अनाधिकृत कॉलोनियों में चल सकेंगे बैंक्वेट हॉल, पूरी करनी होंगी ये सभी शर्तें, वरना कैंसल हो जाएगा रजिस्ट्रेशन!

South MCD में अनाधिकृत कॉलोनियों में चल रहे बैंक्वेट हॉलों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है. (File Photo)

South MCD में अनाधिकृत कॉलोनियों में चल रहे बैंक्वेट हॉलों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है. (File Photo)

साउथ निगम ने अनाधिकृत कॉलोनियों में चल रहे बैंक्वेट हॉल को परिचालन हेतु नियम निर्धारित कर स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में उन्हें पारित कर दिया है. बैंक्वेट हॉल के परिचालन की अनुमति हेतु आवेदक को सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा तथा ₹5000 का पंजीकरण शुल्क चुकाना होगा. निगम केवल समारोह के आयोजन की अनुमति देगा. भू उपयोग परिवर्तन संबंधी अधिकार दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के पास होंगे.

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  • Last Updated: April 1, 2021, 11:55 AM IST
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नई दिल्ली. साउथ दिल्ली नगर निगम (South MCD) में अनाधिकृत कॉलोनियों (Unauthorized Colonies) में चल रहे बैंक्वेट हॉलों (Banquet Hall) को बड़ी राहत देने का फैसला किया है. साउथ निगम (South Corporation) की स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में इससे संबंधित प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है.




साथ ही बैंक्वेट हॉल मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित किए गए शुल्क और समय सीमा का विशेष ध्यान रखें वरना नियमों उल्लंघन के चलते उनका पंजीकरण भी निरस्त किया जा सकता है. यह राहत अस्थाई‍ और पक्के बैंक्वेट हॉल दोनों के परिचालन के लिए दी गई है. इस फैसले से निगम ने बड़ा राजस्व अर्जित होने की उम्मीद जताई है.

स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन राजदत्त गहलोत ने बताया कि दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे निवासियों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित कर दिया गया था. इसी मद में अब साउथ निगम ने अनाधिकृत कॉलोनियों में चल रहे बैंक्वेट हॉल को परिचालन हेतु नियम निर्धारित कर स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में उन्हें पारित कर दिया है.
गहलोत ने बताया कि बैंक्वेट हॉल के परिचालन की अनुमति हेतु आवेदक को सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा तथा ₹5000 का पंजीकरण शुल्क चुकाना होगा. निगम केवल समारोह के आयोजन की अनुमति देगा. भू उपयोग परिवर्तन संबंधी अधिकार दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के पास होंगे.

राजदत्त ने बैंक्वेट हॉल के इस्तेमाल संबंधी शुल्कों के बारे में बताते हुए कहा कि अस्थाई निर्माण वाले 400 वर्ग मीटर तक के बैंक्वेट हॉल के लिए शुल्क 6000 रुपए, 400 से 1000 वर्ग मीटर के लिए 7000 रुपए, 1000 से 5000 वर्ग मीटर के लिए 12000 रुपए, 5000 से 10000 वर्ग मीटर के लिए 27000 रुपए तथा 10000 वर्ग मीटर से बड़े बैंक्वेट हॉल के लिए 52000 रुपए प्रति माह निर्धारित किया गया है जिसका भुगतान द्विवार्षिक आधार पर पहले छः महीने के शुल्क का भुगतान 10 जनवरी एवं अगले छह महीने के शुल्क का भुगतान 10 जुलाई तक किया जाना निर्धारित किया गया है.

तय समय पर भुगतान न करने की दशा में 5000 रुपए प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया जाएगा जिसके लिए अधिकतम 15 दिन का समय दिया जाएगा एवं उसके पश्चात उस बैंक्वेट हॉल का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा. वहीं, पूरे शुल्क का एक किश्त में भुगतान करने पर एक माह के शुल्क के रूप में छूट प्रदान की जाएगी.



वहीं पक्के निर्माण वाले बैंक्वेट हॉल के लिए भूतल का शुल्क अस्थाई निर्माण वाले बैंक्वेट हॉल से 25% अधिक होगा, प्रथम तल का शुल्क 1.25 गुना एवं द्वितीय तल का शुल्क 1.5 गुना होगा. राजदत्त ने कहा की इस कदम से साउथ निगम की आय में वृद्धि होंगी.
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