एटलस कंपनी मामला: जब सियासी पारा गरमाया तो श्रम विभाग ने कंपनी को जारी किया नोटिस
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एटलस कंपनी मामला: जब सियासी पारा गरमाया तो श्रम विभाग ने कंपनी को जारी किया नोटिस
साइकिल कंपनी एटलस ने गाजियाबाद में कारखाना बंद किया. मजदूर परेशान.

उत्तर प्रदेश श्रम विभाग (Uttar Pradesh Labor Department) ने नोटिस जारी कर कंपनी मालिक और वर्कर्स को वार्ता के लिए बुलाया है जिससे इस समस्या का कुछ हल निकाला जा सके. गाजियाबाद उप श्रम आयुक्त राजेश मिश्रा की तरफ से कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया है जिसमें पूछा गया है कि उन्हें ले-ऑफ (Lay-Off) की जरुरत क्यों पड़ी.

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लखनऊ/गाजियाबाद. एटलस कंपनी (Atlas Company) के बंदी के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश भर में सियासत का बाजार गर्म हो गया. विपक्षी पार्टियां इस मामले में सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही हैं. आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बाद अब श्रम विभाग ने कंपनी के मालिक और कर्मचारियों को नोटिस भेज कर वार्ता के लिए बुलाया है. दरअसल उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (Pandemic Coronavirus) के संकट के बाद हुए लॉकडाउन (Lockdown) से कुछ समय के लिए ठप हुए उद्योग धंधों पर आर्थिक संकट आ गया है. ऐसे में देश की चर्चित साइकिल कंपनी एटलस ने अपनी फैक्ट्री (Factory) बंद करने का ऐलान कर दिया जिसकी वजह से कंपनी में काम करने वाले वर्कर्स के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया.

श्रम विभाग ने एटलस कंपनी के मालिक और वर्कर्स को भेजा नोटिस


कंपनी ने आर्थिक तंगी का दिया हवाला
कंपनी ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए फैक्ट्री बंद करने की बात कही है. कंपनी के इस फैसले के बाद यूपी में सियासत तेज हो गई. पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) ने सरकार पर सवाल उठाए तो फिर पीछे-पीछे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी इसे बीजेपी की गलत नीतियों की वजह से शुरू हुई एक और बंदी करार दे दिया. प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा था, “कल विश्व साइकिल दिवस के मौके पर साइकिल कम्पनी एटलस की गाजियाबाद फैक्ट्री बंद हो गई. 1000 से ज्यादा लोग एक झटके में बेरोजगार हो गए. सरकार के प्रचार में तो सुन लिया कि इतने का पैकेज, इतने MoU, इतने रोजगार. लेकिन असल में तो रोजगार खत्म हो रहे हैं, फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं. लोगों की नौकरियां बचाने के लिए सरकार को अपनी नीतियाँ और योजना स्पष्ट करनी पड़ेगी.”




फिर अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “ आर्थिक मंदी की वजह से उप्र की प्रसिद्ध एटलस साइकिल कंपनी में ‘उत्पादन बंदी’की ख़बर बेहद चिंताजनक है. इससे हजारों मज़दूरों के सामने जीविका का संकट खड़ा हो गया है. बेरोज़गारी के इस दौर में ये गरीब अब कहां जाएंगे? भाजपा की गलत नीतियों की वजह से अब एक और ‘बंदी’शुरू.”

इस सबके बाद जब सियासी पारा काफी गर्म हो गया तब उत्तर प्रदेश श्रम विभाग ने नोटिस जारी कर कंपनी मालिक और वर्कर्स को वार्ता के लिए बुलाया है जिससे इस समस्या का कुछ हल निकाला जा सके. गाजियाबाद उप श्रम आयुक्त राजेश मिश्रा की तरफ से कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया है जिसमें पूछा गया है कि उन्हें ले-ऑफ की जरुरत क्यों पड़ी. दरअसल 3 जून से कंपनी ने कारखाना प्रबंधक के माध्यम से अपने कर्मचारियों के लिए बैठकी (ले-ऑफ) की सूचना दे दी है और इसे गाजियाबाद के उपश्रमायुक्त, संराधन अधिकारी, गाजियाबाद के साथ फैक्ट्री के मुख्य द्वार, नोटिस बोर्ड और कर्मचारी संगठनों के दफ्तर में प्रेषित कर दिया है. इसमें कहा गया है कि कंपनी पिछले कई सालों से भारी आर्थिक संकट से गुजर रही है. कंपनी ने सभी उपलब्ध फंड खर्च कर दिए हैं और स्थिति ये है कि कोई अन्य आय के स्रोत नहीं बचे हैं. यहां तक कि दैनिक खर्चों के लिए भी धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.

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