अंबेडकर जयंती पर उदित राज का सपा पर हमला, चुनाव नजदीक देख दलित दीपावली मना रहे हैं अखिलेश

कांग्रेस नेता उदित राज ने सपा के दलित दीपावली के ऐलान पर साधा निशाना. (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता उदित राज ने सपा के दलित दीपावली के ऐलान पर साधा निशाना. (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के बाबा साहब अंबेडकर की जयंती दलित दीपावली के रूप में मनाने के ऐलान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने साधा निशाना. कहा- यह यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दलित वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास.

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  • Last Updated: April 14, 2021, 12:50 PM IST
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नई दिल्ली. विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख यूपी में राजनीति तेज हो गई है. इसी क्रम में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर भी सियासी गहमा-गहमी देखने को मिल रही है. समाजवादी पार्टी ने इस साल अंबेडकर जयंती को दलित दीपावली के रूप में मनाने का ऐलान किया है. इस पर सभी पार्टियां निशाना साध रही हैं. इसी क्रम में कांग्रेस नेता उदित राज ने भी सपा को निशाने पर लिया है. उदित राज ने कहा कि सपा हमेशा से दलित विरोधी रही है. इनकी सरकार ने कभी दलितों के हित में काम नहीं किया. लेकिन अखिलेश यादव युवा नेता हैं, अगर वे दलितों के प्रति सोच में सुधार लाना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है. हालांकि कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि यूपी में चुनाव के मद्देनजर सपा ने दलित दीपावली मनाने का ऐलान किया है.

सपा ने साफ किया है कि इस बार अंबेडकर जयंती को दलित दीपावली के रूप में मनाया जाएगा और साथ ही एक दलित विंग भी बनाया जाएगा. इस पर विपक्ष का कहना है कि यूपी में चुनाव नजदीक देख अखिलेश यादव दलितों का वोट आकर्षित करने के लिए यह नौटंकी कर रहे हैं. दलित वोट बैंक को साधने के लिए ही सपा दलित दीपावली मनाने की बात कह रही है. कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि मुलायम सिंह हमेशा से ही दलित विरोधी रहे हैं. उन्होंने कभी भी दलितों का साथ नहीं दिया. जब सपा की सरकार थी तो उन्होंने दलितों के हित में कोई काम नहीं किया, बल्कि उनकी सरकार में दलितों पर अत्याचार किए जाते थे.

उदित राज ने कहा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने उस समय भी दलितों के लिए कोई खास काम नहीं किया गया. दलितों को हमेशा से ही प्रताड़ित किया गया और अब अखिलेश यादव दलित दीपावली मनाने की बात कर रहे हैं तो यह एक अच्छी बात है. अखिलेश यादव युवा हैं और शायद उनको अब अपनी गलती का अहसास हो रहा है. लेकिन अगर यह यह सब चुनावों के लिए है, वोट बैंक के लिए है, तो हम इसकी निंदा करते हैं. राज ने कहा कि सिर्फ सपा ही नहीं, बल्कि किसी पार्टी ने दलितों के लिए काम नहीं किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव की सरकार थी तो हर जगह हर पोस्ट पर यादव नजर आते थे. आज जब योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा की सरकार तो हर जगह ठाकुर वाद ही नजर आता है.

उत्तर प्रदेश में दलितों के वोट में सेंध लगाने के लिए राजनीतिक दल एक बार फिर से नए हथकंडे अपना रहे हैं. दलितों के वोटों को साधने की कोशिश की जा रही है. दलित दीपावली मनाने की घोषणा सपा कर चुकी है, वहीं भाजपा ने भी 14 अप्रैल को समरसता दिवस के रूप में मनाने के लिए अनुसूचित मोर्चा को जिम्मेदारी सौंपी है. इस मौके पर दलितों के घर में दीपोत्सव कार्यक्रम की जिम्मेदारी पार्टी के अनुसूचित मोर्चा प्रकोष्ठ को दी गई है.
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