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गार्गी कॉलेज यौन उत्पीड़न केस: 10 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने जांच के लिए बनाई 11 टीमें
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Updated: February 13, 2020, 2:50 PM IST
गार्गी कॉलेज यौन उत्पीड़न केस: 10 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने जांच के लिए बनाई 11 टीमें
पुलिस ने बताया कि जांच के लिए 11 टीमें बनाई गई हैं और सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच की जा रही है.

दक्षिण दिल्ली के डीसीपी ए. ठाकुर ने बताया है कि गार्गी कॉलेज यौन उत्पीड़न मामले (Gargi College Sexual Harassment Case) में हौज खास पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. सभी 10 आरोपियों को 14 दिनों के लिए न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

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नई दिल्ली. गार्गी कॉलेज यौन उत्पीड़न मामला (Gargi College Sexual Harassment Case) में प्रिंसिपल (Principal) प्रमिला कुमार अब सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही हैं. उनका कहना है कि हमारी प्रदर्शनकारी (Protester) छात्राओं से बातचीत हो गई है. उधर, दक्षिण दिल्ली के डीसीपी ए ठाकुर ने बताया है कि, गार्गी कॉलेज यौन उत्पीड़न मामले में हौज खान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. कोर्ट ने इन सभी को 14 दिनों के लिए न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. इन सभी पर आईपीसी की विभिन्‍न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

डीसीपी ने बताया 11 टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं. हम विभिन्न तकनीकी विवरणों की जांच कर रहे हैं. एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में संदेहास्पद लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. प्रिंसिपल ने बताया कि, पुलिस में मामला दर्ज करा दिया गया है. सीसीटीवी (CCTV) कैमरे भी दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने सीज कर दिए हैं. जांच चल रही है. जबकि बुधवार सुबह करीब 11 बजे कॉलेज के हालात कुछ और ही थे. छात्राएं घटना के विरोध में नारेबाजी कर रहीं थी.

डीयू ने कॉलेजों से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने बीते सप्ताह गार्गी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से साथ हुई कथित छेड़छाड़ को लेकर सभी प्राचार्यों को परामर्श जारी कर छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है. विश्वविद्यालय ने 10 फरवरी को जारी परामर्श में कॉलेजों को दो सप्ताह के भीतर छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिये भी कहा है. डीयू ने गार्गी कॉलेज में हुई घटना की निंदा करते हुए पुलिस से इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया है. परामर्श में कहा गया है कि डीयू ने कॉलेज की प्राचार्य से इस मामले में की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट भी मांगी है.

जब News18 हिंदी के रिपोर्टर बुधवार को सुबह 11 बजे कॉलेज के गेट नंबर दो पर पहुंचे तो बाहर ही पुलिस की जिप्सी खड़ी थी. हर छात्रा का आईकार्ड चेक करके ही अंदर जाने दिया जा रहा था. इस गेट का इस्तेमाल सिर्फ छात्राएं ही करती हैं. रिपोर्टर जब प्रिंसिपल और प्रदर्शनकारी छात्राओं से मिलने के लिए गेट नंबर एक पर पहुंचे तो गेट पर मौजूद चौकीदार ने अंदर जाने से रोक दिया. परिचय और आने का मकसद पूछने के बाद मैसेज प्रिंसिपल तक पहुंचा दिया.

प्रिंसिपल ऑफिस से आया फरमान एंट्री नहीं है
प्रिंसिपल ऑफिस से आए एक कर्मचारी ने बताया कि प्रिंसिपल मैडम अभी फुर्सत में नहीं हैं, इसलिए वह मिल नहीं सकती हैं. जब रिपोर्टर ने बताया हमारे पास कोई कैमरा वगैरह नहीं है और न ही हमारा काम कैमरे का है, तो प्रिंसिपल का मैसेज आया कि एक घंटे इंतजार किजिए. लेकिन आधे घंटे बाद ही मैसेज आया कि आप जाइए आज (बुधवार को) मुलाकात नहीं हो पाएगी. तब रिपोर्टर ने कहा मोबाइल नंबर ही दे दीजिए एक घंटे बाद बात कर लेंगे. प्रदर्शनकारी छात्राओं से बात करने की इजाजत मांगी गई तो वह भी नहीं मिली.
गार्गी कॉलेज.


गेट नंबर दो के सामने ही हो रही थी नारेबाजी
लेकिन रिपोर्टर ने प्रिंसीपल से बात करने की कोशिश जारी रखी. उनका मोबाइल नंबर मिल ही चुका था. एक बार शाम को खबर लिखते समय उन्हें फोन किया. अच्छी बात यह रही कि प्रिंसीपल से फोन पर बात हो गई. फोन पर उन्होंने जो बताया वो कुछ इस तरह था. प्रिंसिपल डॉ. प्रमिला कुमार के अनुसार गार्गी कॉलेज में हुई इस घटना की एफआईआर संबंधित पुलिस स्टेशन में दर्ज हो चुकी है. लेकिन सुबह 11 बजे कॉलेज कैम्पस में प्रदर्शनकारी छात्राओं की नारेबाजी जारी थी. 'वी वांट जस्टिस, हमें चाहिए आज़ादी' और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के नारे लग रहे थे. प्रदर्शन नीचे चल रहा था, लेकिन छात्राओं की भीड़ दूसरी मंजिल तक मौजूद थी.

गार्गी कॉलेज.


ये थे गार्गी कॉलेज की छात्राओं के आरोप
गार्गी कॉलेज की छात्राओं ने दावा किया है कि कॉलेज के वार्षिक समारोह के दौरान जबरन परिसर में घुसे पुरुषों के समूह ने जब वहां मौजूद छात्राओं के साथ छेड़छाड़, बदतमीजी और बेहूदा हरकतें की तब वहां तैनात सुरक्षा कर्मी हाथ बांधे मूक दर्शक बनकर देखते रहे, उन्होंने कुछ नहीं किया. उल्लेखनीय है कि कॉलेज द्वारा नियुक्त सुरक्षाकर्मियों के अलावा इलाके में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों की भी तैनाती थी.

इस भयानक घटना से गुजरी छात्रा ने बताया, 'वार्षिक उत्सव से करीब एक महीने पहले तैयारियों की देखरेख करने वाली समिति ने हमें बताया कि निजी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है. यह सुरक्षा पुलिस सुरक्षा से अतिरिक्त होगी, लेकिन जब पुरुष दीवार फांद कर परिसर में दाखिल हुए तब सुरक्षाकर्मी उन्हें देखते रहे, रोकने की भी कोशिश नहीं की. सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार पर निराशा व्यक्त करते हुए एक अन्य छात्रा ने बताया, 'एक अर्धनग्न व्यक्ति मेरी तरफ आया। वह नशे में था और उसने मुझे छुआ और भद्दी टिप्पणी की. हम कॉलेज परिसर के एक कोने से दूसरे कोने तक भागते रहे, सुरक्षा कर्मियों से मदद की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया.'

बिना इजाज़त के कैंपस में घुसी थी भीड़
छात्रा ने कहा, 'कॉलेज ने बाउंसर की तैनाती की थी. सुरक्षा बल भी वहां थे लेकिन वे सब देख रहे थे. मेरी दोस्त जिसके साथ छेड़छाड़ हुई है सुरक्षा कर्मियों से मदद की गुहार लगाई लेकिन वह हिला तक नहीं.' उन्होंने बताया कि गत वर्षों की सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर कॉलेज ने इस साल पुरुष आगंतुकों के लिए पास व्यवस्था लागू की थी. छात्राओं के मुताबिक पास धारक पुरुषों को ही परिसर में प्रवेश करने की अनुमति थी और कॉलेज प्रशासन जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दे रहा था. पुरुषों को परिसर में आने की अनुमति शाम चार बजकर 30 मिनट पर रोक देनी चाहिए थी.

दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अतुल कुमार ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धाराओं 452 (हमला करना, या नुकसान पहुंचाने के इरादे से अनधिकृत तरीके से घुसना), धारा 354 (महिला की मर्यादा भंग करने की मंशा से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), धारा 509 (किसी महिला की मर्यादा का अनादर करने के आशय से कोई अश्लील शब्द कहना, हावभाव प्रकट करना या कोई कृत्य करना) और धारा 34 (साझा आपराधिक इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच दक्षिण दिल्ली जिले की महिला के खिलाफ अपराध शाखा की इंस्पेक्टर प्रतिभा शर्मा करेंगी. अधिकारी ने बताया कि पुलिस साक्ष्य जुटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और तथ्यों की पुष्टि के लिए छात्राओं से बातचीत कर रही है.

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First published: February 12, 2020, 7:21 PM IST
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