. इन्हीं लोगों के बीच एक ऐसा परिवार भी मिला, जो बिहार के भागलपुर का रहने वाला है. यह परिवार यहां आकर अपने बेटे की तलाश कर रहा है.

भागीरथी विहार की रहने वाली मल्लिका की कहानी
दिल्ली के भागीरथी विहार में रहने वाली मल्लिका के पति सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हो गए. मल्लिका ने न्यूज 18 के साथ बातचीत में कहा कि 24 तारीख को अचानक कुछ लोग उनके घर में हेलमेट पहने घुसे और उसके पति को जबरदस्ती खींच कर ले गए. उग्र लोगों ने उनके पति को बुरी तरह से मारा-पीटा और आग लगाकर जला दिया. वो अपने पति के शव के लिए 3 दिन से इंतजार कर रही हैं. इस दौरान मल्लिका इंसाफ की बात कहती हैं और कई सवाल भी उठाती दिखीं. मल्लिका के साथ आई उनकी रिश्तेदार ने कहा कि आज दिल्ली में जो माहौल है, उससे मुसलमान दहशत में है. उन्होंने कहा कि सरकार आए और मुसलमानों के इस डर को दूर करें.

महेश तिवारी को बेटे की है तलाश
यूपी के हरदोई के रहने वाले महेश प्रसाद तिवारी ने कहा कि पिछले 12 साल से उनका बेटा दिल्ली में रह रहा था. 24 फरवरी को अचानक खबर आई कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा. तिवारी ने बताया कि उनका बेटा आलोक तिवारी दिल्ली की एक फैक्ट्री में डिब्बा बनाने का काम करता था. परिवार में उनके पोते और बहू हैं. लेकिन अब बेटा इस दुनिया में नहीं रहा. वह नफरत की बलि चढ़ गया.



राजनेता चमका रहे हैं अपनी राजनीति
महेश प्रसाद तिवारी ने आरोप लगाया कि राजनेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए दिल्ली में इस दहशत के माहौल को बनाए हुए हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कोई सुनवाई कर रही है. 3 दिन से हम अपने बेटे की बॉडी लेने के लिए बैठे हुए हैं, लेकिन यहां हमारी बात सुनने वाला कोई नहीं हैं.

परिजनों के शव के लिए भटक रहे हैं लोग
अस्पताल में मौजूद समाजसेवी हसन ने मीडिया को बताया कि कई लोग डेड बॉडी लेने के लिए शवगृह के आसपास या यहां-वहां भटक रहे हैं. लेकिन अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि अस्पताल को एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए थी, ताकि लोगों की परेशानियों को खत्म करने में वह उनकी मदद करे.

भागलपुर के रहने वाले इलियास तलाश रहे बेटा
बिहार भागलपुर के रहने वाले मोहम्मद इलियास भी 3 दिन से अपने बेटे की तलाश कर रहे हैं. मोहम्मद इलियास का कहना है कि 2 साल पहले वह भागलपुर से शास्त्री पार्क में काम की तलाश में आए थे और 2 साल से यहां रह रहे हैं. 3 दिन पहले उनका बेटा सोनू घर से यह कहकर निकला था कि काम की तलाश में जा रहा है, लेकिन जब रात तक वह नहीं लौटा तो उसे ढूंढना शुरू किया. फिलहाल वे सोनू की तस्वीर हाथ में लिए जीटीबी अस्पताल में भटक रहे हैं. उनके साथ-साथ परिवार के अन्य लोग भी परेशान हैं.

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