कोरोना वैक्सीन को लेकर मचे घमासान के बीच एम्स निदेशक का बड़ा बयान, बोले- चिंता करने की जरूरत नहीं

 AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि ये नया साल शुरू करने का अच्छा तरीका है. दोनों वैक्सीन भारत में बनी हैं और एक वैक्सीन मेक इन इंडिया है. (फाइल फोटो)

AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि ये नया साल शुरू करने का अच्छा तरीका है. दोनों वैक्सीन भारत में बनी हैं और एक वैक्सीन मेक इन इंडिया है. (फाइल फोटो)

रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत में एक वैक्सीन अध्ययन के कई चरणों से होकर गुजरती है, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि ये सुरक्षित है. इसलिए मुझे नहीं लगता कि हमें वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंता करनी चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 4:30 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में दो कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने मंजूरी दे दी है. सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड (Covishield) और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) को यह मंजूरी मिली है. लेकिन इसी के साथ इसके साइड इफेक्ट को लेकर अफवाहें भी फैलनी शुरू हो गई हैं.

इसी बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक ( director) रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने कहा कि भारत में एक वैक्सीन अध्ययन के कई चरणों से होकर गुजरती है, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि ये सुरक्षित है. कई स्तरों पर सुरक्षा को देखा जाता है इसलिए मुझे नहीं लगता कि हमें वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंता करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ये नया साल शुरू करने का अच्छा तरीका है. दोनों वैक्सीन भारत में बनी हैं और एक वैक्सीन मेक इन इंडिया है. पहले जहां हमें कई उत्पादों के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता था, अब हमारे पास वैक्सीन हैं जो कि भारत में बन रही हैं.



अफवाह फैलाने वाले बयान
आपको बता दें कि कोरोना वैक्सीन को लेकर कहा जा रहा है कि वैक्सीन लगवाने के बाद इंसान नपुंसक हो सकता है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को लखनऊ में कहा था कि मैं बीजेपी की कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा, क्योंकि मुझे बीजेपी पर भरोसा नहीं है. वहीं मिर्जापुर से सपा के एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि कोविड 19 की वैक्सीन में कुछ तो है जो लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसी के साथ उन्होंने कहा कि कल को लोग कहेंगे कि ये वैक्सीन उन्हें मारने या फिर जनसंख्या को कम करने के लिए दी गई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ भी हो सकता है, ये भी संभव है कि इस वैक्सीन को लगवाने के बाद लोग नपुंसक हो जाएं.

DCGI ने बकवास बताया

देश में तेजी से बढ़ रही ऐसी अफवाहों को देखते हुए DCGI ने इसे बकवास बताया है और इस ​तरह की अफवाहों से बचने की सलाह दी है. डीसीजीआई कहा कि जिन दो वैक्सीन को मंजूरी दी गई है वह 110 प्रतिशत पूरी तरह से सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि अगर वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर जरा भी चिंता होती तो वे इसके इस्तेमाल की इजाजत नहीं देते. इन्होंने कहा कि वैक्सीन लेने के बाद हल्का बुखार, सरदर्द, एलर्जी जैसी मामूली दिक्कतें हो सकती हैं.
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