दिल्ली हिंसा: फिर आमने-सामने LG और केजरीवाल सरकार, खत्‍म नहीं हो रही वकीलों की नियुक्ति पर तकरार
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दिल्ली हिंसा: फिर आमने-सामने LG और केजरीवाल सरकार, खत्‍म नहीं हो रही वकीलों की नियुक्ति पर तकरार
इसी साल फरवरी के महीने में उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीएए के खिलाफ हिंसा भड़क उठी थी. (फाइल फोटो)

अरविंद केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल (Lieutenant Governor Anil Baijal) के बीच दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में वकीलों की नियुक्ति को लेकर मतभेद हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 28, 2020, 11:41 AM IST
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नई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल (Lieutenant Governor Anil Baijal) के बीच दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. इस बार वकीलों की नियुक्ति को लेकर विवाद हो गया है. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा और CAA विरोधी प्रदर्शन मामलों में वकील नियुक्ति का मामला गरमा गया है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार की कैबिनेट मंगलवार को इस मामले में फैसला ले सकती है. शाम 5 बजे कैबिनेट की बैठक होगी. इस बैठक में केजरीवाल सरकार दिल्ली पुलिस के बताए वकीलों के पैनल को खारिज कर सकती है. केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच इस मुद्दे पर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है.

सवाल यह है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा और सीएए विरोधी प्रदर्शनों के 85 मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस का पक्ष कौन रखेगा? दिल्ली सरकार का कहना है कि उसके स्टैंडिंग काउंसल राहुल मेहरा और उनकी टीम दिल्ली पुलिस का पक्ष रखने में सक्षम हैं. जबकि दिल्ली पुलिस की तरफ से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता, एडिशनल सॉलीसिटर जनरल अमन लेखी समेत 6 वरिष्ठ वकीलों का पैनल सुझाया गया है.

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पहले भी प्रस्ताव खारिज
बता दें कि पिछले दिनों जब दिल्ली के गृह मंत्री का पद्भार मनीष सिसोदिया के पास था, तब उन्होंने दिल्ली पुलिस के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. इसके बाद उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर इस बारे में कैबिनेट में फैसला लेने को कहा था. बताया जा रहा है कि 28 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में फिर से उस प्रस्ताव को फिर से खारिज किया जा सकता है. ​दिल्ली हिंसा मामले में सरकार अपने पैनल के वकीलों को ही नियुक्त कर सकती है.
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