Delhi में Corona का बड़ा झटका, 24 घंटे में 51 की मौत, 6842 केस सामने आए, मंत्री बोले- तीसरी वेव शुरु हो गई है  

बीते कुछ दिनों से दिल्ली में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
बीते कुछ दिनों से दिल्ली में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री (Delhi health minister) सत्येंद्र जैन (Satyendar jain) ने ये भी माना कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी वेव शुरू हो गई है, जिसकी वजह से लगातार मामले बढ़ रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 10:37 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में एक बार फिर कोरोना (Corona) ने अपना ही मंगलवार का रिकार्ड तोड़ दिया है. बुधवार को 24 घंटे में कोरोना के 6842 केस सामने आए हैं. वहीं 51 कोरोना पॉजिटिव की मौत हो गई है. जबकि मंगलवार को कोरोना के 6725 मामले सामने आए थे. इसके साथ ही पॉज़िटिविटी रेट में भी बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली में सक्रिय मरीज़ों की संख्या अब 37,369 हो गई है, जोकि अब तक की सबसे बड़ी संख्या बताई जा रही है. वहीं दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण (Air Pollution) भी परेशानी को और बढ़ा रहा है.

सतेन्द्र जैन बोले- कोरोना की तीसरी वेव शुरू हो गई है

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे मामलों पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि इसका कारण दिल्ली में हो रही एग्रेसिव टेस्टिंग हैं. अब अगर परिवार में एक व्यक्ति भी कोरोना पॉज़िटिव होता है तो उसके तमाम क्लोज़ कॉन्टैक्ट्स का टेस्ट किया जाता है. भले ही उसमें कोई लक्षण हों या न हों. साथ ही सत्येंद्र जैन ने ये भी माना कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी वेव शुरू हो गई है, जिसकी वजह से लगातार मामले बढ़ रहे हैं.



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आंख, गले और फेफड़े को नुकसान का खतरा

सांस लेते वक्त इन कणों को रोकने का हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है. ऐसे में पीएम 2.5 हमारे फेफड़ों में काफी भीतर तक पहुंचता है. पीएम 2.5 बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. इससे आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ती है. खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ होती है.

एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या है?

प्रदूषण की समस्या मापने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स बनाया गया है. इंडेक्स बताता है कि हवा में पीएम-10, 2.5, PM10, PM2.5, सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) सहित 8 प्रदूषकों की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय किए गए मानकों के तहत है या नहीं.

एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच ‘बेहतर’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है.
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