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दशहरा पर खूब जले रावण लेकिन दिल्‍ली में नहीं बढ़ा प्रदूषण, ये तीन वजहें आई सामने

दशहरा पर रावण दहन के बाद भी दिल्‍ली में नहीं बढ़ा प्रदूषण.

दशहरा पर रावण दहन के बाद भी दिल्‍ली में नहीं बढ़ा प्रदूषण.

पिछले साल यानि 2021 में 15 अक्टूबर को पूरे देश में दशहरा मनाया गया था हालांकि महज 24 घंटे के भीतर ही दिल्ली की एयर क्‍व ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

दशहरा पर रावण दहन के बावजूद कई साल बाद दिल्‍ली में हवा की गुणवत्‍ता खराब नहीं हुई है.
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश से दिल्‍ली की एयर क्‍वालिटी सुधरेगी.
हवा का रुख एक बार फिर पूरब से होने के कारण पराली का धुआं भी यहां प्रभाव नहीं आ रहा.

नई दिल्‍ली. दिवाली से पहले दशहरा का त्‍यौहार आते ही हर साल जहां अन्‍य जगहों पर रहने वाले लोगों के मन में खुशी आती है वहीं दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रहने वालों को प्रदूषण (Pollution) का डर सताने लगता है. हर साल दशहरे के बाद से ही दिल्‍ली सहित आसपास के राज्‍यों में प्रदूषण और स्‍मॉग बढ़ने लगता है हालांकि इस बार राहत देखने को मिली है. भारतीय मौसम विभाग की मानें तो कई सालों के बाद पहली बार दशहरा (Dussehra) पर रावण जलाने और पटाखे फोड़ने के बाद भी दिल्‍ली-एनसीआर की एयर क्‍वालिटी में खास फर्क नहीं पड़ा, उल्‍टा दिल्‍ली की हवा (Air Quality of Delhi) आने वाले दिनों में सुधरने वाली है.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक वीके सोनी कहते हैं कि हर साल दशहरा के बाद दिल्‍ली-एनसीआर में स्‍मॉग बढ़ने लगता था. एकाएक हवा में प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ना शुरू हो जाता था. ठहरी हुई प्रदूषित हवा (Polluted air) में सांस लेने में भी दिक्‍कत होने लगती थी. दिल्‍ली सहित आसपास के शहरों की एयर क्‍वालिटी भी मॉडरेट से खराब या बहुत खराब तक पहुंच जाती थी लेकिन कई सालों बाद इस बार देखा जा रहा है कि एयर क्‍वालिटी (Air Quality) जो पहले मॉडरेट थी दशहरा के बाद भी वही बनी हुई है. इतना ही नहीं आने वाले 3-4 दिनों में हवा की गुणवत्‍ता में सुधार भी देखने को मिलेगा.

इन तीन वजहों से सुधरी दिल्‍ली की हवा

दिल्‍ली एनसीआर में रावण दहन के एक दिन बाद हवा की गुणवत्‍ता मॉडरेट से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच रही है.

दिल्‍ली एनसीआर में रावण दहन के एक दिन बाद हवा की गुणवत्‍ता मॉडरेट से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच रही है.

वी के सोनी कहते हैं कि दिल्‍ली की हवा में रावण दहन के बाद हुए इस अच्‍छे बदलाव के पीछे तीन प्रमुख वजहें हैं. पहली वजह है दिल्‍ली-एनसीआर में होने वाली बारिश. दशहरे के आसपास इन इलाकों में हुई बारिश से हवा में प्रदूषण का प्रभाव काफी कम हुआ है. बारिश से हवा में जो भी प्रदूषण के कण मौजद थे वे भी जमीन पर आ गए हैं. दूसरी जो सबसे बड़ी वजह है वह है ईस्‍टरली विंड (Easterly Wind) का शुरू हो जाना. पिछले कुछ दिनों में पश्चिम की तरफ से हवा आ रही थी ऐसे में पाकिस्‍तान के कुछ इलाकों और पंजाब (Punjab) में कुछ जगहों पर जल रही पराली (Crop Residue) का धुआं दिल्‍ली की तरफ बढ़ रहा था लेकिन अब हवा का रुख बदलने से धुआं और प्रदूषण इधर नहीं आ पा रहा है.

तीसरी जो वजह है वह है पराली का इस बार कम जलना. मौसम विभाग को मिले आंकड़े बताते हैं कि रोजाना औसतन 50-60 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं हो रही हैं. इसकी वजह से भी दिल्‍ली की हवा इस बार कम प्रदूषित है.

3-4 दिन बारिश से सुधरेगी हवा की गुणवत्‍ता

Tags: Air pollution, Air Pollution AQI Level, Dussehra Festival

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