दिल्ली में तेजी से फैल रहा Black Fungus, आने वाले महीनों में यहां पहुंच जाएगा आंकड़ा!

दिल्ली में अब ‍कुल ‍613 मामले ब्लैक फंगस के रिकॉर्ड किए जा चुके हैं.

दिल्ली में अब ‍कुल ‍613 मामले ब्लैक फंगस के रिकॉर्ड किए जा चुके हैं.

Delhi Black Fungus Cases: दिल्ली में ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अब तक 613 मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं, आने वाले महीनों में इनकी संख्या 1,000 पार होने की संभावना जताई गई है. सरकार ने इस बाबत दिल्ली हाईकोर्ट में जानकारी भी दी है. ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इंजेक्शन की भारी कमी भी जताई गई है.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) संक्रमित मामलों का ग्राफ घटने के बाद अब ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं. इसको लेकर दिल्ली सरकार (Delhi Government) पूरी तरह से चिंतित है. दिल्ली में अब ‍कुल ‍613 मामले ब्लैक फंगस के रिकॉर्ड किए जा चुके हैं. इन सभी मरीजों का इलाज दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.

बताते चलें कि देशभर में 9,000 से ज्यादा ब्लैक फंगस के मामले अब तक रिकॉर्ड किए जा चुके हैं. और तेजी से बढ़ते मामलों के चलते केंद्र सरकार (Central Government) भी अब पूरी तरह से हरकत में आ गई है. देश में ब्लैक फंगस के‌ इंजेक्शन की भारी कमी है. इसको पूरा करने के लिए अब विदेशों से भी जल्द से जल्द मदद लेने का प्रयास किया जा रहा है.

उधर, देश की राजधानी दिल्ली में भी आने वाले महीनों में मामलों के 1,000 पार करने की संभावना जताई गई है. इस बाबत जानकारी दिल्ली सरकार की ओर से  दिल्ली हाई कोर्ट  के समक्ष दी गई है.

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दिल्ली सरकार ने ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए फिलहाल 3 सरकारी अस्पतालों लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दिलशाद गार्डन और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, ताहिर पुर में अलग सेंटर बनाए हैं.

इसके अलावा केंद्र सरकार के अधीनस्थ एम्स नई दिल्ली और झज्जर, सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल और अन्य अस्पताल में ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज किया जा रहा है. वहीं, प्राइवेट अस्पताल सर गंगाराम में भी बड़ी संख्या में म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) मरीजों का इलाज किया जा रहा है. यहां पर अब तक 80 मरीज ब्लैक फंगस के भर्ती हो चुके हैं. लेकिन इन मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में लिपोसोमल एंफोटेरिसिन-बी‌ (Liposomal Amphotericin-B) इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है.

दिल्ली सरकार की माने तो वर्तमान में मरीजों के इलाज के लिए 6,000 इंजेक्शन की जरूरत है. लेकिन केंद्र से पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं.



बताया जाता है कि यह बीमारी ज्यादातर उन लोगों को अपनी चपेट में ले रही है जो कोविड मरीज हैं या फिर कोविड से ठीक हो चुके हैं या फिर डायबिटीज, कैंसर, जोड़ों की बीमारी और दूसरी अन्य बीमारियों से पहले से ही ग्रसित हैं. वह लगातार स्टेरॉइड आदि ले रहे हैं.

इस बीच देखा जाए तो दिल्ली में बढ़ते ब्लैक फंगस के मामलों और दवाई इंजेक्शन की भारी कमी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में भी जनहित याचिका दायर की गई है. कोर्ट ने भी इस मामले पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार को कुछ इस हिदायत भी दी हैं. और कहा है कि दिल्ली को दूसरे राज्यों की डिमांड को भी देखना चाहिए. दूसरे राज्यों में भी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं.

दिल्ली के अलावा दूसरे कई राज्य हैं जहां पर ज्यादा मामले आ रहे हैं और सभी को जरूरत पूरी करनी है. तक 613 मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं, आने वाले महीनों में इनकी संख्या 1,000 पार होने की संभावना जताई गई है. सरकार ने इस बाबत दिल्ली हाईकोर्ट में जानकारी भी दी है. ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इंजेक्शन की भारी कमी भी जताई गई है.

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