BBA टीम ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से दो घरेलू नौकरानियों को कराया मुक्‍त, ट्रैफिकर हिरासत में
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BBA टीम ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से दो घरेलू नौकरानियों को कराया मुक्‍त, ट्रैफिकर हिरासत में
बचपन बचाओ आंदोलन एनजीओ देशभर में बच्‍चों के लिए काम करता है. (सांकेतिक फोटो)

बचपन बचाओ आंदोलन ( Bachpan Bachao Andolan) एनजीओ की टीम ने दिल्‍ली और जयपुर से दो घरेलू नौकरानियों को पुलिस की मदद से मुक्‍त कराया है.

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  • Last Updated: July 21, 2020, 11:51 PM IST
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दिल्‍ली/जयपुर. बचपन बचाओ आंदोलन ( Bachpan Bachao Andolan) की टीम ने दो घरेलू नौकरानियों को मुक्‍त कराया है, जिसमें एक दिल्‍ली (Delhi) में तो दूसरी जयपुर में काम करती थीं. दोनों को मुक्‍त कराने के बाद बालिका आश्रय गृहों में भेज दिया गया है और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है, जिस ट्रैफिकर (Trafficker) के माध्‍यम से दोनों लड़कियों को पंजाब से दिल्‍ली लाया गया था उसको हिरासत में ले लिया गया है. गौरतलब है कि ट्रैफिकर लगभग 20 सालों से इस धंधे में संलिप्‍त था और सैकड़ों लड़कियों की जिंदगी को तबाह किया है. इस मामले को लेकर पुलिस पूछताछ ट्रैफिकर से पूछताछ कर रही है और एक बड़े रैकेट के भंडाफोड़ होने की संभावना जताई जा रही है.

दिल्‍ली के आयानगर में हुई छापेमारी
दिल्‍ली बीबीए (Delhi Bachpan Bachao Andolan)के कार्यकर्ताओं ने एक सूचना पर तड़के सुबह तहसीलदार महरौली एवं थाना फतेहपुर के सहयोग से आया नगर के ए-7-87-एस-5 नामक घर पर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया. इस दौरान 16 वर्षीया मंजू (बदला हुआ नाम) नामक एक घरेलू नौकरानी को मुक्‍त कराया. लड़की को मुक्‍त कराने के बाद ‘निर्मल छाया’ नामक आश्रय गृह में भेज दिया गया है. गौरतलब है कि मंजू पंजाब से दिल्‍ली लाई गई थी और एक प्‍लेसमेंट एजेंसी के माध्‍यम से जहां वह काम करती थी वहां पहुंची थी. मंजू को काम करने के दौरान शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी. उसको वेतन का भी भुगतान नहीं किया जाता था. मंजू ने अपने मालिक से जब उसको अपने घर भिजवाने कीगुजारिश की, तो उससे मारपीट की गई और उसे घर से 18000 रुपये लाने को कहा गया.

जयपुर से भी मुक्‍त हुई एक लड़की
यही नहीं, मंजू के माध्‍यम से ही बीबीए कार्यकर्ताओं को जयपुर में भी एक लड़की के बुरी दशा में काम करने की जानकारी मिली. इसकी तुरंत सूचना बीबीए ने जयपुर के अपने साथियों को दी. सूचना मिलते ही जयपुर के साथियों ने मानव ट्रैफिकर विरोधी यूनिट, पूरब (एएचटीयू) और पुलिस स्‍टेशन आदर्श नगर के सहयोग से मकान नंबर-बी-61, यशपथ, तिलकनगर में छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया. वहां से 17 वर्षीया शिल्‍पा (बदला हुआ नाम) नामक लड़की को मुक्‍त करा लिया. शिल्‍पा को भी मंजू के साथ ही पंजाब से दिल्‍ली लाया गया था और उसे जयपुर भेज दिया गया था. यही नहीं, शिल्‍पा के साथ भी मारपीट की जाती थी और समय से भोजन नहीं दिया जाता था. वहीं, उसे घर से बाहर निकलने नहीं दिया जाता था



इन धाराओं में हुआ केस दर्ज
शिल्‍पा के मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 370(2), 344 एवं 374 और जेजे एक्‍ट 75, 79 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.बाल कल्‍याण समिति के आदेशानुसार लड़की को बालिका गृह में क्‍वारंटाइन के लिए भेज दिया गया है. जबकि इस मामले पर बीबीए प्रवक्‍ता मनीष शर्मा ने अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि पंजाब से लड़कियों को दिल्‍ली लाया जाना इस बात का संकेत है कि पंजाब भी उसे के एक स्रोत के रूप में काम कर रहा है. दिल्‍ली एएचटीयू को चाहिए कि वह राज्‍य में स्रोत क्षेत्रों का पता लगाए और उसके अनुसार कार्रवाई करे और मुक्‍त कराई गई लड़कियों के पुनर्वास की उचित व्‍यवस्‍था की जाए.
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