अपना शहर चुनें

States

AMU के छात्रों का बड़ा फैसला, किसान आंदोलन में देंगे डिनर पार्टी का पैसा, सिंघु बॉर्डर न आने की बताई यह मजबूरी

हाल ही में एएमयू के छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मिला था.
हाल ही में एएमयू के छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मिला था.

जेएन मेडिकल कॉलेज (JN Medical College) के रेजिडेंट डॉक्टर्स (Doctors) एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी बातचीत चल रही है. किसान बिल वापस लेने के लिए छात्र हस्ताक्षर अभियान भी चला रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 18, 2020, 10:57 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के छात्र किसान आंदोलन (Farmer Protest) को समर्थन दे रहे हैं. इस संबंध में छात्रों ने सर सैय्यद डे के मौके पर होने वाले डिनर का पैसा किसान आंदोलन में देने का फैसला लिया है. दूसरी ओर यह तैयारी भी चल रही है कि एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की एक टीम दिल्ली (Delhi) जाकर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की सेवा करेगी. गौरतलब रहे कि हाल ही में एएमयू के छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर किसानों से भी मिला था. किसानों से बात कर हर संभव मदद के लिए हमेशा साथ होने की बात भी कही थी.

15 दिसम्बर को एएमयू के छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट बाबे सैय्यद पर यौम-ए-सिराज का आयोजन किया था. 15 दिसम्बर 2019 को ही सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया था. इस मौके पर छात्रों ने कहा कि इस समय जो किसान आंदोलन चल रहा है, उसमें एएमयू के सभी छात्र किसान भाइयों के साथ खड़े हैं. एएमयू छात्र आमिर मिंटो ने कहा कि इस बात पर विचार चल रहा है कि सर सैय्यद दिवस पर छात्रों के डिनर पार्टी का जो फंड है, वह किसानों को दिया जाएगा. डॉक्टरों की एक टीम आंदोलन कर रहे किसानों के बीच जाकर उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगा.

दिल्ली-एनसीआर: आने वाले एक-दो दिन में दूध की सप्लाई पर यह बड़ा फैसला ले सकते हैं किसान!



सिंघु बॉर्डर न आने की बताई यह मजबूरी
एएमयू छात्रों ने बताया कि किसान आंदोलन में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय व जामिया के छात्रों के शामिल होने पर टुकड़े-टुकड़े गैंग से जोड़ दिया जाता है. छात्र फरहान जुबैरी ने कहा कि मेरे पिता किसान हैं और मैं चाहता हूं कि किसान आंदोलन का हिस्सा बनूं, लेकिन डर लगता है कि किसान आंदोलन में गया, तो मुझे किसान का बेटा न मानकर मुस्लिम लीडर बताकर आंदोलन को कम्युनल रंग दे दिया जाएगा. पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने बताया कि किसान आंदोलन को कम्युनल रंग देने की कोशिश सरकार द्वारा की जा रही है.

AMU students, farmers movement, Singhu border, jamia university, JN medical college, tikri border, punjab, एएमयू छात्र, किसान आंदोलन, सिंघू सीमा, जामिया विश्वविद्यालय, जेएन मेडिकल कॉलेज, टिकरी सीमा, पंजाब
सिंघु बॉर्डर पर सेवा करते एएमयू के छात्र.


किसानों से राय लिए बिना कृषि कानून थोपना असंवैधानिक
एएमयू छात्रों का एक प्रतिनिधमंडल सिंघु बॉर्डर पर अलग-अलग जगह से आए किसानों से मुलाकात कर चुका है. मौजूदा सरकार की नीतियों पर गहन मंथन करते हुए इस लड़ाई को मजलूम बनाम जालिम की लड़ाई बताया और आगे इस लड़ाई को मजबूत करने की बात कही. छात्रों का कहना है कि जनतंत्र मैं सरकार आवाम से भी होती है और अवाम के लिए भी होती है.



छात्रों का आरोप है कि यह सरकार आवाम पर अपने फैसले आवाम की मर्जी के बिना थोप रही है. इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. किसानों पर किसानों से राय लिए बगैर कोई भी फैसला थोपना असंवैधानिक है और मानवता के मूलभूत विचारों का उल्लंघन भी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज