अपना शहर चुनें

States

दिल्ली सरकार पर बीजेपी ने कटाक्ष कर पूछा - क्या विज्ञापन देने से कोरोना और प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई पूरी हो जाएगी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल  (फाइल फोटो)
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने पूछा है कि जिनको दिल्ली की जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है, वो काम क्यों नहीं करना चाहते. वो सिर्फ प्रचार-प्रसार करते दिखते हैं. क्या विज्ञापन देने मात्र से उनकी जिम्मेदारी पूरी हो जाएगी?

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 10:23 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना (Corona) को लेकर दिल्ली (Delhi) में चल रही पार्टियों की खींच-तान थम नहीं रही. अब भी इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियां कोई गंभीर कदम उठाने के बजाए एक-दूसरे की टांग खींचने में लगी दिख रही हैं. इसी क्रम में न्यूज एजेंसी एएनआई को आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Delhi BJP President Adesh Gupta) ने एक बयान दिया है. उन्होंने पूछा है कि जिनको दिल्ली की जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है वो काम क्यों नहीं करना चाहते. वो सिर्फ प्रचार-प्रसार करते दिखते हैं. क्या विज्ञापन देने मात्र से उनकी जिम्मेदारी पूरी हो जाएगी, क्या विज्ञापन देने से कोरोना और प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई पूरी हो जाएगी.

ध्यान रहे कि दिल्ली में सरकार ने COVID19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आधार पर नांगलोई मार्केट की दुकानों को सील करने का आदेश दिया था. इस आदेश पर व्यापारियों ने विरोध व आपत्ति जताई. इसके बाद सरकार ने दुकानों को सील करने का निर्णय वापस ले लिया. बावजूद व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं. नांगलोई बाजार, शुकर बाजार मार्केट एसोसिएशन के महासचिव सुभाष बिंदल ने कहा कि कल रात सरकार ने दुकानों को सील करने का ऑर्डर वापस लिया है, लेकिन आधिकारिक ऑर्डर की कॉपी नहीं मिली. सुभाष बिंदल का कहना है कि बाजार को सील करना गलत था. यहां सभी मानदंडों का पालन किया जा रहा था. उन्होंने बाजार के पास मुख्य सड़क पर भीड़ के आधार पर इसे सील कर दिया था.


इस बीच तत्काल लॉकडाउन लगाने वाली जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने पूछा, 'क्या लॉकडाउन ही एकमात्र समाधान है?' कोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन से जुड़े निर्देश नीतिगत फैसले के तहत आते हैं, जो संबंधित संस्थाएं ही ले सकती हैं. दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी.एन. पटेल और जस्टिस प्रतीक जालान की बेंच ने याचिका को आधा-अधूरा और अनावश्यक बताया. याचिकाकर्ता डॉ. कौशल कांत मिश्रा की ओर से पेश वकील पूजा धर से बेंच ने पूछा कि वह याचिका वापस लेंगी या फिर अदालत इसे खारिज करने के साथ-साथ जुर्माना भी लगाए. मिश्रा की वकील ने याचिका वापस लेने पर सहमति जताई और उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष इसे प्रस्तुत करने की इजाजत मांगी. अदालत ने ऐसी कोई मंजूरी देने से इनकार करते हुए कहा कि ‘याचिका वापस ली गई हुई मानते हुए इसे खारिज किया जाता है.’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज