महिलाओं के बाद अब CM केजरीवाल ने ऑड-ईवन स्कीम से इनको दी छूट
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महिलाओं के बाद अब CM केजरीवाल ने ऑड-ईवन स्कीम से इनको दी छूट
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने दिल्ली में पीने का पानी को लेकर बड़ा खुलासा किया था. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind kejriwal) ने महिलाओं के बाद अब ऑड-ईवन स्कीम से इनको छूट दे दी है.

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दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में आगामी 4 से 15 नवंबर तक ऑड-ईवन (Odd-Even) स्कीम एक बार फिर से लागू होने जा रही है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ऑड-ईवन को लेकर बुधवार को कहा कि इस योजना से दिव्यांग लोगों को छूट दी जाएगी. दरअसल, एक शख्स ने ट्वीट कर सीएम केजरीवाल से पूछा था, 'सर मैं दिव्यांग हूं और मेट्रो में बैठने में असमर्थ हूं. ऐसे में मैं 4 से 15 नवंबर के बीच कैसे सफर कर सकता हूं.' इसके बाद केजरीवाल ने ट्वीट के जवाब में लिखा कि जी हां दिव्यांग लोगों को ऑड-ईवन योजना से निश्चित तौर पर छूट दी जाएगी. मालूम हो कि पिछले हफ्ते अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं को इससे छूट देने की घोषणा की थी. आज उन्होंने दिव्यांगों को ऑड-ईवन योजना से राहत दी है.

बता दें कि नवंबर-दिसंबर महीने में दिल्ली के आस-पास के राज्यों में पराली जलाई जाती है. इस वजह से दिल्ली गैस चैंबर बन जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ दिन पहले सीएम ने एक शीतकालीन कार्य योजना बनाई है. इसी के तहत कुछ दिन पहले ऑड-ईवन स्‍कीम दोबारा से लागू करने की घोषणा भी हुई थी. ऑड-ईवन योजना के तहत सरकार सम-विषम नंबर के वाहनों के उपयोग का दिन तय करती है. सरकार यह कदम वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को सीमित करने के उद्देश्य से उठाया जाता है.





एक्शन प्लान को लागू करने के लिए तैयार है
दिल्ली बीते कुछ सालों से पराली के कारण आने वाले धुएं का सामना कर रही है. चूंकि दिल्ली सरकार एक्शन प्लान को लागू करने के लिए तैयार है. इसलिए सवाल यह है कि वाहन चालकों के किस सेगमेंट को वैकल्पिक दिन छूट दी जानी चाहिए? दिल्ली सरकार के मुताबिक, जनता के साथ-साथ संबंधित विभागों से भी इस मामले पर विभिन्न विचार सामने आए हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के सीएम ने परिवहन विभाग से स्पष्ट राय मांगी है. केजरीवाल ने विभाग को अगले 3 दिनों के भीतर अपने विचार प्रस्तुत करने को कहा है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है महिलाओं का मसला. महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से वर्ष 2016 में इस योजना को लागू किया गया था तो सभी वाहनों में केवल महिला यात्रियों को ही छूट दी गई थी. सरकार का मानना है कि दिल्ली में महिलाएं अपने वाहनों में ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं, इस कारण पिछली बार ऐसा किया गया था.

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