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दिल्ली पुलिस की बिहार और कोलकाता में बड़ी कार्रवाई, 9 साइबर अपराधी गिरफ्तार, ये है गंभीर आरोप

दिल्ली पुलिस की बिहार और कोलकाता में बड़ी कार्रवाई, 9 साइबर अपराधी गिरफ्तार, ये है गंभीर आरोप

इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले आरोपियों से जब पूछताछ की गई तब पता चला कि ये लोग फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए एक कॉलर सेंटर (Tele Callers ) तक बनाए हुए थे.  (सांकेतिक फोटो)

इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले आरोपियों से जब पूछताछ की गई तब पता चला कि ये लोग फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए एक कॉलर सेंटर (Tele Callers ) तक बनाए हुए थे. (सांकेतिक फोटो)

साइबर विंग के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा (DCP , IFSO Unit of Special Cell) के मुताबिक, इन आरोपियों ने कई दर्जन लोगों को कोरोना संक्रमण काल के दौरान मेडिकल उपकरण और ऑक्सीजन सिलेंडर देने के नाम पर चूना लगाया. एक मामले की अगर बात करें तो वो बेहद दर्दनाक कहानी है ,क्योंकि इन अपराधियों द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर देने के इंतजार में एक विनोद नाम के युवक की पत्नी की मौत तक हो गई थी.

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अंतर्गत साइबर विंग ( IFSO Unit of Special Cell) ने बिहार और पश्चिम बंगाल में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार सभी आरोपियों ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई ( oxygen cylinder delivery) की सुविधा राजधानी दिल्ली -एनसीआर समेत अन्य दूसरे राज्यों में उपलब्ध कराने के नाम पर काफी लोगों के साथ फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था. इन आरोपियों के पास से साइबर विंग की टीम ने 9 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 11 सिम कार्ड, सात ATM डेविड कार्ड और क्रेडिट कार्ड बरामद किया है.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अंतर्गत काम करने वाली IFSO यूनिट पिछले काफी समय से उन गैंग के खिलाफ काम कर रही है जो कोरोना संक्रमण काल के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कॉन्स्ट्रेटर की सप्लाई और मेडिसिन की सप्लाई के नाम पर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था. इसी मामले की तफ़्तीश के दौरान इन 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन आरोपियों में ज्यादातर आरोपी काफी पढ़े लिखे हैं. कुछ आरोपी PHD और MCA के स्टूडेंट हैं.  गिरफ्तार आरोपियों का नाम प्रमुख तौर पर इस प्रकार से है.

  1. सरिता देवी- बिहार राज्य अंतर्गत भागलपुर जिला के कहलगांव की रहने वाली (अकाउंट होल्डर )
  2. पिंकी देवी – उम्र – 37 साल , बिहार राज्य अंतर्गत भागलपुर जिला के कहलगांव की रहने वाली (अकाउंट होल्डर )
  3. नीतीश कुमार उर्फ सोनू राम- उम्र – 25 साल, बिहार के नवादा जिलान्तर्गत वारसलीगंज का रहने वाला (अकाउंट होल्डर )
  4. अमित रौशन – उम्र – 27 , बिहार के बेगूसराय जिला का रहने वाला
  5. सानू नंदी – उम्र – 24 साल, कलकत्ता स्थित सरसुन का रहने वाला (अकाउंट होल्डर )
  6. सौमेन मोंडल -उम्र – 35 साल , साल, कलकत्ता स्थित सरसुन का रहने वाला (अकाउंट होल्डर )
  7. उत्पल घोषाल- उम्र – 35 साल, कलकत्ता स्थित सरसुन का रहने वाला (अकाउंट होल्डर )
  8. पवन उर्फ प्रवीण कुमार – उम्र- 26 , शिक्षा -PHD स्टूडेंट (pursuing Phd ) बिहार के नालंदा जिला का रहने वाला (मास्टरमाइंड और मनी मैनेजर )
  9. कमल कांत सिन्हा –उम्र- 31 साल , शिक्षा- MCA का स्टूडेंट (Kamalkant is holding an MCA degree) ,बिहार के नालंदा जिला का रहने वाला (मास्टरमाइंड और मनी मैनेजर )
  10. सचिन कुमार- उम्र -23 साल , शिक्षा – पोस्ट ग्रेजुएट (postgraduates) ये बिहार के शेखपुरा ,गांव कबीरपुर का रहने वाला है , ये फिलहाल फरार (declared Proclaimed offender) है, जिसे दिल्ली पुलिस की टीम ने फिलहाल फरार घोषित कर दिया है और उसकी तलाश कर रही है. इस आरोपी को ATM से पैसे निकालने की जिम्मेदारी तय की गई थी.

शिकायतकर्ता की पत्नी की ऑक्सीजन सिलेंडर के इंतजार में हुई थी मौत
साइबर विंग के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा (DCP , IFSO Unit of Special Cell) के मुताबिक, इन आरोपियों ने कई दर्जन लोगों को कोरोना संक्रमण काल के दौरान मेडिकल उपकरण और ऑक्सीजन सिलेंडर देने के नाम पर चूना लगाया. एक मामले की अगर बात करें तो वो बेहद दर्दनाक कहानी है ,क्योंकि इन अपराधियों द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर देने के इंतजार में एक विनोद नाम के युवक की पत्नी की मौत तक हो गई थी.

ऑक्सीजन सिलेंडर प्रदान किया
दरसअल, विनोद कुमार नाम के शख़्स की पत्नी कोरोना संक्रमण (COVID-19) के दौरान जब बीमार पड़ी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी. ऐसे में डॉक्टर ने तत्काल प्रभाव से ऑक्सीजन सिलेंडर की जल्द से जल्द व्यवस्था करने की सलाह दी. विनोद कुमार ने उस वक्त मददगार ढूंढते हुए सोशल मीडिया को जब खंगाला तब मोबाइल नम्बर – 9748267125 प्राप्त हुआ, जो तत्काल प्रभाव से ऑक्सीजन सिलेंडर व्यवस्था करवाने का भरोसा दिया. विनोद कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से मांगे गए 25 ,000 हजार रुपया उसके SBI बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए. लेकिन पैसे लेने के बाद उस ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई करने वालों का मोबाइल फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया. बाद में काफी कोशिश करने के बाद भी उस आरोपी ने न तो पीड़ित शख़्स का पैसा लौटाया न ही ऑक्सीजन सिलेंडर प्रदान किया.

पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारी हुई
समय पर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने की वजह से विनोद की पत्नी की मौत हो गई. साइबर विंग की टीम ने इस मामले की तफ्तीश के दौरान तीन आरोपियों को बिहार (Bihar ) के अलग- अलग लोकेशन से गिरफ्तार किया. उसके बाद उन लोगों से हुई पूछताछ के बाद बाकी अन्य आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारी हुई.

फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए कॉलर सेंटर बनाया गया
इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले आरोपियों से जब पूछताछ की गई तब पता चला कि ये लोग फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए एक कॉलर सेंटर (Tele Callers ) तक बनाए हुए थे. और एकदम साजिश के तहत साइबर क्राइम के मामलों को अंजाम देते थे. लिहजा इस मामले में टेक्निकल ( technical investigation ) उपकरणों के माध्यम से कई आरोपियों से जुड़े कनेक्शन को और बेहतर तरीके से तफ़्तीश किया जा रहा है.

Tags: Arrested, Delhi news, Delhi police, Delhi-NCR News

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