बेकाबू कोरोना पर BJP का AAP पर निशाना, कहा-देश की संक्रमण दर को लांघ गई दिल्ली, तैयारियों पर जारी हो श्वेत पत्र

दिल्ली सरकार की तैयारियां पर भाजपा ने श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है.

दिल्ली सरकार की तैयारियां पर भाजपा ने श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है.

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कोरोना पर दिल्ली की स्थिति और आप सरकार की तैयारियों पर श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने की मांग की है. दिल्ली में आज संक्रमण दर 30 फीसदी से भी ज्यादा हो गई है जबकि देश की संक्रमण दर अब अपने उच्चतम लेवल पर होते हुए भी 16.69 फीसदी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 11:03 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में बढ़ते कोरोना (Corona) मरीजों की संख्या को लेकर अब भाजपा (BJP) भी केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर लगातार हमला बोल रही है. दिल्ली में संक्रमित मरीजों के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है. इस सभी के चलते संक्रमण दर देश की तुलना में दिल्ली में डबल यानी 30 फीसदी तक हो चुकी है.

इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) की ओर से किस तरह की तैयारियां की गई हैं, इस पर भाजपा ने जल्द से जल्द श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की है. संक्रमित मरीजों की संख्या भी 74,941 को पार कर गई है.

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि कोरोना के इस संकट के दौर में भी आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) के नेताओं को राजनीति सूझ रही है. दिल्ली पर ध्यान देने की बजाय वे भाजपा (BJP) पर दोषारोपण से बाज नहीं आ रहे. दिल्ली में इसीलिए कोरोना बेकाबू हुआ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को दिल्ली की चिंता नहीं है. बिधूड़ी ने कोरोना पर दिल्ली की स्थिति और आप सरकार की तैयारियों पर श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने की मांग की है.

बिधूड़ी ने कहा है कि दिल्ली में आज संक्रमण दर 30 फीसदी से भी ज्यादा हो गई है. रोजाना 25 हजार से भी ज्यादा मरीज आ रहे हैं. देश की संक्रमण दर अब अपने उच्चतम लेवल पर होते हुए भी 16.69 फीसदी है जबकि दिल्ली की संक्रमण दर इससे लगभग दुगुनी है.
इसी तरह दिल्ली की मृत्यु दर भी पूरे देश में सबसे ज्यादा राज्यों में से बनी हुई है. देश की राष्ट्रीय मृत्यु दर आज की तारीख में 1.18 फीसदी है जबकि दिल्ली में मृत्यु दर 1.42 फीसदी है.

बिधूड़ी ने पूछा है कि क्या यही केजरीवाल मॉडल है जिसका झूठा बखान आम आदमी पार्टी के नेता पूरी दुनिया में करते फिरते हैं. दिल्ली में 69 हजार करोड़ का बजट है और बजट पेश करते हुए हर बार कहा जाता है कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा खर्च किया जा रहा है.

इस साल भी बजट में 9 हजार 934 करोड़ रुपए यानी 14 फीसदी बजट स्वास्थ्य पर खर्च करने की बात कही गई लेकिन सवाल यह है कि दिल्ली को पिछले एक साल में स्वास्थ्य क्षेत्र में क्या मिला? दिल्ली में एक भी नया अस्पताल नहीं खुला. हालत यह है कि वर्तमान अस्पतालों में 30 फीसदी स्टाफ की कमी है जिसमें मेडिकल और नॉन मेडिकल स्टाफ शामिल है.



केजरीवाल सरकार बताए कि कोरोना से निपटने के लिए एक साल में कितने वेंटिलेटर बेड बढ़ाए गए, कितने ऑक्सीजन बेड या आईसीयू बेड बढ़ाए गए. आज दिल्ली में 15,057 बेड में से दिल्ली सरकार के सिर्फ 4927 बेड हैं. कुल मरीजों में से सिर्फ 27 फीसदी ही सरकारी अस्पतालों में दाखिल हैं. बाकी सारा बोझ प्राइवेट अस्पताल या फिर केंद्र सरकार (Central Government) के अस्पताल बर्दाश्त कर रहे हैं.

बिधूड़ी ने कहा कि पहले भी तब भी केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध सुविधाओं या प्राइवेट अस्पतालों के जरिए दिल्ली को संकट से उबारा गया. केंद्र सरकार अब भी पूरी तरह मदद के लिए आगे आई है.

रक्षा मंत्रालय डीआरडीओ अस्पताल ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है. यहां 250 बेड के अस्पताल ने आज से काम करना शुरू कर दिया है.

रेलवे (Railway) करीब 1200 बेड 75 कोच के जरिए दे रहा है जोकि शकूर बस्ती और आनंद विहार स्टेशनों पर भेजे जा रहे हैं. राधा स्वामी सत्संग भवन में भी केंद्र सरकार की मदद से ही अस्थाई अस्पताल शुरू हो रहा है. यहां ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे जिनकी सबसे ज्यादा कमी है. इसके अलावा ऑक्सीजन और दवाइयों के जरिए भी दिल्ली को मदद दी जा रही है.
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