IAS अधिकारी रानी नागर को लेकर कांग्रेस ने हरियाणा के सीएम खट्टर से पूछे ये पांच सवाल
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IAS अधिकारी रानी नागर को लेकर कांग्रेस ने हरियाणा के सीएम खट्टर से पूछे ये पांच सवाल
रानी नागर ने अपने ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट कर कहा कि 30 मई को मेरी बहन और मुझ पर हमला किया गया है.

रानी नागर (Rani Nagar) करीब दो साल से विवादों के कारण बार-बार सुर्खियों में आती रही हैं. नागर गुर्जर समाज से आने वाली देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी (IAS Officer) हैं.

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गाजियाबाद. पिछले एक-दो महीने से हरियाणा कैडर (Hariyana Cadre) की आईएएस (IAS) अधिकारी रानी नागर (Rani Nagar) कई कारणों से चर्चा में रह रही हैं. रानी कुछ दिन पहले ही अपनी सुरक्षा का हवाला दे कर सिविल सर्विसेज की नौकरी से इस्‍तीफा देकर पैतृक निवास गाजियाबाद लौटी हैं. रानी के इस्तीफे के बाद यह खबर आई थी कि हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने इस्तीफा नामंजूर कर केंद्र को उनके कैडर ट्रांसफर के लिए भेजा है. इन सबके बावजूद रानी नागर रविवार को फिर से एक बार चर्चा में आ गईं. रानी नागर ने अपने ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट कर कहा कि 30 मई को उनकी बहन और उनपर हमला किया गया. रानी के इस ट्वीट के तुरंत बाद गाजियाबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी, लेकिन इस घटना पर विपक्षी पार्टियां खासकर कांग्रेस पार्टी अब हरियाणा और यूपी सरकार पर हमलावर हो गई है. कांग्रेस पार्टी के दो वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा ने रानी के बहाने हरियाणा सरकार हमला बोला है.

 रानी नागर पर हमले को लेकर सियासत गर्म
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया है कि गुर्जर समाज पिछड़ा वर्ग की इकलौती आईएएस अधिकारी रानी नागर पर लगातार जानलेवा हमला, शोषण व अत्याचार क्यों? नागर को जान से मारने के षडयंत्र की जांच क्यों नहीं कर रहीं यूपी-हरियाणा की भाजपा सरकारें? आज तक नागर के इस्तीफे खारिज करने व हरियाणा से यूपी कैडर बदलने पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया?





इसके साथ ही सुरजेवाला ने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी पांच सवाल भी पूछे हैं. सुरजेवाला ने पूछा है, 'गुर्जर समाज की इकलौती आईएएस अधिकारी सुश्री रानी नागर पर हो रहे लगातार हमले, शोषण व प्रताड़ना पर कार्रवाई न करने का राज क्या है? रानी नागर व उनकी बहन की बार-बार की गई शिकायतों पर खट्टर सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की? खट्टर सरकार ने रानी नागर पर हाई सिक्योरिटी यूटी गेस्ट हाउस चंडीगढ़ में हमले का संज्ञान क्यों नहीं लिया? मुख्यमंत्री ने रानी नागर को एक बार भी बुलाकर मिलना व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना उचित क्यों नहीं समझा? क्या खट्टर सरकार रानी नागर के हमलावरों को प्रत्यक्ष या परोक्ष संरक्षण दे रही है?'

हरियाणा कांग्रेस की एक और नेता कुमारी शैलजा ने भी रानी नागर पर हुए हमले पर ट्वीट किया है. शैलजा ने अपने ट्वीट में कहा है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के राज में वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी रानी नागर पर बार-बार जानलेवा हमला होना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है.



बता दें कि रविवार को रानी नागर ने अपने ट्वीट में लिखा, '30 मई 2020 को रात लगभग 09-10 बजे के बीच में मैं रानी नागर व मेरी बहिन रीमा नागर अपने ग़ाज़ियाबाद स्थित आवास के गेट पर खड़े थे. उसी समय एक व्यक्ति मकान नम्बर बी-96 न्यू पंचवटी कालोनी गाजियाबाद से निकलकर हमारे घर के गेट पर आया और उसने मेरे सिर पर लोहे की रॉड से वार किया. लोहे की रॉड का वार अपने सिर पर आते देखकर मैं भागकर आगे होकर बच गयी. इसके तुरन्त बाद उस व्यक्ति ने मेरी बहन रीमा नागर के पैर में लोहे की रॉड से हमला किया. जिससे मेरी बहन रीमानागर के पैर में बहुत चोट आयी. मेरी बहन रीमा नागर पैर से चलने में अभी असमर्थ हो गयी हैं.'

रानी नागर उत्‍तर प्रदेश के गाजियाबाद के बादलपुर गांव की रहने वाली हैं. रानी नागर हरियाणा कैडर की 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने पिछले दिनों अपनी जान को खतरा (Life Threat) बताते हुए एक वीडियो भी शेयर किया था. इसमें उन्होंने कर्फ्यू हटने के बाद इस्तीफा देने की बात कही थी. हालांकि बाद में वह इसी महीने इस्तीफा दे दिया था.



आईएएस अधिकारी रानी नागर करीब दो साल से विवादों के कारण बार-बार सुर्खियों में आती रही हैं. रानी नागर गुर्जर समाज से आने वाली देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं. वह दिसंबर, 2019 से अपनी बहन के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-6 में यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नंबर-311 में किराया चुकाकर रह रही थीं. रानी नागर ने जून 2018 में पशुपालन विभाग में अतिरिक्त सचिव रहते एक अफसर पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. तब उन्‍होंने पशुपालन विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलाटी पर दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

इसके बाद वह एक कैब ड्राइवर पर अभद्रता का आरोप लगाने के कारण सुर्खियों में आ गई थीं. वहीं, सिरसा जिला के डबवाली में एसडीएम पद पर रहते हुए उन्होंने एक ऑटो ड्राइवर से अपनी जान का खतरा बताया था. उन्‍होंने डीजीपी को इसकी शिकायत भी दी थी. इसके बाद उन्‍होंने सुरक्षा नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया था.

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