COVID-19: दिल्‍ली में Corona संक्रमण को रोकने के लिए नया प्‍लान, 6 जुलाई तक हर घर की स्‍क्रीनिंग

दिल्‍ली में 6 जुलाई तक हर घर की स्‍क्रीनिंग करने का लक्ष्‍य रखा गया है, ताकि कोरोना संक्रमण को रोका जा सके. (फाइल फोटो)
दिल्‍ली में 6 जुलाई तक हर घर की स्‍क्रीनिंग करने का लक्ष्‍य रखा गया है, ताकि कोरोना संक्रमण को रोका जा सके. (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नया प्‍लान तैयार किया गया है.

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दिल्ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नया प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत दिल्ली के हर घर की स्‍क्रीनिंग की जाएगी. दावा किया जा रहा है कि 6 जुलाई तक दिल्ली के हर घर की स्‍क्रीनिंग कर ली जाएगी. न्यू कोविड रिस्‍पांस प्लान के तहत दिल्ली के सभी जोन के घरों की जांच होनी है. हालांकि, अरविंद केजरीवाल सरकार का कहना है कि 30 जून तक जांच पूरी कर लेने की तैयारी है. फिर भी अनुमान के मुताबिक 6 जुलाई तक हर घर की स्‍क्रीनिंग कर ली जाएगी.

बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों के राज्यवार मामलों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या यहीं है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीते मंगलवार को दिल्ली में 3 हजार 947 नए संक्रमितों की पहचान हुई, जो एक दिन में दर्ज किया गया अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच पिछले सप्ताह हुई बैठकों के बाद नया प्लान तैयार किया गया है. दिल्ली में फिलहाल करीब 62,000 कोरोना संक्रमित हैं.





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इन इलाकों को किया सील
बता दें कि दिल्ली में 261 ऐसे इलाके हैं, जहां कोरोना का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिला है. इन मोहल्लों में निगरानी और गंभीरता से करने का दावा किया जा रहा है, ताकि कोरोना चेन को तोड़ा जा सके. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने कहा है कि 'दिल्ली में हर दिन 2,500 से अधिक नए मामले आ रहे हैं. इनमें 75 मौतें हो रही हैं. लगभग 45 फीसदी मामले कंटेनमेंट एरिया के हैं.

हुए ये बदलाव
संशोधित रणनीति के अनुसार अब सख्त निगरानी योजना जिला-स्तर पर लागू की जाएगी. जिलों में COVID-19 टास्क फोर्स- जो पहले केवल जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा देखरेख की गई थी, उसमें एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) के जिला पुलिस आयुक्त, नागरिक निकाय के अधिकारी, महामारी विज्ञानी और आरोग्य सेतु ऐप की निगरानी के लिए आईटी पेशेवर होंगे. राज्य सरकार ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरोग्य सेतु ऐप सभी द्वारा डाउनलोड किया जाए, खासकर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में इसका पालन अनिवार्य कराने की तैयारी है.

इस तरह करेंगे काम
रिपोर्ट के मुताबिक नियंत्रण क्षेत्रों में, सीसीटीवी कैमरों के उपयोग से पुलिस द्वारा निगरानी रखी जाएगी. आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) के दिशानिर्देशों के अनुसार ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में रैपिड एंटीजन परीक्षण किया जाएगा. राज्य टास्क फोर्स का नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री करेंगे. घनी आबादी वाले क्षेत्रों में, मरीजों को COVID-19 देखभाल केंद्रों पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी. दिल्ली में कोरोना वायरस की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए बीस हजार नमूनों को सर्वेक्षण के एक भाग के रूप में एकत्र किया जाएगा, जो 27 जून को शुरू होगा. नतीजे 10 जुलाई को जारी किए जाएंगे.
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