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अंबेडकर कॉलेज के शिक्षकों को नहीं मिल रही सैलरी, धरना देकर द‍िल्ली सरकार को दी चेतावनी! 

स्टॉफ को सैलरी नहीं मिलने पर दिल्ली सरकार के खिलाफ धरना देकर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज किया है. 

स्टॉफ को सैलरी नहीं मिलने पर दिल्ली सरकार के खिलाफ धरना देकर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज किया है. 

दिल्ली सरकार की ओर से पूर्ण वित्त पोषित डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज के स्टॉफ की सैलरी कई महीनों से लंबित है. पिछले साल से दिल्ली सरकार के कॉलेजों में वेतन और अन्य ग्रांट अपर्याप्त होने के साथ-साथ अनियमित रूप से जारी हो रही है. इसके चलते इन कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन समय पर नहीं मिल रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 6:06 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) के पूर्ण वित्त पोषित डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज के शिक्षकों को शिक्षकों और कर्मचारियों को कई माह से वेतन और ग्रांट नहीं मिल रही है. अब इस मांग को लेकर शिक्षकों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ धरना देकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी किया है. साथ ही मांग की है कि स्टॉफ की सैलरी तुरंत रिलीज की जाए.


धरना दे रहे शिक्षकों का आरोप है कि दिल्ली सरकार की ओर से स्टॉफ की सैलरी कई महीनों से लंबित है.  पिछले साल से दिल्ली सरकार के कॉलेजों में वेतन और अन्य ग्रांट अपर्याप्त होने के साथ-साथ अनियमित रूप से जारी हो रही है. इसके चलते इन कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन समय पर नहीं मिल रहा है.


शिक्षकों ने कहा कि कई-कई महीने बीत जाने के बाद वेतन मिलने से शिक्षकों और कर्मचारियों को अपना घर चलाना दूभर हो रहा है. इन कॉलेजों में हजारों की संख्या में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने घर की मासिक किस्त और किराए से लेकर बच्चों की फीस भरने तथा रसोई का खर्च चलाना भी मुश्किल होने लगा है.


भीमराव अंबेडकर कॉलेज की स्टॉफ एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ रवि शंकर रवि ने बताया कि कॉलेज में लगभग 4 महीने के वेतन के लिए शिक्षक और कर्मचारी अभी भी इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान होना चाहिए, नहीं तो हम चुप नहीं रहेंगे और इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा.




दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) की कार्यकारी परिषद के नवनिर्वाचित सदस्य डॉ वी एस नेगी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हम अंबेडकर कॉलेज के शिक्षक-कर्मचारियों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को पूर्ण समर्थन करते हैं. उन्होंने जल्द से जल्द ग्रांट जारी करने की मांग सरकार से की ताकि शिक्षक-कर्मचारियों को महामारी के दौर में वित्तीय मुश्किलों का सामना ना करना पड़े. उन्होंने कहा कि सरकार को हिसाब लेने का अधिकार तब है जब वह पूरी ग्रांट समय पर जारी करे.


डूटा (DUTA) अध्यक्ष राजीव रे ने भी धरने को संबोधित करते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों की मांग से अपनी पूर्ण सहमति जताई. कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष पुष्पेंद्र दहिया ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों ने कोरोना (Corona) महामारी में हरसंभव प्रशासनिक सहयोग किया है, चाहे वह प्रशासनिक कार्य हो, दाखिले, परीक्षा या पुस्तकालय से सम्बन्धित विद्यार्थियों का अन्य कोई काम हो, सभी मेें कर्मचारियों और शिक्षकों ने पूर्ण रूप से सहयोग किया है. उन्होंने दिल्ली सरकार से अविलंब ग्रांट जारी करने की मांग की.
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