BJP का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप, कोरोना केस बढ़ रहे थे तो ईद पर बाज़ार क्यों खोले

छठ पूजा दिल्ली में बैन किए जाने का बीजेपी लगातार विरोध कर रही है.
छठ पूजा दिल्ली में बैन किए जाने का बीजेपी लगातार विरोध कर रही है.

बीजेपी का आरोप है कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सारे काम कर सकते हैं तो छठ पूजा, दीवाली के दौरान पटाखों (Firecrackers) पर रोक क्यों? अगर दिल्ली में कोरोना केस बढ़ रहे हैं तो ईद (Eid) पर बाज़ार क्यों खोले गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 3:47 PM IST
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नई दिल्ली. घाट (Ghat) समेत सार्वजनिक जगहों (Public Place) पर छठ पूजा बैन किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार विरोध कर रही है. आज भी बैन के विरोध में दिल्ली (Delhi) बीजेपी के पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन में सीएम आवास पर प्रदर्शन किया. बीजेपी की मांग है कि छठ पर्व की अनुमति दी जाए. नियमों के तहत छठ पर्व मनाया जा सकता है. सीएम आवास की तरफ बढ़ रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर रोक दिया. दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता नवीन कुमार ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सारे काम कर सकते हैं तो छठ पूजा, दीवाली के दौरान पटाखों (Firecrackers) पर रोक क्यों? अगर दिल्ली में कोरोना केस बढ़ रहे हैं तो ईद (Eid) पर बाज़ार क्यों खोले गए.

18 नवंबर से शुरु होकर 21 तक चलेगा छठ पर्व

इस साल छठ पर्व 18 नवंबर से 21 नवंबर तक मनाया जाएगा. 18 नवंबर को इसकी शुरुआत होगी. इस दिन नहाय-खाय, 19 नवंबर को खरना, 20 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 21 नवंबर की सुबह सूरज को अर्घ्‍य के साथ इसकी समाप्ति होगी. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को छठ पर्व से पहले अपने इलाकों के धार्मिक और सामाजिक लीडर्स, छठ पूजा समितियों के साथ मीटिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं.



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पहले 268 पूजा घाट थे बीते साल 565 जगह हुई पूजा

सरकार द्वारा दिल्ली में बीते साल 565 जगहों पर छठ पूजा का आयोजन किया गया था. गौरतलब रहे कि 2018 में दिल्ली में 268 घाटों पर छठ पूजा का आयोजन किया गया था, जबकि 50 जगहों पर स्थायी रूप से छठ घाटों का निर्माण किया गया था. छठ घाट के निर्माण तथा उसकी तैयारियों के लिए एक निगरानी समिति बनाई गई थी, जिसमें विधायक संजीव झा, तीर्थ यात्रा विकास समिति के अध्यक्ष कमल बंसल और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारी सदस्य के रूप में रखे गए थे.
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