BJP ने AAP सरकार पर लगाए आरोप, कहा- कोरोना टेस्टिंग सेंटर पर लग रही लंबी लाइनें, 3 दिन तक करना पड़ रहा इंतजार


दिल्ली सरकार ये सब सुविधाएं बढ़ाएगी, तभी कोरोना के बढ़ते कोरोना मरीजों को मेडिकल सुविधा मिल पाएगी. (तस्वीर-AP)

दिल्ली सरकार ये सब सुविधाएं बढ़ाएगी, तभी कोरोना के बढ़ते कोरोना मरीजों को मेडिकल सुविधा मिल पाएगी. (तस्वीर-AP)

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी में सरकार से राजधानी में टेस्टिंग सेंटर बढ़ाने की भी मांग की है. अभी एक टेस्टिंग सेंटर में सिर्फ 75 टेस्ट करने की सुविधा दी गई है. लोगों को टेस्ट कराने के लिए ही 23 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. आखिर टेस्टिंग सेंटर क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे और एक सेंटर में 300 टेस्ट की सीमा क्यों नहीं तय की जा रही.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 10:24 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) दावा कर रही है कि हर रोज 90 हजार से एक लाख लोगों के कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं. दूसरी तरफ अभी भी टेस्टिंग सेंटरों पर कोरोना टेस्ट कराने वालों की हर रोज लंबी लाइनें लग रही है. सीमित संख्या में हर रोज होने वाले टेस्टिंग की वजह से 2 से 3 दिन इंतजार करना पड़ रहा है.

इस मामले पर भाजपा ने केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) की व्यवस्था पर बड़े सवाल भी खड़े किए हैं. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी (Ramvir Singh Bidhuri) ने केजरीवाल सरकार से राजधानी में टेस्टिंग सेंटर बढ़ाने की भी मांग की है. उन्होंने कहा है कि अभी एक टेस्टिंग सेंटर में सिर्फ 75 टेस्ट करने की सुविधा दी गई है.

नतीजा यह है कि लोगों को टेस्ट कराने के लिए ही दो-दो तीन-तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. आखिर टेस्टिंग सेंटर क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे और एक सेंटर में 300 टेस्ट की सीमा क्यों नहीं तय की जा रही.

उन्होंने कहा है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है. और दिल्ली सरकार प्राइवेट अस्पतालों के लिए तो दिशा-निर्देश जारी कर रही है. लेकिन सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे.
बिधूड़ी ने कहा है कि सरकारी अस्पतालों में बेड बढ़ाने की भी निश्चित क्षमता है जबकि दिल्ली में कोरोना जितनी रफ्तार से फैल रहा है, उसे देखते हुए वह पूरी तरह अपर्याप्त है.

सरकारी अस्पतालों में मांग के अनुसार वेंटिलेटर, आईसीयू बेड, ऑक्सीजन और मेडिकल स्टाफ का अभाव है. इसीलिए लोग सरकारी अस्पतालों में नहीं जा रहे. लोगों की यह जिद नहीं है कि उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में जाना है बल्कि वे अपनी जान की सुरक्षा के लिए प्राइवेट अस्पतालों को चुन रहे हैं.

बिधूड़ी ने हैरानी जाहिर की कि सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) दिल्ली के सरकारी मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने की बात नहीं कर रहे बल्कि महंगे होटलों और बेंक्वेट हालों को अस्पतालों से जोड़ने की कवायद कर रहे हैं. सरकारी मेडिकल सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई है.



सवाल यह है कि मध्यम, निम्न या गरीब वर्ग इन अस्पतालों का खर्चा भला कैसे वहन कर सकता है क्योंकि इनके लाखों के बिल आ रहे हैं. बिधूड़ी ने सुझाव दिया कि दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग खाली पड़ी हैं, उन सभी में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और मेडिकल स्टाफ का इंतजाम करके अस्थाई अस्पताल बनाए जा सकते हैं. दिल्ली के स्टेडियमों में भी यह व्यवस्था की जा सकती है.
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