Corona News- गाजियाबाद में पैर पसार रहा है ब्‍लैक फंगस, अब तक 30 मरीज मिले

अलग-अलग अस्‍पतालों में भर्ती हैं ब्‍लैक फंगस के मरीज

अलग-अलग अस्‍पतालों में भर्ती हैं ब्‍लैक फंगस के मरीज

दिल्‍ली और मेरठ के बाद अब गाजियाबाद में भी म्यूकोरमायकोसिस (mucoramycosis) यानी ब्‍लैक फंगस (Black fungus) पैर पसार रहा है. अब तक 30 मरीज मिल चुके हैं.

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गाजियाबाद. दिल्‍ली और मेरठ के बाद अब गाजियाबाद में भी म्यूकोरमायकोसिस (mucoramycosis) यानी ब्‍लैक फंगस (Black fungus) पैर पसार रहा है. अब तक करीब 30 मरीज मिल चुके हैं.डॉक्‍टरों के अनुसार रोजाना 5 से 6  मरीजों का ऑपरेशन (operation) किया जा रहा है. जिला स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने ब्‍लैक फंगल को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली है. जिले में मिल रहे मरीजों का अलग-अलग जगह इलाज किया जा रहा है.

गाजियाबाद में सबसे अधिक मरीज हर्ष पॉलीक्‍लीनिक राजनगर में भर्ती हैं. यहां पर अब तक 21 मरीज भर्ती हो चुके हैं. डाक्‍टर बीपी त्‍यागी ने बताया कि धीरे-धीरे ब्‍लैक फंगस के मरीजों की संख्‍या बढ़ती जा रही है.  जिले भर में 30 मरीजों में से 21 मरीज यहीं पर भर्ती हैं. औसतन 5 से 6 मरीजों का रोजाना आपरेशन हो रहा है. डाक्‍टर त्‍यागी ने बताया कि इसका इलाज दो तरह से ही किया जा सकता है. पहला इसका इंजेक्‍शन आता है जो बाजार से लगभग गायब हो चुका है, दूसरा विकल्‍प ऑपरेशन है. लोगों की आंख और जान बचाने के लिए ऑपरेशन ही करना पड़ रहा है, क्‍योंकि इंजेक्‍शन बाजार में पर्याप्‍त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है. ब्‍लैक फंगस कोरोना इलाज के दौरान अधिक स्टेरायड लेने से होता है. यह रोग कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को अधिक अपना शिकार बनाता है.

ब्लैक फंगस के लक्षण

इस बीमारी के लक्षणों में चेहरे पर सुन्नपन आना, एक तरफ या दोनों तरफ की नाक का बंद होना, आंखों में सूजन, आंख की पुतली का ना घूमना, अंधापन होना, आंख से दो-दो दिखाई देना, तालू की लालिमा का खत्म होना, दांतों का हिलना, खाने में दिक्कत होना, सरदर्द, चक्कर आना, उल्टी आना, बेहोशी छाना व सुस्ती आना है.

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