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CAA के विरोध में खुरेजी में प्रदर्शन, प्रदर्शनकारी बोले- रात 2 बजे तंबू गिराए, पुलिस ने कहा- झूठा है आरोप

भाषा
Updated: January 15, 2020, 10:05 PM IST
CAA के विरोध में खुरेजी में प्रदर्शन, प्रदर्शनकारी बोले- रात 2 बजे तंबू गिराए, पुलिस ने कहा- झूठा है आरोप
सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली के खुरेजी (Khureji) में सीएए और एनआरसी के विरोध में महिलाओं और बच्चों समेत हजारों प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को प्रदर्शन शुरू किया था

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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ पूर्वी दिल्ली (East Delhi) के खुरेजी (Khureji) इलाके में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उनके प्रदर्शन स्थल पर रात दो बजे आकर उन्हें जबरन वहां से हटाने की कोशिश की, बिजली के कनेक्शन काट दिए और उनके तंबू (Tents) को गिरा दिया. दिल्ली पुलिस ने हालांकि इन दावों को खारिज किया है.

बता दें कि खुरेजी में सीएए और एनआरसी के विरोध में महिलाओं और बच्चों समेत हजारों प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को प्रदर्शन शुरू किया था.

'पुलिसकर्मी घुसे और लाइटें बंद कर दीं'
एक स्थानीय निवासी ने दावा किया कि वह भी घटनास्थल पर ही मौजूद था. उसने बताया, ‘‘रात 2 बजे के करीब प्रदर्शन स्थल पर 15 महिलाओं समेत करीब 36 प्रदर्शनकारी मौजूद थे तभी वहां पुलिसकर्मी घुसे और उन्होंने लाइटें बंद कर दीं, जिससे वहां अंधकार छा गया.’’ करीब 50 वर्षीय शख्स ने सुरक्षा कारणों से अपना नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘‘इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तंबू को सहारा देने वाले खंभे गिरा दिए.’’ उसने बताया कि कथित पुलिस कार्रवाई में कोई घायल नहीं हुआ.

उसने दावा किया, ‘‘वे (पुलिसकर्मी) वहां आए और जो भी उन्होंने सोचा था उसे उन्होंने अंजाम दिया. लेकिन जैसे ही यह बात स्थानीय लोगों के बीच फैली, जल्द ही वहां सैकड़ों लोग जमा हो गए. जिसके कारण पुलिसकर्मियों को वहां से जाना पड़ा.’’

बाद में प्रदर्शनकारियों ने फिर से तंबू लगा दिया और सुबह 11 बजे तक प्रदर्शनस्थल पर कई लोग जमा हो गए. महिलाएं इसकी कमान संभाल रही हैं और ‘‘आजादी’’ और ‘‘आवाज दो हम एक हैं’’ के नारे लगा रही हैं.

'दस्तावेज नहीं, हमारा डीएनए जांच करना चाहिए'
खुरेजी में गरीबों के लिए स्कूल चलाने वाले जफर अहसान करीमी ने कहा, ‘‘उस दौरान देर रात करीब दो बजे प्रदर्शन स्थल पर कई औरतें थीं और वे (पुलिसकर्मी) तोड़ फोड़ के इरादे से जबरन घुस गए. उनके साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी. क्या यह सही है? हमलोग भारतीय हैं या नहीं इसके लिए सरकार को हमसे हमारे दस्तावेज नहीं जांचने चाहिए बल्कि उन्हें हमारे डीएनए की जांच करनी चाहिए, तब उन्हें पता चलेगा कि हमारी 10 पीढ़ियां इस देश से संबंधित है.’’

प्रदर्शन स्थल पर कोई बलप्रयोग नहीं हुआ: पुलिस
पूर्वी दिल्ली के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार ने बताया, ‘‘प्रदर्शन स्थल पर ऐसा कोई बलप्रयोग नहीं हुआ. अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को हटाना चाहती तो वह ऐसा करती. लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी वहां मौजूद हैं.’’ उन्होंने बताया कि स्थिति पर नजर रखने के लिए कभी कभी पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों से बात करते हैं. कुमार ने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था की अब तक कोई स्थिति नहीं आई है क्योंकि प्रदर्शन सड़क के एक ओर हो रहा है. ट्रैफिक की आवाजाही भी सामान्य है.’’

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First published: January 15, 2020, 9:17 PM IST
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