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आतंकी का काला चिट्ठा : बम बनाने में माहिर है बाटला केस में दोषी ठहराया गया आरिज

उन्होंने बताया कि इसके बाद अदालत ने आरोपी को बताया कि उसे दूसरा वकील मुहैया कराया जाएगा और सुनवाई अगली तारीख पर होगी. (सांकेतिक तस्वीर)

उन्होंने बताया कि इसके बाद अदालत ने आरोपी को बताया कि उसे दूसरा वकील मुहैया कराया जाएगा और सुनवाई अगली तारीख पर होगी. (सांकेतिक तस्वीर)

आतंकी संगठन सिमी से जुड़े अब्दुल सुहान उर्फ तौकीर को जनवरी 2018 में गिरफ्तार किया गया था. इसी तौकीर ने आरिज खान के बारे में कई अहम जानकारियां दीं.

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नई दिल्ली. जिस आरिज खान को दिल्ली (Delhi) के साकेत कोर्ट (Saket Court) ने दोषी करार (convicted) दिया है, वह 2008 में दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद और यूपी की अदालतों में हुए सीरियल धमाकों (Serial blast) का मुख्य साजिशकर्ता है. इन धमाकों में 165 लोग मारे गए थे और 535 लोग घायल हो गए थे. तब आरिज खान पर 15 लाख रुपये का इनाम था और इसके खिलाफ इंटरपोल के जरिये रेड कॉर्नर नोटिस (Red corner notice) निकला हुआ था.

ऐसे पकड़ा गया था आरिज

2008 के धमाकों के 10 साल बाद आजमगढ़ के रहने आरिज खान उर्फ जुनैद को स्पेशल सेल की टीम 2018 में गिरफ्तार कर पाई. इसके पकड़े जाने से इंडियन मुजाहिद्दीन को दुबारा खड़ा करने के मंसूबे ध्वस्त हो गए. दरअसल, स्पेशल सेल को पता चला कि प्रतिबंधित संगठन सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन के लोग नेपाल से युवाओं को देश में अवैध गतिविधियों के लिए तैयार कर रहे हैं. इसके बाद सिमी से जुड़े अब्दुल सुहान उर्फ तौकीर को जनवरी 2018 में गिरफ्तार किया गया. तौकीर ने आरिज खान के बारे में कई अहम जानकारियां दीं. इसी जानकारी के बाद पता चला कि आरिज खान 13 फरवरी 2018 को भारत-नेपाल सीमा के बनबसा बॉर्डर से अपने किसी साथी से मिलने के लिए यूपी आने वाला है. इसी पक्की सूचना पर आरिज को स्पेशल टीम ने धर दबोचा.



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मुजफ्फरनगर से बीटेक की पढ़ाई

आरिज ने मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई की है. 2008 में सीरियल ब्लास्ट करने के बाद आरिज नेपाल भाग गया गया और वहां की नागरिकता हासिल कर सलीम नाम से रहने लगा. उसने इसी नाम से पासपोर्ट भी बनवाया हुआ था.

आरिज ने नेपाल में रेस्टोरेंट खोला था

आरिज ने नाम बदलकर सलीम कर लिया था और इसी नाम से नेपाल में 2014 तक रहा. इस दौरान वह रियाज भटकल के संपर्क में आया. रियाज ने उसे इंडियन मुजाहिद्दीन को दुबारा खड़ा करने के लिए सऊदी अरब बुलाया. वह 2014 में सऊदी अरब गया और वहां एक मजदूर बनकर सिमी और आईएम के लोगों से मिलता रहा. आपको बता दें कि आरिज बम बनाने में माहिर था.

2017 में सऊदी अरब से लौटा

2017 में आरिज सऊदी अरब से नेपाल लौटा. वह इंडियन मुजाहिद्दीन को खड़ा करने के लिए नेपाल से गतिविधियां चला रहा था और 2018 में इसी सिलसिले में भारत आते वक्त पुख्ता सूचना पर स्पेशल सेल ने उसे पकड़ लिया.
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