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Delhi News: MCD का एकीकरण हो जाने के बाद फंड नहीं रोक सकेगी दिल्ली सरकार, जानें वजह

MCD: इस संशोधन बिल के तहत 1957 के मूल अधिनियम में भी कुछ और संशोधनों को मंजूरी दी गई है.

MCD: इस संशोधन बिल के तहत 1957 के मूल अधिनियम में भी कुछ और संशोधनों को मंजूरी दी गई है.

दिल्‍ली नगर निगम (संशोधन) बिल (Delhi Municipal Corporation Amendment) Bill) को पिछले दिनों मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. दिल्‍ली नगर निगम (संशोधन) बिल (Delhi Municipal Corporation Amendment) Bill) को पिछले दिनों मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) ने मंजूरी प्रदान कर दी है. इस बिल को संसद के मौजूदा बजट सत्र- 2022 (Parliament Budget Session 2022) में ही पेश किए जाने की संभावना है. सूत्रों की मानें तो एकीकृत नगर निगम (MCD) को पहले से अधिक वित्तीय अधिकार (Financial Rights) मिलेंगे, जिससे तीन नगर निगमों के कामकाज को लेकर व्यय एवं खर्च की देनदारियां कम होंगी. बीजेपी का कहना है कि तीनों निगमों को अब सीधे केंद्र सरकार से फंड मिलेगा और शहर का विकास होगा. बता दें कि इस संशोधन बिल के तहत 1957 के मूल अधिनियम में भी कुछ और संशोधनों को मंजूरी दी गई है, जिससे पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और दिल्ली के लोगों के लिए प्रभावी सेवाओं को लेकर ठोस आपूर्ति ढांचा सुनिश्चित किया जा सके.

दिल्ली नगर निगम के तीनों निगम के एक होने की एकीकरण को लेकर सियासी महकमों में भी चर्चा काफी गर्म हैं. ऐसे में अगर एकीकरण लागू हुआ तो नए प्रावधानों के तहत किस समुदाय के लिए कितनी सीट आरक्षित रहेंगी? इस सवाल पर सबकी नजरें हैं. केंद्र सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले से दिल्‍ली का व्‍यापारी वर्ग काफी उत्साहित है.

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दिल्ली के तीनों MCD को एक करने का बिल मोदी कैबिनेट से पास, अब संसद सत्र में आएगा विधेयक

एमसीडी का एकीकरण के बाद क्या होगा?
जानकार मानते हैं कि तीनों निगम को एक करने के प्रस्ताव को कैबिनेट द्वारा पास किए जाने का दूरगामी परिणाम दिखाई देगा. इस फैसले से देश की राजधानी एक आदर्श दिल्ली के रूप में पूरे विश्व में जानी जाएगी. साथ ही फंड के अभाव में दिल्ली नगर निगम की योजनाएं अब दम नहीं तोड़ेंगी. दिल्ली के लोगों को अच्छी सुविधा मिलेंगी. अब दिल्ली नगर निगम का फंड केजरीवाल सरकार रोक नहीं पाएगी.

एमसीडी को इसलिए एकीकृत किया गया
दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता का कहना है कि तीनों निगम के एक होने से निगम और मजबूत बनेगा. बेहतर सफाई, प्राइमरी एजुकेशन, प्राइमरी हेल्थ, पार्कों के रखरखाव और दूसरी बीमारियों से लड़ने का काम में और तेजी आएगी. एमसीडी दिल्ली के लिए लाइफ लाइन है. पहले फाइनेंस स्थिति भी अच्छी नहीं थी. दिल्ली सरकार भी फंड रोक रही थी. दिल्ली में खासकर पार्कों का रखरखाव, छोटी नालियों की मरम्मत करना, जेजे कॉलनी में काम करना, गांव में काम करना, सफाई व्यवस्था के लिए काम करना यह ऐसे 6 तरीके के फंड थे जो 7 सालों में दिल्ली सरकार ने रोक दिया था. दिल्ली सरकार निगम को कमजोर कर रही थी. अब दिल्ली बेहतर बनेगी और अच्छे काम होंगे.’

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Delhi MCD Election: एमसीडी के विलय वाले बिल से केंद्र को फंडिंग का विकल्प मिल सकता है (फाइल फोटो)

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साल 2017 के एमसीडी चुनाव में 270 में से 181 वार्डों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. वहीं आम आदमी पार्टी को 48 सीटों और कांग्रेस को 30 सीटें पर जीत नसीब हुई थी. अब संसद में पास होने के बाद दिल्ली में तीन की जगह अब सिर्फ एक ही मेयर होगा. इसके अलावा नॉर्थ, साउथ और ईस्ट के बदले एक सिर्फ एक ही निगम होगा. साथ ही नगर निगम के कर्मचारी बार-बार हड़ताल पर जाते हैं उससे भी छुटकारा मिलेगा. बता दें कि दिल्ली नगर निगम में चुनाव 18 मई से पहले करवाना अनिवार्य है. ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग को एक महीने का वक्त भी चाहिए कि वो तारीखों को ऐलान कर सके.

Tags: AAP, BJP, Delhi MCD, Delhi MCD Elections, Modi government

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