UP: ग्रेटर नोएडा में सरकारी कर्मचारी को NRC का सर्वेयर समझकर ग्रामीणों ने किया हमला
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UP: ग्रेटर नोएडा में सरकारी कर्मचारी को NRC का सर्वेयर समझकर ग्रामीणों ने किया हमला
गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में बुधवार को एक सरकारी कर्मचारी पर हमला करने का मामला सामने आया है. (फाइल फोटो)

गौतम बुद्धनगर (Gautam Buddha Nagar) जिले के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में बुधवार को एक सरकारी कर्मचारी को ग्रामीणों ने NRC का सर्वेयर समझा और उस पर हमला कर दिया. कर्मचारी आर्थिक जनगणना करने के लिए गांव में गया था.

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गौतम बुद्ध नगर. यूपी के गौतम बुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में बुधवार को एक सरकारी कर्मचारी पर हमला करने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने कर्मचारी को NRC या नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (National Register of Citizens) के लिए सर्वे करने वाला समझा, जबकि कर्मचारी आर्थिक जनगणना करने के लिए गांव में गया था.

सरकारी कर्मचारी को एनआरसी सर्वेयर समझते ही गांव भर में यह अफवाह फैल गई. अफवाह से आक्रोशित ग्रामीणों के समूह ने कर्मचारी पर हमला कर दिया. गौरतलब है कि यह गांव मुस्लिम बहुल आबादी वाला है. इस गांव का नाम छौलस है. इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति पर नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

देश भर में चल रही है एनआरसी पर बहस
पूरे देश में एनआरसी को लेकर बहस चल रही है. असम के नागरिकों की पहचान करने वाले एनआरसी की तरह पूरे देश में भी इसे लागू करने के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह भी लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान ये कह चुके हैं कि पूरे देश में एनआरसी लागू होगा और देश में गैरकानूनी तरीके से रह रहे बाहरी लोगों को निकाला जाएगा.



क्या है एनआरसी


एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के जरिए भारत में अवैध तरीके से रह रहे घुसपैठियों की पहचान की जाती है. अभी तक एनआरसी की प्रक्रिया सिर्फ असम में की गई है. असम में एनआरसी की फाइनल सूची जारी की जा चुकी है. असम में एनआरसी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरी की गई है. केंद्र सरकार ने कहा है कि वह पूरे देश में NRC को लागू करेगी. साथ ही यह भी कहा था कि देश भर में लागू होने वाली एनआरसी के मानक असम की एनआरसी के मापदंड से अलग होंगे.

आप किस आधार पर भारतीय नागरिक हो सकते हैं?
सवाल है कि किसके जरिये ये तय होता है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं? आप किस आधार पर भारतीय नागरिक हो सकते हैं? संविधान में विभिन्न अनुच्छेदों के जरिए नागरिकता को पारिभाषित किया गया है. इन अनुच्छेदों में वक्त-वक्त पर संशोधन भी हुए हैं. संविधान का अनुच्छेद 5 से लेकर 11 तक नागरिकता को पारिभाषित करता है. इसमें अनुच्छेद 5 से लेकर 10 तक नागरिकता की पात्रता के बारे में बताया गया है. वहीं अनुच्छेद 11 में नागरिकता के मसले पर संसद को कानून बनाने का अधिकार है.

नागरिकता और इससे जुड़ा कानून केंद्र की सूची में आता है. इस पर कानून बनाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को है. नागरिकता को लेकर 1955 में सिटीजनशिप एक्ट पास हुआ. एक्ट में अब तक चार बार 1986, 2003, 2005 और 2015 में संशोधन हो चुके हैं. एक्ट के जरिए केंद्र सरकार के पास ये अधिकार है कि वो किसे भारत का नागरिक माने और किसे नहीं.

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First published: February 19, 2020, 12:50 PM IST
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