जानिए कैसे उपचुनाव में बिहार से महाराष्ट्र तक जीती औवेसी की पार्टी AIMIM
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जानिए कैसे उपचुनाव में बिहार से महाराष्ट्र तक जीती औवेसी की पार्टी AIMIM
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने उपचुनाव में मिली जीत के बाद बिहार में अपना खाता खोला है. (फाइल फोटो)

मालेगांव (Malegaon) मध्य विधानसभा सीट (Assembly Seat) से बीजेपी (BJP) प्रत्याशी को एआईएमआईएम (AIMIM) उम्मीदवार के सामने सिर्फ 1427 वोट मिले हैं.

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  • Last Updated: October 24, 2019, 7:09 PM IST
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नई दिल्ली. असदुद्दीन औवेसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के समर्थकों को आज दो बड़ी खुशखबरी सुनने को मिलीं. पहली खुशखबरी दोपहर को बिहार (Bihar) के किशनगंज से आई तो दूसरी मालेगांव (Malegaon), महाराष्ट (Maharashtra) से. दोनों ही विधानसभा सीटों पर पार्टी ने उपचुनावों में अपनी जीत दर्ज कराई है. हालांकि महाराष्ट्र में दो सीट विधानसभा चुनावों के दौरान भी जीती थीं.

मालेगांव मध्य की सीट जीतकर बढ़ाई संख्या
मालेगांव मध्य विधानसभा सीट से एआईएमआईएम ने मोहम्मद अब्दुल खालिक को अपना उम्मीदवार बनाया था. वहीं कांग्रेस की ओर से आसिफ शेख को टिकट मिला था. लेकिन आज शुरुआती रुझानों से ही अब्दुल खालिक बढ़त बनाए हुए थे. इस जीत में अब्दुल खालिक को 116085 वोट मिले हैं. जबकि कांग्रेस उम्मीदवार आसिफ 77521 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे. इस सीट पर खालिक को कुल वोट के 59.15 फीसद वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 39.50 प्रतिशत वोट मिले हैं.

एआईएमआईएम ने लोकसभा चुनाव में भी महाराष्ट्र में एक सीट पर जीत हासिल की थी. यह पहली बार था कि एआईएमआईएम ने महाराष्ट्र में सीट जीती थी. ओवैसी की पार्टी के वोट प्रतिशत में इजाफा हुआ है. इतना ही नहीं पार्टी महाराष्ट्र की नांदेड़ नगर पालिका में 11 सीटें जीत कर सियासी पंडितों को सोचने पर मजबूर कर चुकी है.



सीमांचल की किशनगंज सीट जीतकर खोला खाता


बेशक उपचुनाव में एआईएमआईएम ने किशनगंज विधानसभा सीट जीतकर बिहार में अपना खाता खोल दिया है. लेकिन जीत की दस्तक तो 2015 के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव 2019 में ही दे दी थी. विधानसभा में दूसरे तो लोकसभा चुनावों में एआईएमआईएम उम्मीदवार तीन लाख वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहा था. आज भी शुरुआती राउंड में कमरुल होदा की हालत कुछ ज्यादा अच्छी नहीं थी. 5वें राउंड तक वो पिछड़ते हुए नजर आए. लेकिन उसके बाद के राउंड में उन्हें जो बढ़त मिली तो फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

जनरल सेक्रेटरी, एआईएमआईएम इश्तियाक का कहना है कि पार्टी के अध्यक्ष का हर पीड़ित और कमजोर तक पहुंचना. उसकी जरूरत के वक्त उसके साथ खड़े रहना और कहीं भी जीतें या हारें लेकिन काम सबके लिए करना. इसी नीति के चलते हम हर चुनाव में अपनी बढ़त बना रहे हैं.

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