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देश की दो मुस्लिम यूनिवर्सिटी में संस्कृत पढ़ने-पढ़ाने से नहीं किसी को कोई गुरेज

एएमयू के संस्कृत विभाग ने तो दुनिया की पहली मुस्लिम महिला को पीएचडी की उपाधि देने का रिकॉर्ड बनाया है.

एएमयू के संस्कृत विभाग ने तो दुनिया की पहली मुस्लिम महिला को पीएचडी की उपाधि देने का रिकॉर्ड बनाया है.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (jamia millia islamia university) और एएमयू (AMU) में संस्कृत (Sanskrit) विभाग के एचओडी और चेयरमैन दावा करते हुए बताते हैं कि हमारे संस्कृत विभाग में टीचर और छात्रों के बीच मुस्लिम (Muslim) और नॉन मुस्लिम की संख्या का प्रतिशत 50-50 और 40-60 का रहता है.

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    नई दिल्ली. बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्र मुस्लिम टीचर (Muslim Teacher) से संस्कृत (Sanskrit) पढ़ने का विरोध कर रहे हैं. बीते करीब 20 दिन से छात्र धरने पर बैठे हुए हैं. लेकिन इससे इतर देश की दो मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Muslim University) ऐसी भी हैं जहां किसी को भी संस्कृत पढ़ने और पढ़ाने से कोई गुरेज नहीं है. इसमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के संस्कृत विभाग ने तो दुनिया की पहली मुस्लिम महिला को पीएचडी (Phd) की उपाधि देने का रिकॉर्ड बनाया है.

    एएमयू में 144 साल से पढ़ाई जा रही है संस्कृत

    संस्कृत विभाग, एएमयू के चेयरमैन प्रोफेसर शरीफ बताते हैं, “एएमयू के संस्कृत विभाग में बीए, एमए में तो संस्कृत पढ़ाई ही जा रही है, साथ ही संस्कृत में रिसर्च भी कराई जा रही है. इतना ही नहीं जो दूसरे विभाग के छात्र हैं, लेकिन संस्कृत पढ़ना चाहते हैं तो उनके लिए एक साल का डिप्लोमा कोर्स भी चलाया जा रहा है. डिप्लोमा करने के लिए लॉ, अरेबिक, अंग्रेजी-हिन्दी सहित दूसरे विभागों के छात्र आते हैं. 1875 में जब डॉ. सर सैय्यद अहमद ने स्कूल की स्थापना से शुरुआत की थी, तभी से लगातार संस्कृत पढ़ाई जा रही है.”

    डॉ. सलमा थीं संस्कृत में पहली मुस्लिम महिला रिसर्च स्कॉलर

    एएमयू जनसंपर्क विभाग के एसोसिएट मेंबर इंचार्ज डॉ. राहत अबरार बताते हैं, “एएमयू का संस्कृत विभाग एक ऐसा रिकॉर्ड रच चुका है जिसे तोड़ पाना अब मुश्किल है. यहां के संस्कृत विभाग ने दुनिया की पहली मुस्लिम महिला डॉ. सलमा महफूज को संस्कृत में पीएचडी की उपाधि देने का रिकॉर्ड रचा है. बाद में डॉ. सलमा एएमयू में ही प्रोफेसर हो गईं थी.”



    जामिया का विभाग 3 साल पुराना, लेकिन छात्रों की रहती है भीड़

    संस्कृत विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के एचओडी गिरीश सी पंत बताते हैं, “जामिया का संस्कृत विभाग 3 साल पहले ही शुरु हुआ है. लेकिन यहां संस्कृत पढ़ने वालों की भीड़ रहती है. बीए, एमए में संस्कृत पढ़ाने के साथ संस्कृत में रिसर्च भी कराई जाती है. साथ ही छात्रों की सुविधा के लिए सर्टिफिकेट कोर्स भी कराया जाता है. एमए संस्कृत करने के बाद 26 छात्र पास आउट भी हो चुके हैं.”

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया और एएमयू में संस्कृत विभाग के एचओडी और चेयरमैन दावा करते हुए बताते हैं कि हमारे संस्कृत विभाग में टीचर और छात्रों के बीच मुस्लिम और नॉन मुस्लिम की संख्या का प्रतिशत 50-50 और 40-60 का रहता है.

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