दिल्ली में बढ़ रहे Black Fungus के मामले, सरकार की बढ़ी चिंता, जानिए किन अस्पतालों में फिलहाल हो रहा इलाज?

अब तक दिल्ली में करीब 500 के करीब ब्लैक फंगस के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं.

अब तक दिल्ली में करीब 500 के करीब ब्लैक फंगस के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं.

Black Fungus: अब तक दिल्ली में करीब 500 के करीब ब्लैक फंगस के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं. दिल्ली के 15 अस्पतालों में अभी केंद्र, दिल्ली सरकार और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. दिल्ली में एलएनजेपी, जीटीबी, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एम्स नई दिल्ली व झज्जर, लेडी हॉर्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया, प्रमुख रूप से शामिल हैं. सर गंगा राम अस्पताल में भी ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

  • Share this:

नई दिल्ली. कोरोना (Corona) की दूसरी लहर के बीच देश में तेजी से ब्लैक फंगस ‍(Black Fungus) ‍के ‍मामले रिकॉर्ड  किए जा रहे हैं. देशभर में अब तक 5,424 मामले सामने आ चुके हैं. यह सभी मामले 18 राज्यों के तमाम शहरों से रिकॉर्ड किए गए हैं. इसमें देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) भी प्रमुख रूप से शामिल है.

राजधानी दिल्ली की बात करें तो अब यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है. वहीं, मौतों की संख्या भी कम हो रही है. लेकिन अभी भी हर रोज 200 से ज्यादा लोगों की जान कोरोना से जा रही है. इस दौरान यहां ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मामले भी तेजी से रिकॉर्ड किए जा रहे हैं. अब तक दिल्ली में करीब 500 के करीब ब्लैक फंगस के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं.

इस बीच देखा जाए तो दिल्ली में बढ़ते ब्लैक फंगस के मामलों को काबू करने और उसके इलाज के लिए  दिल्ली सरकार ने 3 बड़े अस्पतालों लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (Lok Nayak Jai Prakash), गुरु तेग बहादुर अस्पताल (GTB Hospital) और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (Rajiv Gandhi Super Speciality Hospital) तीनों में ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए सेंटर स्थापित किए हैं. हालांकि अभी एलएनजेपी और जीटीबी में ही ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

Youtube Video

एक दिन में आये ‌40 मरीज, सरकार की बढ़ी चिंतादिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की माने तो दिल्ली सरकार ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरीके से प्रयासरत है. एलएनजेपी अस्पताल में 1 दिन में 40 मरीज ब्लैक फंगस के सामने आए हैं. यह सरकार के लिए एक बड़ी चिंता की बात है.

इस बीमारी वालों काे हो रहा ब्लैक फंगस

चिकित्सकों की माने तो ब्लैक फंगस कोविड मरीजों (Covid Patients) में ज्यादा देखा जा रहा है. साथ ही वह कोविड मरीज और डायबिटीज, किडनी बीमारी, लीवर, कार्डियक डिसऑर्डर और उम्र दराज के अलावा जोड़ों की बीमारी आदि के मरीजों में ज्यादा देखा जा रहा है. इन सभी के स्टेरॉयड (Steroids) लेने की वजह से इम्यूनिटी कमजोर जाने की वजह से इन मरीजों की संख्या बढ़ रही है.



15 अस्पतालों में चल रहा है ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज

इस बीच देखा जाए तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के 15 अस्पतालों में अभी केंद्र, दिल्ली सरकार और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. दिल्ली सरकार के एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में तीन सेंटर ब्लैक फंगस इलाज के लिए बनाए गए है.

केंद्र सरकार के अधीनस्थ अस्पतालों की बात करें तो उनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली और झज्जर, लेडी हॉर्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल प्रमुख रूप से शामिल हैं. सर गंगा राम अस्पताल में भी ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

दिल्ली को मिल रहे हैं सिर्फ 2000 इंजेक्शन

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन माने तो दिल्ली में जिस तरह से ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं. उसके हिसाब से डिमांडेड इंजेक्शन का आवंटन प्राप्त नहीं हो पा रहा है. दिल्ली को अभी सिर्फ 2,000 इंजेक्शन ही आवंटित हो रहे हैं.

कोरोना मरीजों की संख्या अब 24,578 रह गई

कोरोना मरीजों की संख्या में हर रोज अब कमी दर्ज की जा रही है. 30 मार्च को 992 मामले रिकॉर्ड किए गए थे जो अब 1 अप्रैल के बाद 2,000 से कम मामले रिकॉर्ड किए गए हैं. सोमवार को कोरोना संक्रमित मरीज 1 दिन में 1,550 रिकॉर्ड किए गए. वहीं, रविवार को 1,649, शनिवार को 2,260, शुक्रवार को 3,009, वीरवार को 3,231 और बुधवार को 3,846 रिकॉर्ड किए गए थे. इन सभी मामलों पर नजर डालें तो बुधवार के बाद से लगातार मामलों में हर रोज गिरावट दर्ज की जा रही है. अब एक्टिव मरीजों की संख्या भी 24,578 रह गई है.

ब्लैक फंगस के उभरते मामलों को लेकर केन्द्र और राज्यों के बीच समन्वय: डॉ. हर्ष वर्धन

दिल्ली और देश में बढ़ते ब्लैक फंगस मामलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन का कहना है कि म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) यानी ब्लैक फंगस के उभरते मामलों को लेकर केन्द्र और राज्यों के बीच बहतर तालमेल और समन्वय है. इसकी सराहना की जानी चाहिए. 18 राज्यों से 5424 मामले सामने आए हैं, जिनमें से अधिकांश संख्या गुजरात और महाराष्ट्र से है.

इनमें से 4556 मामले कोविड-19 (COVID-19) के संक्रमण वाले हैं, जबकि शेष गैर-कोविड मामले हैं. संक्रमित मामलों में से 55 प्रतिशत को मधुमेह है. इस फंगस के उपचार के लिए केन्द्र सरकार ने एनफोटेरिसिन-बी (Amphotericin-B) की 9 लाख वायल (Vial) का ऑर्डर जारी किया है. अगले सात दिन में लगभग 3 लाख वायल उपलब्ध हो जाएंगे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज