राजीव गांधी के भारत रत्न पर AAP में घमासान, अलका लांबा की पार्टी से छुट्टी

अलका लांबा.
अलका लांबा.

दिल्‍ली विधानसभा में राजीव गांधी के भारत रत्‍न को वापस लेने के प्रस्‍ताव को लाने पर आम आदमी पार्टी ने अलका लांबा, सोमनाथ भारती पर कार्रवाई की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 22, 2018, 2:57 PM IST
  • Share this:
आम आदमी पार्टी ने विधायक अलका लांबा से इस्‍तीफा ले लिया है. सूत्रों ने बताया कि उनकी प्राथमिक सदस्‍यता भी रद्द कर दी गई है. दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित हुआ है. इस प्रस्ताव के विरोध में अलका लांबा ने सदन से वॉक आउट कर दिया था. वॉक आउट के बाद उन्होंने कहा था कि इसका जो भी परिणाम होगा वह भुगतने को तैयार हैं. हालांकि बाद में आम आदमी पार्टी ने बाद में इस प्रस्ताव पर यू-टर्न ले लिया.

चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी विधायक ने कहा, "मेरे वॉक आउट के बाद मुख्यमंत्री ने मुझे मैसेज किया कि मैं अपना इस्तीफा दे दूं." विधायकी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, "मैंने पार्टी की टिकट पर चुनाव जीता है, पार्टी चाहती है तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं."

लांबा ने आगे कहा, "राजीव गांधी ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं और विधानसभा में मैंने उनका भारत रत्न वापस लेने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया. पार्टी ने मुझसे इस्तीफा मांगा है क्योंकि मैं पार्टी के फैसले के खिलाफ खड़ी हुई."



वहीं, खबर है कि इस मामले में सोमनाथ भारती को प्रवक्‍ताओं के पैनल से हटा दिया गया है.
आम आदमी पार्टी का यू टर्न
इस मामले में आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा प्रस्ताव मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी से भारत रत्न छीनने वाला हिस्सा सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था. उन्होंने कहा, "मूल प्रस्ताव में हमने 1984 के नरसंहार के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की थी. राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा अमेंडमेंट सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था. सदन में मूल प्रस्ताव पास हुआ लेकिन भारती का प्रस्ताव पास नहीं किया गया."

हालांकि अलका लांबा ने बाद में इस संबंध में ट्वीट किया है, जिसमें राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने वाला हिस्सा हाथ से लिखा हुआ नहीं बल्कि प्रिंटेड नजर आ रहा है.



विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया, 'दिल्ली सरकार को गृह मंत्रालय को कड़े शब्दों में यह लिख कर देना चाहिए कि राष्ट्रीय राजधानी के इतिहास के सर्वाधिक वीभत्स जनसंहार के पीड़ितों के परिवार और उनके अपने न्याय से वंचित हैं.’

सदन ने सरकार को निर्देश दिए कि वह गृह मंत्रालय से कहे कि वह भारत के घरेलू आपराधिक कानूनों में मानवता के खिलाफ अपराध और जनसंहार को खासतौर पर शामिल करने के लिए सभी महत्वपूर्ण और जरूरी कदम उठाए. सिख दंगा मामले में हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार और अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

आप विधायक जरनैल सिंह ने इस प्रस्ताव को पेश किया था. माना जा रहा है कि केजरीवाल सरकार ने सिख समुदाय के वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए यह कदम उठाया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज