कोरोना के बाद बदल गई मेट्रो, यात्रियों के लिए ये चीजें होंगी एकदम नई
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कोरोना के बाद बदल गई मेट्रो, यात्रियों के लिए ये चीजें होंगी एकदम नई
दिल्‍ली मेट्रो में प्रवेश करने से लेकर यात्रा करने तक में कोरोना के कारण कई बदलाव किए गए हैं.

कोरोना महामारी (Corona pandemic) से पहले और कोरोना के बाद मेट्रो (Metro Train) के सफर में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. जिनकी जानकारी सभी यात्रियों को होना जरूरी है. हालांकि इतनी एहतियातों के कारण सफर के दौरान यात्रियों को थोड़ी परेशानी भी उठानी पड़ सकती है.

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  • Last Updated: September 11, 2020, 9:13 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोविड-19 महामारी (Covid-19 pandemic) लॉकडाउन (Lockdown) के कारण करीब पांच महीने तक थमी रही मेट्रो रेल सेवाएं (Metro Rail Services) अनलॉक-4 (Unlock-4) के तहत सोमवार से फिर शुरू हो चुकी हैं. वहीं शनिवार यानि 12 सितंबर की सुबह से दिल्‍ली मेट्रो की सभी लाइनें खुल रही हैं. ऐसे में यात्री एक बार फिर दिल्‍ली-एनसीआर में मेट्रो का सफर कर सकेंगे. हालांकि कोरोना से पहले और कोरोना के बाद मेट्रो के सफर में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. जिनकी जानकारी सभी यात्रियों को होना जरूरी है.

कोरोना के बाद दिल्‍ली मेट्रो के सफर में कई एकदम नई चीजें देखने को मिलेंगी. महामारी को लेकर डरे हुए लोगों के लिए यह राहत की बात है. मेट्रो ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए सुरक्षित सफर पर फोकस किया गया है. हालांकि इतनी एहतियातों के कारण सफर के दौरान यात्रियों को थोड़ी परेशानी भी उठानी पड़ सकती है.

लगेज स्‍कैनिंग के साथ ही सैनिटाइजेशन भी



कोरोना से पहले दिल्‍ली मेट्रो में सफर के दौरान लोगों को अपने सामान की स्‍कैनिंग करानी होती थी, जिसकें लिए लगेज को स्‍कैनर में डालना होता था. अब कोरोना के बाद सामान की स्‍कैनिंग कराने के साथ ही इसका सैनिटाइजेशन भी कराना होगा. इसके लिए सभी मेट्रो स्‍टेशनों पर एक अलग से टेबल लगाई गई है. जिसपर सभी यात्रियों को एक-एक कर सामान बैग, पर्स आदि रखना होगा और मेट्रो में कार्यरत कर्मचारी सैनिटाइजर स्‍प्रे से सामान को सैनिटाइज करेगा. सामान को सैनिटाइज कराए बिना अब मेट्रो में सफर करना संभव नहीं होगा.


इसके साथ ही हर मेट्रो स्‍टेशन पर लगी हैंड सैनिटाइजर मशीन से हाथों को भी सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा.

अब करानी होगी थर्मल स्‍कैनिंग

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दिल्‍ली मेट्रो में अब यात्रियों को थर्मल स्‍क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है. जिसमें उनका तापमान मापा जा रहा है.


पहले यात्रियों को सिक्‍योरिटी गेट में जाकर सिर्फ फ्रि‍स्किंग करानी होती थी इसके लिए सीआईएसएफ के कर्मचारी यात्रियों के हाथ ऊपर कराकर उनकी मशीन से जांच करते थे कि वे कोई हथियार या नुकसानदायक चीज तो अपने साथ लेकर यात्रा नहीं कर रहे हैं. लेकिन अब फ्रिस्किंग के साथ ही यात्रियों को अपना तापमान भी चैक कराना होगा. इसके लिए मेट्रो स्‍टेशनों पर थर्मल स्‍कैनिंग की व्‍यवस्‍था की गई है. एक कर्मचारी मेट्रो स्‍टेशन में प्रवेश से पहले यात्रियों की थर्मल स्‍क्रीनिंग करेगा.

15 सेकेंड अतिरिक्‍त खुले रहेंगे दरवाजे

मेट्रो में सफर करने वालों को हमेशा ही जल्‍दी होती थी और यात्रियों को दौरान मेट्रो स्‍टेशन पर पहुंचने के बाद खुले गेटों के जल्‍द से जल्‍द होने का इंतजार होता था. लेकिन कोरोना के बाद यात्रियों का यह इंतजार अब और बढ़ जाएगा. दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया कि स्‍टेशन पर मेट्रो गेट खुलने का वक्‍त अब 15 सेकेंड और बढ़ा दिया गया है. ऐसा यात्रियों की सुविधा को देखते हुए किया गया है.

कोरोना को लेकर होगी स्‍पेशल अनाउंसमेंट

मेट्रो ट्रेनों में पहले से होने वाली अनाउंसमेंट में भी अब बदलाव देखने को मिलेगा. हर स्‍टेशन की जानकारी के साथ ही सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित करने वाले वाक्‍यों के साथ ही अब कोरोना को लेकर जागरुक करने वाला अनाउंसमेंट भी मेट्रो में सुनने को मिलेगा. हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में अब कोरोना से बचने के लिए लोगों को एहतियात बरतने के लिए कहा जाएगा. साथ ही मास्‍क पहनने, हैंड सैनिटाइज करने, सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करने और बिना वजह मेट्रो में यात्रा न करने की सलाह भी दी जाएगी.

बैठने की सीटों में सोशल डिस्‍टेंसिंग

को देखते हुए सोशल डिस्टेंमसिंग, थर्मल स्क्री निंग, यात्रियों के सामान के सैनिटाइजेशन आदि के बदले हालातों में मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्यान एक तिहाई से भी कम हो गई है.
को देखते हुए सोशल डिस्टेंमसिंग, थर्मल स्क्री निंग, यात्रियों के सामान के सैनिटाइजेशन आदि के बदले हालातों में मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्यान एक तिहाई से भी कम हो गई है.


कोरोना से पहले की तरह अब खचाखच भरे मेट्रो कोचों की घिचपिच में सफर करने से निजात मिलेगी. पहले की तरह अब सीटों के बजाय बीच में भीड़-भाड़ में खड़े होकर, मेट्रो ट्रेन के फर्श पर बैठकर, शीशे और दरवाजों से सटकर खड़े होने के साथ ही सभी सीटों पर बैठकर भी सफर करना संभव नहीं होगा. बल्कि मेट्रो कोच में लगी सीटों पर एक मीटर की दूरी का ध्‍यान रखते हुए सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ बैठना होगा. इसके लिए पहले ही मेट्रो कोचों में सीटों को अल्‍टरनेट तरीके से उपयोग के लिए निर्देश लगा दिए गए हैं.

कैशलैस ट्रांजेक्‍शन और स्‍मार्टकार्ड से होगी यात्रा

मेट्रो कार्ड भूलने या न खरीदने की स्थिति में टोकन से यात्रा करने वालों को अब संभलना होगा. कोरोना के बाद शुरू हो रही सेवाओं में टोकन की सुविधा नहीं होगी. बल्कि इसके लिए मेट्रो कार्ड ही लेना होगा. इतना ही नहीं मेट्रो कार्ड लेने के लिए भी कैश लेना या देना मना होगा. सिर्फ ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन ही इसका एकमात्र विकल्‍प होगा. ऐसे में यात्रियों के फोन में किसी भी ऑनलाइन पेमेंट एप या कार्ड का होना जरूरी होगा.

हालांकि आरोग्‍य सेतु एप को लेकर डीएमआरसी की ओर से बताया गया कि यह फोन में रखना अनिवार्य नहीं है. बल्कि एहतियात के तौर पर इसे फोन में रखने की सलाह डीएमआरसी देता है.
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