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  • AFTER THE DELHI HIGH COURT DECISION ARVIND KEJRIWAL MINISTER IMRAN HUSSAIN SAID THE COURT HAS ACQUITTED ME AND

द‍िल्‍ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद केजरीवाल के मंत्री बोले, अदालत ने मुझे बरी कर दिया है और...

हाईकोर्ट ने इमरान हुसैन के खिलाफ ऑक्सीजन सिलेंडर जमाखोरी मामले में दायर याचिका को खारिज कर द‍िया है.

Delhi News: हाईकोर्ट ने इमरान हुसैन के खिलाफ ऑक्सीजन सिलेंडर जमाखोरी मामले में दायर याचिका को खारिज कर द‍िया है. इमरान हुसैन ने दिल्ली हाई कोर्ट को तमाम दस्तावेज दिखाए, जिससे साफ हो गया कि ऑक्‍सीजन सिलेंडर और सिलेंडर में ऑक्सीजन भरवाना सब हरियाणा से हुआ है.

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    द‍िल्‍ली की आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री इमरान हुसैन को दिल्‍ली हाईकोर्ट से गुरुवार को राहत म‍िली है. हाईकोर्ट से राहत म‍िलने के बाद इमरान हुसैन ने ट्वीट करके कहा क‍ि मैंने ऑक्सीजन मुफ्त वितरण करके अपने क्षेत्रवासियों की सेवा की, कुछ लोगों को ये पंसद नहीं आया और मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए. आज माननीय न्यायालय ने मुझे बरी कर दिया है. मैं ऐसे जनता की सेवा करता रहूंगा, मेरा पूरा ध्यान जनता की सेवा पर केंद्रित है.

    हाईकोर्ट ने इमरान हुसैन के खिलाफ ऑक्सीजन सिलेंडर जमाखोरी मामले में दायर याचिका को खारिज कर द‍िया है. इमरान हुसैन ने दिल्ली हाई कोर्ट को तमाम दस्तावेज दिखाए, जिससे साफ हो गया कि ऑक्‍सीजन सिलेंडर और सिलेंडर में ऑक्सीजन भरवाना सब हरियाणा से हुआ है. जबकि याचिका में आरोप लगाया था कि इमरान हुसैन ने दिल्ली सरकार के कोटे का ऑक्सीजन सिलेंडर और गैस अपने विधानसभा में बांटा था, लेकिन ये आरोप दिल्ली हाई कोर्ट में गलत साबित हुए, जिसके बाद इमरान हुसैन के खिलाफ चल रहे मामले को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया.

    दिल्ली के मंत्री इमरान हुसैन पर ऑक्सीजन की जमाखोरी करने के मामले में दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया. इसमें हलफनामे में होईकोर्ट में दिल्ली सरकार ने कहा कि इमरान हुसैन ने दिल्ली सरकार के कोटे से ऑक्सीजन का इस्तेमाल नहीं किया है. उन्होंने अपने पर्सनल कैपेसिटी के आधार पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की है.

    आपको बता दें कि बीते सोमवार को दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री इमरान हुसैन हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच के सामने पेश हुए थे. उन्होंने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने पर्सनल कैपेसिटी में फरीदाबाद से ऑक्सीजन गैस भरवाए थे. ऑक्सिजन सिलेंडर को भाड़े पर लिया था. इस बाबत उनके पास कागजात भी है, जिस पर हाई कोर्ट ने उन्हें कहा था कि पर्सनल कैपेसिटी में कर रहे है, तो करते रहिए कोर्ट रोक नहीं रहा है. लेकिन दिल्ली सरकार के कोटे से न ही ऑक्सीजन गैस और न ही सिलेंडर लेने की अनुमति कोर्ट देते है, क्योंकि ऐसे समय मे अस्पतालों में कमी है.