CAA: शाहीन बाग पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर, बोले- 10 दिनों में 5,000 और शाहीन बाग होंगे
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CAA: शाहीन बाग पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर, बोले- 10 दिनों में 5,000 और शाहीन बाग होंगे
पिछले साल 15 दिसंबर को जामिया नगर में सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शन के ठीक बाद शाहीन बाग में प्रदर्शन शुरू हुआ था

सीएए (CAA), एनआरसी (NRC) और एनपीआर (NPR) के विरोध में शाहीन बाग इलाके में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन जारी है.

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  • Last Updated: January 23, 2020, 6:11 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में प्रदर्शन जारी है. इस बीच, बुधवार की शाम भीम आर्मी (Bhim Army) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) प्रदर्शनकारियों से मिलने शाहीन बाग पहुंचे. बता दें कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को मंगलवार को तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली आने की सशर्त अनुमति दी थी. बता दें कि दिल्ली पुलिस ने भी बुधवार को कहा कि अगर विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र इस प्रदर्शन की वजह से कोई दिक्कत पेश आई तो उचित कार्रवाई की जा सकती है.

चंद्रशेखर ने कहा- मैं उन सभी को बधाई देना चाहता हूं जो इस प्रदर्शन में शामिल हैं. ये सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं है. हमें संविधान और देश की एकता को बचाना होगा. बीआर अंबेडकर ने कहा था कि महिलाएं ही इसे बचाएंगी. आज जब संविधान खतरे में है तो महिलाएं ही इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं हैं और इसके लिए लड़ाई में सबसे आगे हैं. न तो सर्दी और न ही सरकार इनके हौसले को तोड़ पा रहे हैं. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि देश में अगले 10 दिनों में शाहीन बाग की तरह 5,000 और प्रदर्शन स्थल होंगे.

'शाहीन बाग से जालियावाला बाग की याद आ गई'
इस मौके पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा, "शाहीन बाग से जालियावाला बाग की याद आ गई. हमने गोरे अंग्रेजों को भगाया. अब काले अंग्रेजों की बारी है. सरकार को ये गुमान है कि हम वापस नहीं लेंगे तो हम भी संघर्ष के लिए तैयार हैं. मैं सबसे आगे रहूंगा. मुझे ताज और तलवार से किसी एक को चुनना हो तो मैं तलवार चुनूंगा. मुझे जब देखते हैं तो डरकर अंदर कर देते हैं, लेकिन मैं नहीं हटूंगा."
'अब देश में 5 हजार शाहीन बाग होंगे'


भीम आर्मी चीफ ने कहा, "अगले कुछ दिनों में देश भर में घूमूंगा और ये विश्वास दिलाता हूं कि अब देश में 5 हजार शाहीन बाग होंगे. दिल्ली का ऐसा कोई रास्ता बताओ जहां जाम ना होता हो. क्या नोटबंदी से ज्यादा परेशानी है. देश बचाने का जज्बा है. कुर्बानी का जज्बा है. मेरी एक भी बहन को लाठी नहीं लगनी चाहिए. सरकार झूठ बोलती है कि सिर्फ मुस्लिम विरोध कर रहे हैं. यहां कौन नहीं है? यहां तिरंगा भी है, बाइबल भी. न हम सोएंगे और न ही सरकार को सोने देंगे."

'शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन से चुनावी प्रक्रिया में दिक्कत आई तो कार्रवाई करेंगे'
संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि अगर विधानसभा चुनाव प्रक्रिया में विरोध प्रदर्शन की वजह से बाधा पहुंचने की कोई शिकायत आती है तो वह उचित कार्रवाई करेगी. विशेष पुलिस उपायुक्त (चुनाव) प्रवीण रंजन ने कहा कि पुलिस को अभी चुनावी प्रक्रिया में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों द्वारा बाधा पहुंचाए जाने के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है.

महिलाओं और बच्चे समेत हजारों प्रदर्शनकारी 15 दिसंबर से शाहीन बाग और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के निकट सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ धरना दे रहे हैं. रंजन ने कहा कि पुलिस पहले ही प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने की अपील कर चुकी है. वहीं उप राज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार को स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को पेश आ रही समस्याओं को देखते हुए प्रदर्शनकारियों से यह धरना खत्म करने की अपील की.

 

 

करीब एक महीने से जारी है शाहीन बाग में प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पूर्व दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से सीएए के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है. पिछले साल 15 दिसंबर को जामिया नगर में सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शन के ठीक बाद यह प्रदर्शन शुरू हुआ था. शाहीन बाग में प्रदर्शन के कारण बदरपुर, कालिंदी कुंज और दक्षिणीपूर्व दिल्ली के अन्य इलाकों को नोएडा से जोड़ने वाला यातायात प्रभावित हुआ है.

CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चंद्रशेखर ने दायर की याचिका
चंद्रशेखर आजाद, सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष वजाहत हबीबुल्ला ने बुधवार (22 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन एक्ट, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के खिलाफ याचिका दायर की है.

CAA के खिलाफ पहले से ही दायर हैं 140 से अधिक याचिकाएं, बुधवार को SC में हुई सुनवाई
नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर दायर 140 से ज्यादा याचिकाओं पर बुधवार (22 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने सीएए पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने सभी याचिकाओं पर जवाब देने के लिए केंद्र को 4 हफ्ते का वक्त दिया है. वहीं, असम-त्रिपुरा से जुड़ी याचिकाओं पर केंद्र को 2 हफ्ते में जवाब देना होगा. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्ट को सीएए से जुड़ी किसी केस की सुनवाई नहीं करने को कहा है.

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