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ANALYSIS: एग्जिट पोल के नतीजों में Article 370 पर लगी मुहर, राष्ट्रवाद का चला जादू

एग्जिट पोल से साफ है कि अनुच्छेद-370 और राष्ट्रवाद को बीजेपी मुद्दा बनाने में कामयाब हुई. (फाइल फोटो)

एग्जिट पोल से साफ है कि अनुच्छेद-370 और राष्ट्रवाद को बीजेपी मुद्दा बनाने में कामयाब हुई. (फाइल फोटो)

सभी एग्जिट पोल (Exit Poll) के परिणाम लगभग समान हैं और साफ है कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पर ज ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. अनुच्छेद-370 (Article-370) और 35A पर लोगों की मुहर लगी है. एग्जिट पोल (Exit Poll) के परिणाम इसी बात को बता रहे है. यानी अनुच्छेद-370 और 35A के सहारे बीजेपी चुनाव में लड़ी. अब एग्जिट पोल के नतीजों में बीजेपी (BJP) दोनों राज्यों महाराष्ट्र (Maharashtra) और हरियाणा (Haryana) में सरकार बनाने जा रही है. एग्जिट पोल के परिणाम से साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का जादू और राष्ट्रवाद (Nationalism) का तड़का इस बार भी विधानसभा चुनाव में सफल हुआ है.

सभी एग्जिट पोल के परिणाम लगभग समान हैं और साफ है कि महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पर जनता ने विश्वास जताया है. एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी-शिवसेना को 288 में 170 से 230 सीटों के मिलने का अनुमान बताया गया है. वहीं, कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन 50 से 90 सीटों पर सिमट कर रह जाएगा. यानी महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन आसानी से सरकार बनाते दिख रहा है.

एग्जिट पोल में कांग्रेस-एनसीपी को भारी नुकसान
2019 का महाराष्ट्र का ये चुनाव, 2014 से बहुत अलग था. पिछले चुनाव में बीजेपी-शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़ी थी और बीजेपी ने पहली बार अकेले महाराष्ट्र में अपनी ताकत का इजहार किया था. पिछली बार बीजेपी अकेले दम पर चुनाव लड़कर 123 सीटें जीती थी, जबकि शिवसेना को बड़ा झटका लगा था और पार्टी केवल 63 सीटें ही जीत पाई थी. अलग-अलग चुनाव लड़ने का परिणाम था कि बीजेपी को अपनी ताकत का परिणाम देखने को मिला था. इस चुनाव में कांग्रेस-एनसीपी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था और दोनों विपक्षी पार्टी 42 और 41 सीटों पर सिमट कर रह गई थी.

बीजेपी के चुनावी कैंपेन में छाया रहा राष्ट्रवाद
लेकिन 2019 का चुनाव अलग था. इस बार बीजेपी और शिवसेना दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़ीं. इसमें पहली बार ठाकरे परिवार का कोई सदस्य चुनावी दंगल में था. ठाकरे परिवार से आदित्य ठाकरे ने शिवसेना को आगे से लीड किया और खुद चुनावी दंगल में उतरे. जहां तक बीजेपी की बात करें तो पार्टी का चुनावी कैंपेन राष्ट्रवाद और नरेंद्र-देवेंद्र की जोड़ी के इर्दगिर्द घूमता नजर आया. महाराष्ट्र में भी बीजेपी ने अनुच्छेद-370 और 35A को बड़ा मुद्दा बताया. बीजेपी ने राष्ट्रवाद की नई पाठशाला को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में 9 बड़ी जनसभाएं की. वहीं, देवेंद्र फडणवीस के नेतृव में केंद्र की छोटे-बड़े सभी नेताओं ने राज्य में कैंपेन की. लेकिन प्रचार के केंद्र बिंदु में 370 और 35A प्रमुखता से रखा गया.

हरियाणा में बिखरा विपक्ष, कमजोर कांग्रेस का सीधा फायदा बीजेपी को मिलता दिखा
हरियाणा की बात करें तो एग्जिट पोल से साफ है कि राज्य के लोगों ने मनोहर लाल खट्टर पर एक बार फिर भरोसा जताया है. एग्जिट पोल के परिणाम बताते हैं कि बीजेपी को राज्य में 70 से 80 सीटें मिल सकती हैं. जबकि कांग्रेस को यहां 10 से 15 सीटें ही मिल पाएंगी. हरियाणा चुनाव में बीजेपी का राष्ट्रवाद, कांग्रेस के कमजोर नेतृत्व पर हावी दिखा है. जहां एक ओर कांग्रेस आपसी सिरफुटौल की शिकार होती दिखी तो वहीं बीजेपी ने एकजुटता का परिचय दिखाया. लेकिन इन सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रवाद का मुद्दा हरियाणा में भी छाया रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में 6 बड़ी सभाओं को संबोधित किया. अनुच्छेद-370 और 35A को बीजेपी यहां भी मुद्दा बनाने में कामयाब हुई. हालांकि हरियाणा में बिखरा विपक्ष और कमजोर कांग्रेस का सीधा फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है.

एग्जिट पोल इशारा कर रहे हैं कि 2014 से बीजेपी को इस बार बड़ी जीत मिलने वाली है. 2014 में बीजेपी को यहां 47 सीटें मिलीं थीं जबकि आईएनएलडी को 19 और कांग्रेस को 15 सीटें मिली थी. लेकिन एग्जिट पोल की मानें तो इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए बीजेपी रिकॉर्ड सीट से यहां सरकार बनाने जा रही है.

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Tags: Article 35A, Article 370, Assembly Election 2019, Devendra Fadnavis, Exit Polls 2019, Manohar Lal Khattar, Nationalism, PM Modi

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