Boycott Chinese Product Campaign: रक्षाबंधन पर CAT ने भारतीय बाजारों में उतारी राफेल राखी
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Boycott Chinese Product Campaign: रक्षाबंधन पर CAT ने भारतीय बाजारों में उतारी राफेल राखी
कैट ने लांच की राफेल राखी

विभिन्न राज्यों में लगभग 250 शहरों में "राखी बिक्री स्टाल" लगाए जिसमें ख़ास तौर पर घरेलू व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथ से बनी राखियां आम लोगों के लिए बिक्री को रखी गई.

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नई दिल्ली. रक्षा बंधन (Rakshabandhan) का त्योहार आने वाला है. पिछले कुछ सालों से भारतीय बाजारों में चीन की राखियों ने कब्ज़ा कर रखा था. लेकिन वर्तमान भारत-चीन तनाव के मद्देनजर चाइनीज प्रोडक्ट्स के बहिष्कार को लेकर देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है. चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अपने बड़े अभियान (Boycott Chinese Product Campaign) के इसी क्रम में कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders) द्वारा देश भर में इस बार राखी के पर्व को हिन्दुस्तानी राखी के रूप में मनाने का अभियान छेड़ा है. जिसके मद्देनजर कैट ने बुधवार को भारतीय बाजारों के लिए राफेल राखी (Rafale Rakhi) जारी की है.

250 शहरों में लगाए गए राखी बिक्री स्टाल 
कैट के प्रतिनिधियों का कहना है कि राफेल विमान भारतीय सेना को और अधिक सक्षम बनाएगा जिससे दुश्मनों के मंसूबों को ख़त्म किया जा सके. उनका कहना था 'आज राफेल के भारत आगमन पर जारी की गई पीएम मोदी के चित्र वाली राफेल राखी इस बात का प्रतीक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पूरी तरह से भारत की सेनाओं के साथ मजबूती से खड़ा है'. कैट ने आज भारतीय सामान से बनी विभिन्न प्रकार की राखियों की बिक्री के लिए दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में लगभग 250 शहरों में "राखी बिक्री स्टाल" लगाए जिसमें ख़ास तौर पर घरेलू व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथ से बनी राखियां आम लोगों के लिए बिक्री को रखी गई. इनमें मोदी राखी एवं अक्साई चीन हमारा है की राखियों के साथ जय हिन्द की सेना राखी, वन्देमातरम राखी और विभिन्न प्रदेशों की मशहूर वस्तुओं से बनी गई राखियां ख़ास हैं.

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कैट के व्यापारी नेता और महिला उद्यमियों ने लगाए स्टाल
दिल्ली, नागपुर,पटना, कानपुर, लखनऊ, मुंबई, जमशेदपुर, कलकत्ता, रांची, राऊरकेला, रायपुर, झाँसी, पॉन्डिचेरी, जयपुर, जोधपुर, इलाहबाद, नॉएडा, जम्मू, चंडीगढ़, लुधियाना, तिनसुकिया, गोहाटी, सूरत, अहमदाबाद, पुणे, कोल्हापुर आदि शहर प्रमुख रूप से शामिल थे जहां कैट के द्वारा राखी बिक्री स्टाल लगाए गए थे. देश के विभिन्न राज्यों में 200 से अधिक छोटे बड़े शहरों में कैट के राज्य स्तरीय चैप्टर तथा स्थानीय व्यापारिक संगठन पिछले 15 दिनों से कामगार महिलाओं,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा ऐसे लोग जिनकी कोरोना संकट के चलते नौकरी छूट गई है उनको रोजगार देते हुए कैट ने बड़े पैमाने पर हिन्दुस्तानी राखी बनवाई हैं. बताया जा रहा है कि चीन के प्रोडक्ट्स के बहिष्कार अभियान के मद्देनजर कैट के आह्वान पर देश भर में विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा बड़ी मात्रा में लोगों ने अपनी सोच के अनुसार अनेक प्रकार की राखियां बनवाई हैं. इन राखियों की कीमत 10 रूपए से लेकर 50 रूपए प्रति राखी तक रखी गई है.
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