Delhi Air Pollution: और जहरीली हुई दिल्‍ली की हवा, खतरनाक स्‍तर तक पहुंचा वायु प्रदूषण

दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.
दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.

Delhi Air Pollution: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) आने वाले 5-6 दिन तक हालात में किसी भी तरह के सुधार होने की उम्मीदों को नकार चुका है. वहीं, दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के उपायों में जुटी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 3:23 PM IST
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नई दिल्ली. अक्टूबर के अभी 14 दिन ही बीते हैं, लेकिन इस महीने के दूसरे दिन से ही दिल्ली की आवोहवा खराब होनी शुरू हो गई है. तमाम प्रयासों के बावजूद दिल्‍ली में वायु प्रदूषण (Delhi Air Pollution) ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है. दिल्ली की बात करें तो हवा में पीएम (पार्टीकुलेट मैटर्स) का लेवल 322 तक पहुंच गया है. दिल्‍ली के द्वारका इलाके में तो यह 373 के स्तर पर पहुंच चुका है. ऐसे में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले 5-6 दिन तक हालात ऐसे ही रहने की बात कही है. दिल्ली सरकार ने पराली और पावर प्लांट (Power Plant) को बंद करने की मांग करते हुए कई तरह के कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीबीसीबी) के अनुसार, 15 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे पंजाबी बाग में पीएम लेवल 334, आनंद विहार में 327, आया नगर में 313, मथुरा रोड पर 334, द्वारका में सबसे खतरनाक 373, आईटीओ भी 367 तक पहुंच चुका था. वहीं, लोधी रोड इलाके में पीएम का स्‍तर 191 तक था. गौरतलब रहे कि लोधी रोड को छोड़कर बाकी सभी इलाके खराब हालत में हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि आने वाले 5-6 दिनों में न तो बारिश होने की कोई संभावना है और न ही हवा में किसी भी तरह का कोई बदलाव आने की गुंजाइश.

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केजरीवाल बोले- रेड लाइट ऑन तो इंजन ऑफ का करें पालन
सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्‍ली में 1 करोड़ वाहन रजिस्‍टर्ड हैं. इनमें से यदि 10 लाख वाहन भी रेड लाइट ऑन होते ही अपनी गाड़ी बंद कर लेंगे तो वायु प्रदूषण में काफी कमी आएगी. साथ ही उन्‍होंने बताया कि ऐसा करने से वाहन चालक सालाना 7000 रुपये की बचत भी कर सकेंगे. सीएम केजरीवाल ने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए कार, ऑटो, बस आदि सबका साथ मांगा है, ताकि दिल्‍ली को वायु प्रदूषण से निजात दिलाई जा सके.

बता दें कि केंद्र सरकार ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सीपीसीबी की 52 टीमें बनाई हैं, जो दिल्ली से लगे राज्यों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी में जाएंगी और वहां पर प्रदूषण के स्तर का जायजा लेंगी. ये सभी आज गुरुवार को रवाना हो गई हैं. सभी राज्यों में जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है, वहीं पर टीमें जाकर देखेंगी कि पर्यावरण मंत्रालय के द्वारा जारी निर्देशों का यहां पर पालन किया जा रहा है या नहीं. सीपीसीबी की इस टीम के बारे में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने खुद जानकारी दी है.
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