बंगाल में थानेदार अश्विनी कुमार की हत्या पर बोले BJP सांसद, एंटीलिंचिंग ब्रिगेड आज क्यों हैं चुप ?

उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल राजनीतिक पुनर्जागरण के दौर से गुज़र रहा है. (फाइल फोटो)

उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल राजनीतिक पुनर्जागरण के दौर से गुज़र रहा है. (फाइल फोटो)

उन्होंने कहा, जो लोग पहलू खान को लेकर चिल्लाते थे, ये तमाम एंटी लिंचिंग ब्रिगेड आज चुप क्यों है ? बीजेपी सांसद (BJP MP) ने सवाल पूछा क्या उस थानेदार का मानवाधिकार नहीं है ?

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 1:52 PM IST
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नई दिल्ली. बीजेपी सांसद राकेश सिंहा (BJP MP Rakesh Sinha) ने बिहार के किशनगंज (Kishanganj) के थानेदार अश्विन कुमार (Ashwin kumar) की पश्चिम बंगाल में लिंचिंग और हत्या के मामले पर कड़ा ऐतराज़ जताया है. न्यूज़ 18 से बात करते हुए राकेश सिंहा ने कहा जिस तरह से जेहादी ताक़तों का इस देश में मनोबल बढ़ाया गया है, वे अब क़ानून का डर नहीं मान रहे हैं. यहां तक कि क़ानून-व्यवस्था को लागू करने वाले लोगों पर भी सीधा हमला कर रहे हैं. जैसे पश्चिम बंगाल में सीआरपीएफ़ पर हमला और अब एक थानेदार की लिंचिंग कर दी गई.

उन्होंने कहा, जो लोग पहलू खान को लेकर चिल्लाते थे, ये तमाम एंटी लिंचिंग ब्रिगेड आज चुप क्यों है? बीजेपी सांसद ने सवाल पूछा क्या उस थानेदार का मानवाधिकार नहीं है ? क्या उसके परिवार पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा है ? जिस प्रकार से चयनित तथ्यों के आधार पर राजनीति में लोग अपनी बातें रखते हैं, उसका बुरा असर समाज पर पड़ता है. उसी तरह जो समाज विरोधी ताक़तें हैं वो प्रोत्साहित होती हैं. आज लेफ़्ट लिब्रल और राहुल गांधी की बड़ी चुप्पी .है उससे ऐसी ताक़तों को लगता है कि उन्हें राजनीतिक रूप से वैधानिकता और सहारा मिल रहा है. बिहार के थानेदार की हत्या और वहां चुनावी हिंसा दोनों को लेकर बीजेपी सांसद ने पश्चिम बंगाल में अपने विरोधियों पर निशाना साधा.

प्रजातंत्र विरोधी चरित्र साफ़ दिखाई देता है

राकेश सिंहा ने कहा कि साठ-सत्तर के दशक में हिंदुस्तान में बूथ लूटने और हिंसा की घटनाए हुआ करती थीं, लेकिन हिंदुस्तान का लोकतंत्र काफ़ी आगे बढ़ा. लोगों की परिपक्वता बढ़ी और चुनाव आयोग ने इस पर काफ़ी सख़्ती भी की. लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, समेत सभी राज्यों में पश्चिम बंगाल एक अपवाद है. वहां बर्बरता की राजनीति इस हद तक है कि टीएमसी का नेतृत्व सीधे-सीधे अपने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करती हैं, भड़काती हैं, उत्तेजित करती हैं, उनका मनोबल बढ़ाती है कि अब सुरक्षा बलों का भी मुक़ाबला करो. बूथ लूट लो, चुनाव नहीं होने दो, इस तरह ममता बनर्जी का प्रजातंत्र विरोधी चरित्र साफ़ दिखाई देता है.
हम दो तिहाई बहुमत से सरकार बनवा रहे है

उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल राजनीतिक पुनर्जागरण के दौर से गुज़र रहा है. ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, कांग्रेस, सीपीएम, टीएमसी ने लंबी दूरी तय की है बंगाल में. अब पांच दशक बाद एक ऐसी पार्टी सरकार में आ रही है जो सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में विश्वास करती है, जिसकी जड़, ज़मीन पश्चिम बंगाल में मूलतः थी. जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी यहीं से आते थे. आज जनसंघ और बीजेपी का संकल्प था पश्चिम बंगाल में, वो सफल हो रहा है. हम दो तिहाई बहुमत से सरकार बनवा रहे हैं.
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