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प्राईवेट अस्पतालों के साथ मिलकर कमीशनखोरी कर रहे एंबुलेंस चालक

प्राईवेट अस्पतालों के साथ मिलकर कमीशनखोरी कर रहे एंबुलेंस चालक

पलवल जिला सिविल अस्पताल की एंबुलेसों पर कार्यरत चालकों का पलवल के प्राईवेट अस्पतालों के साथ मिलकर कमीशनखोरी का धंधा जारी है. किसी दुघर्टना में घायल हुए मरीज व गर्भवती महिलाओं को एंबुलेस चालक दिल्ली व फरीदाबाद ले जाने की बजाय कमीशनखोरी के चक्कर गुमराह करके पलवल के प्राईवेट अस्पतालों में दाखिल करा देते है जहां प्राईवेट चिकित्सक मरीज से मनचाहे रुपये वसुल करते है.

पलवल जिला सिविल अस्पताल की एंबुलेसों पर कार्यरत चालकों का पलवल के प्राईवेट अस्पतालों के साथ मिलकर कमीशनखोरी का धंधा जारी है. किसी दुघर्टना में घायल हुए मरीज व गर्भवती महिलाओं को एंबुलेस चालक दिल्ली व फरीदाबाद ले जाने की बजाय कमीशनखोरी के चक्कर गुमराह करके पलवल के प्राईवेट अस्पतालों में दाखिल करा देते है जहां प्राईवेट चिकित्सक मरीज से मनचाहे रुपये वसुल करते है.

पलवल जिला सिविल अस्पताल की एंबुलेसों पर कार्यरत चालकों का पलवल के प्राईवेट अस्पतालों के साथ मिलकर कमीशनखोरी का धंधा जारी है. किसी दुघर्टना में घायल हुए मरीज व गर्भवती महिलाओं को एंबुलेस चालक दिल्ली व फरीदाबाद ले जाने की बजाय कमीशनखोरी के चक्कर गुमराह करके पलवल के प्राईवेट अस्पतालों में दाखिल करा देते है जहां प्राईवेट चिकित्सक मरीज से मनचाहे रुपये वसुल करते है.

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    पलवल जिला सिविल अस्पताल की एंबुलेसों पर कार्यरत चालकों का पलवल के प्राईवेट अस्पतालों के साथ मिलकर कमीशनखोरी का धंधा जारी है. किसी दुघर्टना में घायल हुए मरीज व गर्भवती महिलाओं को एंबुलेस चालक दिल्ली व फरीदाबाद ले जाने की बजाय कमीशनखोरी के चक्कर गुमराह करके पलवल के प्राईवेट अस्पतालों में दाखिल करा देते है जहां प्राईवेट चिकित्सक मरीज से मनचाहे रुपये वसुल करते है.

    एक तरफ तो प्रदेश व केंद्र सरकार गरीब लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में बेहतर से बेहतर चिकित्सका सुविधा मुहैया कराने में दिन-रात प्रयास कर रही है वहीं पलवल सिविल अस्पताल के एंबुलेंस चालक इन प्रयासो को पलीता लगा रहे है. जिसका सिधा असर गरीब व्यक्ति की जेब पड़ रहा है और साथ ही प्राईवेट अस्पतालों की चांदी हो रही है. आपको बता दे कि गत महिनों पूर्व इन चालकों अस्पताल के चिकित्सकों के साथ मिलकर फर्जी एमएलआर बनवाने के गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ था जिसमें एक एंबुलेस चालक श्यामवीर जेल की सलाखों के पीछे है.

    ताजा मामले में गांव रायपुर निवासी सुनील ने बताया कि उनकी पत्नी रिंकी को घर पर प्रसव पीडा शुरु हुई जिसकों लेकर वह सिविल अस्पताल पहुंचे. जहां स्टॉफ नर्सो द्वारा रिंकी जांच की गई और उसे फरीदाबाद के लिए रेफर कर दिया गया. जिसें सिविल अस्पताल की एंबुलेस नंबर (एचआर-73, 6327) पर चालक नेनसिंह द्वारा फरीदाबाद ले जाना था. लेकिन अस्पताल से निकलते ही चालक नेंनसिंह ने कमीशन के चक्कर गुमराह करते हुए रिंकी के परिजनों को सलाह दी की यदि उन्हें जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखना है तो वह रिंकी को पलवल अस्पताल में दाखिल करा दे, जो सिविल अस्पताल से मात्र 200 मीटर की दुरी पर स्थित है.

    चालक के कहने पर रिंकी को पलवल अस्पताल में दाखिल करा दिया गया जहां रिंकी का ओप्रेशन कर दिया गया और उसने दो जुडवा बच्चियों को जन्म दिया. सुनील ने बताया कि पलवल अस्पताल में उनसे 22 हजार रुपये जमा करा लिए और पैसों बाद में जमा कराने की बात कही गई. सुनील ने बताया कि वह बहुत ही गरीब परिवार से है और कुछ दिन बाद ही उनके घर में लड़की की शादी है.

    वहीं इस मामले पर सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन डाक्टर आदित्य स्वरुप गुप्ता का कहना है कि ऐसा कोई मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नही है. और अगर कोई ऐसा मामला उनके सामने आता है तो मामले की गहनात से जांच की जाएगी और आरोपी चालक के खिलाफ कार्यवाई की जाएगी.

    Tags: Palwal district, फरीदाबाद

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