ऑक्‍सीजन के बाद अब बेड की कमी से जूझेगी दिल्‍ली, कोविड मरीजों के लिए सिर्फ एक वेंटीलेटर-ICU बेड खाली

कोरोना की सबसे पहली लहर के दौरान भी वेंटिलेटर की किल्लत का मसला आया था (Photo - news18 English via AP)

कोरोना की सबसे पहली लहर के दौरान भी वेंटिलेटर की किल्लत का मसला आया था (Photo - news18 English via AP)

ऑक्‍सीजन की कमी के चलते पहले से कराह रही दिल्‍ली अब कोरोना मरीजों के लिए बेड की कमी से भी जूझेगी. दिल्‍ली सरकार के अनुसार दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों में सिर्फ ही एक ही वेंटीलेटर युक्‍त आईसीयू बेड खाली बचा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 4:39 PM IST
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नई दिल्‍ली. राजधानी के अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन (Oxygen) की कमी से मचे हाहाकार के बाद अब एक और बड़ी मुसीबत खड़ी होने वाली है. दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों में आज सिर्फ एक वेंटीलेटर युक्‍त ICU बेड खाली है. ऐसे में दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों में इलाज के लिए आने वाले कोविड मरीजों के लिए इलाज के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं.

कोरोना के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे अगर दो मरीज भी दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों में आते हैं तो उनमें से भी एक को ही वेंटीलेटर युक्‍त आईसीयू बेड (ICU Bed With Ventilator) मिल पाएगा. बेहद चिंतनीय है कि दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों में कोविड मरीजों के लिए बनाए गए 1472 वेंटीलेटर युक्‍त आईसीयू बेड में से 1471 बेड पर मरीज हैं जबकि सिर्फ एक बेड ही खाली है. यह जानकारी दिल्‍ली सरकार की ओर से दी गई है.

वहीं आईसीयू बेड की बात करें तो कुल 3018 बेड में से 2994 बेड पर मरीज भर्ती हैं. इनमें से सिर्फ 24 बेड ही खाली हैं. इनके अलावा मोडरेट या माइल्‍ड लक्षणों वाले या बिना ऑक्‍सीजन के अस्‍पताल में रहने वाले कोरोना मरीजों के लिए दिल्‍ली में कुल 24453 बेड बनाए गए हैं. इनमें से 18427 बेड फुल हो चुके हैं, वहीं 2026 बेड खाली हैं. जहां आने वाले मरीजों को इलाज मिल सकता है.

दिल्‍ली में रोजाना बढ़ते कोरोना के गंभीर मरीजों के चलते स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍था भी चरमरा गई है. एक तरफ दिल्‍ली के सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन की कमी से भारी संकट पैदा हो गया है वहीं दूसरी ओर अब अस्‍पतालों के फुल होने से और भी मुसीबत बढ़ने की आशंका  है.
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