Delhi News: 'मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना' नाम हटाएगी केजरीवाल सरकार, केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव

दिल्ली में बढ़ते मामलों को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. (फाइल फोटो)

दिल्ली में बढ़ते मामलों को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने कहा कि सोमवार को कैबिनेट मीटिंग होगी. इसमें राशन योजना को लेकर प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा जाएगा.

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  • Last Updated: March 20, 2021, 4:45 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी पर केंद्र के रोक लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि केंद्र को 'मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना' के नाम पर आपत्ति थी. सरकार ने फैसला किया है कि अब इस नाम को योजना से हटाया जा रहा है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने कहा कि इस महीने की 25 मार्च से दिल्ली में एक बहुत ही क्रांतिकारी योजना शुरू होने जा रही थी. 'मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना' के तहत सरकार गरीबों को सस्ता राशन देती है. अभी तक राशन की दुकानों से राशन मिलता था.

सीएम केजरीवाल ने कहा कि कई-कई दिन लोगों को राशन मिलता नहीं था. लोगों से चर्चा करने के बाद समाधान निकाला कि राशन बोरी में पैक करके लोगों के घर भिजवा दें तो लोगों की दिक़्क़त दूर हो जाएंगी. 25 मार्च से इस योजना को लागू होना था. शुक्रवार को केंद्र सरकार की तरफ से चिट्ठी आई जिसमें कहा गया कि हम इस योजना को लागू नहीं कर सकते. चिट्ठी में लिखा है कि इसका नाम 'मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना' नहीं रख सकते. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपना नाम करने या क्रेडिट लेने के लिए ये योजना लागू नहीं कर रहे है. काम हमारा क्रेडिट उनका, हम शुरुआत से इस नीति पर काम कर रहे हैं. आज सुबह मीटिंग की और अफसरों से कहा कि इस योजना का नाम हटा देना चाहिए'.

मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे केंद्र से राशन आता था अब वो घर घर जाएगा. अब जो भी केंद्र सरकार की आपत्तियां थी वो दूर हो गयी. उम्मीद है केंद्र अब इस योजना को लागू करेगी.  22 साल पहले राशन माफिया के साथ संघर्ष शुरू हुआ था. दिल्ली की गरीब बस्तियों के अंदर काम करना शुरू किया था. हमने नंद नगरी और सुंदर नगरी की झुग्गियों में काम करना शुरू किया. उस वक़्त RTI कानून आया था. तब इस कानून का इस्तेमाल करके हमने सरकारी रिकार्ड्स निकलवाये कि कैसे लोगों के झूठे दस्तखत करके राशन चोरी की जा रही थी. उस वक़्त हम पर हमले भी हुए. केंद्र सरकार की जितनी शर्तें हैं वो हम सब मानेंगे. हमारा मकसद लोगों साफ सुथरा राशन उनके घर पंहुचाना है.'
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि सोमवार को हम इस मसले पर कैबिनेट मीटिंग रख रहे हैं. कैबिनेट में पूरा प्रस्ताव रखकर हम केंद्र सरकार को भेज देंगे. मुझे उम्मीद है कि इस मसले पर हमें केंद्र का पूरा सहयोग मिलेगा'. शुक्रवार को केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली की खाद्य एवं अपूर्ति सचिव को चिट्ठी लिखकर इस योजना के लागू करने पर रोक लगाई थी. चिट्ठी में कहा गया था कि राशन बांटना नेशनल फ़ूड सिक्युरिटी के तहत केंद्र का काम है जिसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता.
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