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Air Force Day: देश के पहले मुस्लिम एयर फोर्स चीफ ने Pakistan के इस ऑफर पर दिया था ये करारा जवाब
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नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: October 8, 2019, 11:48 AM IST
Air Force Day: देश के पहले मुस्लिम एयर फोर्स चीफ ने Pakistan के इस ऑफर पर दिया था ये करारा जवाब
मिग के दो वर्जन एयर फोर्स में शामिल कराने में भी हसन लतीफ का अहम रोल रहा था. (File Photo)

इदरीस हसन लतीफ (Idris Hasan Latif) ऐसे एयर चीफ थे जो अपनी सर्विस के दौरान रॉयल इंडियन एयर फोर्स (Royal Indian Air Force) का भी हिस्सा रहे और बाद में पाकिस्तान (Pakistan) की एयर फोर्स के प्रस्ताव को ठुकरा कर इंडियन एयर फोर्स के सबसे बड़े पद एयर चीफ मार्शल (Air Chief Marshal) तक पहुंचे.

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  • Last Updated: October 8, 2019, 11:48 AM IST
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नई दिल्ली. इदरीस हसन लतीफ (Idris Hasan Latif), ये ही नाम था देश के पहले मुस्लिम (Muslim) एयर फोर्स चीफ (Air Force Chief) का. देश के बंटवारे से पहले 1941 में लतीफ रॉयल इंडियन एयर फोर्स में भर्ती हुए थे. लेकिन जब 1947 में देश के दो टुकड़े हुए तो उनके सामने दो विकल्प थे, इंडियन या पाक एयर फोर्स (Pakistan Air Force). लेकिन लतीफ ने इंडियन एयर फोर्स को चुना. एयर चीफ मार्शल (Air Chief Marshal) के पद से रिटायर होने के बाद लतीफ महाराष्ट्र के राज्यपाल (Governer) और फ्रांस (France) में भारत के राजदूत भी बने. दिल्ली (Delhi) में आज उनको याद करते हुए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है.

पाकिस्तान का एयर चीफ बनने का मिला था मौका
बंटवारे के समय लतीफ भारत में ही रह गए और उनके दोस्त मलिक नूर और असगर खान पाकिस्तान चले गए. वो पाक सेना के प्रमुख भी बने. एयर फोर्स से रिटायर्ड एयर कमोडोर एफएम खान बताते हैं, जब उनके दोस्त पाकिस्तान में उच्च पदों पर बैठे तो उन्होंने लतीफ साहब को भी ऑफर दिया कि अगर आप पाकिस्तान की एयर फोर्स में शामिल हो जाओ तो आपको चीफ बना दिया जाएगा. लेकिन लतीफ साहब ने इस ऑफर को ये कहकर ठुकरा दिया कि मैं अपनी फौज का सिपाही ही बना रहना चाहता हूं.

1971 की जंग में दिखाए जौहर



जानकार बताते हैं कि बंटवारे से पहले लतीफ और पाकिस्तान चले गए दोनों दोस्त मलिक नूर और असगर खान ने भारत में रहते हुए कई लड़ाई लड़ीं. दूसरे विश्वयुद्ध में भी साथ लड़े. लेकिन 24 साल बाद 1971 की जंग में तीनों दोस्त आमने सामने थे. इस जंग में पाकिस्तान को सरेंडर करना पड़ा था. उस वक़्त इदरीस हसन असिस्टेंट एयर चीफ के पद पर थे. मिग-23 और बाद में मिग-25 को इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में शामिल कराने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी.

हैदराबाद के रहने वाले थे लतीफ
जून, 1923 में इदरीस हसन लतीफ का जन्म हैदराबाद में हुआ था. बीते वर्ष एक मई, 2018 को 94 वर्ष की उम्र में उनका इंतकाल (देहांत) हो गया था. इदरीस एयर फोर्स से 1981 में रिटायर हुए थे. इदरीस देश के 10वें वायु सेना प्रमुख बने थे.

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First published: October 8, 2019, 8:38 AM IST
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