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arvind kejriwal wanted to illegally implement doorstep ration delivery scheme says delhi bjp chief adesh gupta

केजरीवाल सरकार के खिलाफ HC के किस 'फैसले' से खुश हुए BJP चीफ आदेश गुप्ता, जानें क्या कहा

केजरीवाल घर-घर राशन वितरण योजना को अवैध रूप से लागू करना चाहते थे: दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता (फाइल फोटो)

केजरीवाल घर-घर राशन वितरण योजना को अवैध रूप से लागू करना चाहते थे: दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता (फाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी सरकार की घर-घर राशन वितरण योजना को रद्द करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि बीजेपी का मानना ​​है कि केजरीवाल सरकार की इस योजना से सिर्फ भ्रष्टाचार ही पैदा होगा.

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नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल सरकार को झटका देते हुए ‘घर-घर राशन योजना’ को रद्द करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता खुश नजर आ रहे हैं. आम आदमी पार्टी सरकार की घर-घर राशन वितरण योजना को रद्द करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि बीजेपी का मानना ​​है कि केजरीवाल सरकार की इस योजना से सिर्फ भ्रष्टाचार ही पैदा होगा.

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, आदेश गुप्ता ने कहा कि पहले से ही एक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम है, जिसके तहत राशन कार्ड धारकों को रियायती कीमतों पर गेहूं और चावल मिलता है. केंद्र सरकार ने इस योजना को डिजिटल माध्यम से पारदर्शी बनाने का सफल प्रयास किया है. दिल्ली भाजपा प्रमुख ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना को लागू करने में देरी का कारण यह है कि अरविंद केजरीवाल घर-घर वितरण योजना शुरू करना चाहते थे ताकि उनके अपने लोग इसमें बिचौलियों के रूप में प्रवेश कर सकें, मगर अदालत ने इसे रद्द कर दिया.

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उन्होंने कहा कि चाहे वह कोरोना महामारी के दौरान हो या राशन कार्ड जारी करने के दौरान, कोई मदद नहीं दी गई. पिछले सात वर्षों में एक भी राशन कार्ड जारी नहीं किया गया है. इतना कि कोरोना महामारी के दौरान 72 लाख कार्ड धारकों को मुफ्त राशन भी नहीं मिला. बता दें कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन संघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि घर-घर चीजें पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार कोई और योजना लाने के लिए स्वतंत्र है ,लेकिन वह केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए अनाज का इस्तेमाल घर-घर पहुंचाने की योजना के लिए नहीं कर सकती.

दिल्ली सरकारी राशन डीलर्स संघ और दिल्ली राशन डीलर्स यूनियन की ओर से दायर याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने 10 जनवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली सरकार ने योजना के बचाव में कहा था कि इस योजना का उद्देश्य उन गरीबों को लाभ पहुंचाना था जिन्हें उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के मालिक घर तक राशन पहुंचाने के विकल्प को छोड़ने के लिए धमकाते हैं.

Tags: Delhi news

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