47 दिन से घर नहीं गई कोरेंटाइन सेंटर की टीम बोली- इलाज जंग के मैदान जैसा, अपनों को अकेला नहीं छोड़ सकते
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47 दिन से घर नहीं गई कोरेंटाइन सेंटर की टीम बोली- इलाज जंग के मैदान जैसा, अपनों को अकेला नहीं छोड़ सकते
लॉकडाउन के मद्देनजर पुलिस एम्बुलेंस के लिए भी नहीं खोल रही राष्ट्रीय राजमार्ग

घनश्याम लगातार कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीजों को कभी टेस्टिंग सेंटर (Testing center) तो कभी अस्पताल पहुंचाने का काम कर रहा है.

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  • Last Updated: March 19, 2020, 12:15 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोसा वायरस (Coronavirus) के चलते मानेसर और छावला में दो कोरेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं. विदेशों से लौट रहे लोगों को कुछ दिन के लिए यहां रखा जाता है. तीसरा ग्रुप यहां डॉक्टर (Doctor) और पैरामेडिकल स्टाफ की निगरानी में है. 47 दिन से सेंटर की टीम अपने घर नहीं गई है. टीम का कहना है कि आने वालों का इलाज करना एक जंग के मैदान जैसा है. एक सैनिक की तरह से हम इस मैदान में अपनों को अकेला नहीं छोड़ सकते. वहीं आरएमएल अस्पताल (RML Hospital) में कोरोना एंबुलेंस (Ambulance) के ड्राइवर घनश्याम का कहना है कि डर की वजह से हम अपना काम नहीं छोड़ सकते हैं.

घरों में परेशानी आने के बाद भी नहीं गए टीम के मेंबर

मानेसर और छावला में बने दो कोरेंटाइन सेंटर्स से अब तक 742 लोगों की निगरानी करने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया है. मानेसर में 300 तो छावला में 700 बेड की सुविधा है. एम्स और आईटीबीपी के डॉक्टरों को मिलाकर करीब 50 लोगों की टीम बनाई गई है. टीम ने देशवासियों को मैसेज देते हुए कहा है कि आप सुराक्षित हाथों में है. जब तक जरूरत होगी हम यहां बने रहेंगे. टीम के लिए सबसे बड़ी खास बात यह भी है कि इलाज करने के साथ ही सबसे बड़ा टॉस्क अपने को भी सुराक्षित करना होता है.



2 महीने पहले घनश्याम ने एयरपोर्ट पर सुना था कोरोना का नाम
घनश्याम ने अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में बताया कि 2 महीने पहले वो एक वर्कशॉप में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट गया था. जहां मेडिकल अफसर ने हमें कोरोना वायरस के बारे में बताया. कहा गया कि यह चीन में फैल रहा है. हम चीन से आने वाले हर यात्री की जांच कर रहे हैं. अगर जरा भी किसी पर शक हुआ तो तुरंत उसे अस्पताल ले जाना होगा. इसके लिए कोरोना एंबुलेंस तैनात की गई थी. कई दिन तक कोई मरीज नहीं आया. कुछ ही दिन बाद सरकार ने चीन से आने वाले यात्रियों पर रोक लगा दी.

पहली बार होटल से लाया था मरीज

घनश्याम का कहना है कि जब हम लोग एयरपोर्ट से लौट आए तो एक दिन फोन आया कि एक होटल चले जाओ, वहां कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं. उन्हें आरएमएल अस्पताल पहुंचाना है. जरूरी चीजों से शरीर को कवर करने और कुछ निर्देशों को ध्यान में रखते हुए हम लोग इटली निवासियों को अस्पताल लेकर आए थे.





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