BJP का AAP पर हमला, कहा-दिल्लीवालों को नई बसों का सपना बेच रही सरकार, सालभर में नहीं आई एक भी!

केजरीवाल सरकार परिवहन व्यवस्था को सुधारने की बजाय खोखली घोषणा करने में मशगूल है.

दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, डीटीसी के रिकॉर्ड अनुसार उसके पास 3600 बसें हैं पर वास्तविकता यह है कि उनमें से अधिकांश खराब हैं. इनमेें से लगभग 1800 बसें ही चलने योग्य है. इसके अतिरिक्त 2400 निजी क्लस्टर सेवा की बसें है और कुल मिला के 4200 बसें चलती हैं जबकि जरूरत है 11000 ‍बसों की.

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    नई दिल्ली. दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) की व्यवस्था बेहद खराब है. दिल्ली भाजपा ने केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर आरोप लगाया है कि वह परिवहन व्यवस्था को सुधारने की बजाय खोखली घोषणा करने में मशगूल है.


    दिल्ली सरकार (Delhi Government) को तुरंत 3000 निजी बसें अल्पकालिक ठेके पर लेकर डीटीसी के बेड़े में शामिल कर लोगों को राहत देने की जरूरत है.


    दिल्ली भाजपा (BJP) ने 310 खरीदने के मामले पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यह सभी ई-बसें ठेके पर ली जाएंगी. वहीं उन्होंने सामान्य बसों की खरीद में भ्रष्टाचार होने के आरोप भी लगाए.


    अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) ने कहा है कि कोई ऐसा महीना नहीं जाता जब अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार डीटीसी (DTC) के बेड़े में नई बसें जोड़ने की घोषणा ना करती हो.


    गुप्ता ने कहा है कि केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) सपनों की सौदागर है. गत एक साल से दिल्ली वालों को नई बसों का सपना बेच रही है पर असल में एक भी बस नहीं आई है.


    दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था (Public Taransport System) पूरी तरह चरमरा चुकी है, डीटीसी के रिकॉर्ड अनुसार उसके पास 3600 बसें हैं पर वास्तविकता यह है कि उनमें से अधिकांश खराब हैं. इनमेें से लगभग 1800 बसें ही चलने योग्य है. इसके अतिरिक्त 2400 निजी क्लस्टर सेवा की बसें है और कुल मिला के 4200 बसें चलती हैं जबकि जरूरत है 11000 ‍बसों की.


    इसका नतीजा है अधिकांश बस रूट खाली जाते हैं. उन पर बसें चलती ही नहीं, खासकर दिल्ली के देहात एवं दूरदाज क्षेत्रों में.

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