ब‍िहार जामताड़ा-2: जानें द‍िल्‍ली और मुंबई में कैसे लोगों को बनाया जा रहा है साइबर ठगी का शिकार

दिल्‍ली पुल‍िस ने ब‍िहार से छोटू गैंग के चार लोगों को ग‍िरफ्तार क‍िया है जो साइबर ठगी करते थे.

दिल्‍ली पुल‍िस ने ब‍िहार से छोटू गैंग के चार लोगों को ग‍िरफ्तार क‍िया है जो साइबर ठगी करते थे.

Bihar News: ये छोटू गैंग बिहार में बनाना चाहता है साइबर क्राइम का 'दूसरा जामताड़ा'. इस गैंग में करीब 200- 300 गुर्गे काम करते है. कोरोना संक्रमण काल के इस दूसरे फेज में बिहार से दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा बिहार के नालंदा इलाके से साइबर क्राइम के करीब सवा 100 से ज्यादा लोगों को चूना लगाया गया.

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कोरोना संक्रमण काल के दौरान बिहार का छोटू चौधरी गैंग सोशल मीडिया का प्रयोग करके दिल्ली-एनसीआर, मुंबई सहित अन्य राज्यों में सवा सौ से ज्यादा साइबर क्राइम के मामले को अंजाम दे चुका है, लेकिन दिल्ली पुलिस की इंटर स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने बिहार जाकर उस गैंग के चार अपराधियों को पकड़कर दिल्ली लाई है, जिससे आगे की पूछताछ की जा रही है. हालांक‍ि इस गैंग का मुख्य सरगना छोटू चौधरी अभी भी फरार है. ये छोटू गैंग बिहार में बनाना चाहता है साइबर क्राइम का 'दूसरा जामताड़ा'. इस गैंग में करीब 200- 300 गुर्गे काम करते है. कोरोना संक्रमण काल के इस दूसरे फेज में बिहार से दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा बिहार के नालंदा इलाके से साइबर क्राइम के करीब सवा 100 से ज्यादा लोगों को चूना लगाया गया.

एक श‍िकायकर्ता शरद चंद्रन ने बताया क‍ि दिल्ली स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में मेरे रिश्तेदार भर्ती थे. कोरोना वायरस से संक्रमित होने की वजह से वो जिंदगी और मौत से वो जूझ रहे थे. उस वक्त उनको ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की आवश्यकता हुई, जो उस वक्त अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो सका था. हम लोग अपने परिवार की जिंदगी बचाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार थे. किसी भी हालत में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करना चाह रहे थे. तभी सोशल मीडिया के मार्फत हमें कुछ मोबाइल नंबर मिले, जिस पर हमने आंख बंदकर भरोसा किया, लेकिन मेरी और मेरी परिवार की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उन शातिर बदमाशों ने हमें ऑक्सीजन सिलेंडर दिलाने के नाम पर ही लूट लिया और हमारे पैसे भी ठग लिए और वक्त पर ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं करा पाने की वजह से हमारे रिश्तेदार की हालत खराब हुई .

ऑक्सीजन गैस सिलेंडर ऑनलाइन बेचने के नाम पर फर्जीवाड़ा

दिल्ली पुलिस की इंटर स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने बिहार में जाकर एक ऐसे गैंग के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया है, जो इस कोरोना संक्रमण काल के दौरान जब दिल्ली-एनसीआर में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी हो रही थी. तब इसके गैंग ने करीब 10 दर्जन से ज्यादा लोगों ने सवा सौ से भी ज्यादा जरूरतमंद यानी मरीजों के परिजनों को ऑक्सीजन गैस सिलेंडर के नाम लूटा और उसके साथ साइबर क्राइम के मामले को अंजाम दिया.
इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए बिहार के नालंदा में एक्टिव इंटर स्टेट "गैंग छोटू चौधरी गैंग" के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद इन आरोपियों के पास से 21 मोबाइल , 9 ऐसे मोबाइल नंबर जो फेक बैंक एकाउंट से अटैच थे. 23 एटीएम कार्ड, 22 फर्जी मोबाइल सि‍म कार्ड, बैंक एकाउंट संबंधित दस्तावेज और बैंक खाता, पासबुक, लैपटॉप , चेकबुक, आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित कई अन्य दस्तावेज बरामद किए है.

क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार छोटे चौधरी गैंग के इन चारों आरोपियों का नाम इस प्रकार से है -

1. दीपक -- गांव बिजभानपुर ,जिला नालंदा का रहने वाला



2. पंकज - शेखपुरा जिला में शोखोपुर गांव का रहने वाला

3. श्रवण - नीमगंज , बिहार शरीफ ,नालंदा का रहने वाला

4. मिथलेश -- नरसलीगंज , बिहार शरीफ ,नालंदा का रहने वाला

करीब 300 से ज्यादा साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले गुर्गों का सरगना है छोटू चौधरी

बिहार के नालंदा इलाके में छोटू चौधरी बहुत ही चर्चित अपराधी का नाम है, जिसके नेतृत्व में करीब 200- 300 लोगों की टीम इसी तरह के फर्जीवाडे के मामले को अंजाम देने के लिए काम करती है. कोरोना संक्रमण काल के दौरान दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के डीसीपी अन्येष राय के मुताबिक, इस कोरोना संक्रमण काल के दूसरे फेज के दौरान सबसे ज्यादा साइबर क्राइम के फर्जी कॉल बिहार से ही आए थे. जो ज्यादातर इसी अपराधी के गुर्गे द्वारा अंजाम दिया जाता है. छोटू चौधरी करीब दो तीन सालों से लगातर साइबर क्राइम के मामले को अंजाम दे रहा है. इसी दौरान अब वो कई अवैध संपत्तियों का मालिक भी बन चुका है. छोटू चौधरी अपने टीम में बेहद कम उम्र वाले युवकों को ही रखता है, जिनको पैसों और मौज मस्ती का लालच देकर उसे इस तरह के धंधे में उतारता है. इसके बाद उसे शातिर अपराधी बना देता है और अपने इशारे पर काम करवाता है.

क्राइम ब्रांच के अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में जांचकर्ताओं को तफ्तीश के दौरान ये जानकारी मिली थी क‍ि ये छोटे चौधरी गैंग बिहार शरीफ, नालंदा जिला अंतर्गत कई इलाके में इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा है. क्राइम ब्रांच के पास इस तरह के जब कई मामले दर्ज हुए तो उसके बाद इस मामले में क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर प्रवीर रंजन, एडिशनल कमिश्नर सिबेश सिंह और डीसीपी मोनिका भारद्वाज के बीच आपस में कई राउंड की बातचीत हुई और स्पेशल कमिश्नर के द्वारा विशेष तौर पर निर्देश डीसीपी को दिया गया. इस तरह के मामले को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, जिससे ये कोशिश किया जाए की मजबूर लोगों की समय के साथ उचित मदद हो सके. उसके बाद डीसीपी मोनिका भाारद्वाज ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी संदीप लाम्बा और इंस्पेक्टर विवेकानंद झा के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर लोकेन्द्र, संजय, एएसआई धर्मेंद्र, श्रीपाल, हेड कांस्टेबल विनोद, कांस्टेबल प्रवीण की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया और चार आरोपियों को गिरफ्तार करके दिल्ली लाया गया. जिससे इस मामले में आगे पूछताछ की जाएगी.

इसके साथ ही इस गैंग में शामिल तमाम अन्य आरोपियों सहित फरार मुख्य सरगना छोटू चौधरी के बारे में विस्तार से पूछताछ की जाएगी . पुलिस के मुताबिक छोटू चौधरी की के गुर्गे पहले फ्लिपकार्ड, फोनो फ्रेंडशिप जैसे पुराने तरीके से फर्जीवाडे को अंजाम देता था, लेकिन इस कोरोना संक्रमण काल के दौरान इस महामारी को उसने अवसर बनाकर ऑक्सीजन सिलेंडर सहित अन्य मेडिकल मसलों के नाम पर साइबर अपराध के मामले को अंजाम देने में जुट गया .

साइबर अपराधियों का बिहार से लेकर मुंबई तक फैला है कनेक्शन के तार

डीसीपी मोनिका भारद्वाज के मुताबिक, जब कुछ मामलों की तफ्तीश की गई तो पता चला की इन साइबर अपराधियों ने फर्जीवाडे को अंजाम दिया तो उसके बाद कई बैंक एकाउंट में पैसा ट्रांसफर हो रहा था, जिसमें कई बैंक एकाउंट मुंबई का भी था. लिहाजा इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम अब कई राज्यों में इस गैंग के फैले कनेक्शन को खंगालने के लिए कई बैंक अधिकारियों से भी संपर्क साथ रही है, जिससे की इस मामले में तमाम जानकारियों को प्राप्त करके आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके.

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