Farmer protest: कुछ घंटों के लिए बंद हुआ चिल्ला बॉर्डर एक बार फिर खुला

इससे पहले राकेश टिकैत पर हुए हमले के बाद किसानों ने सोनीपत में भी एक्सप्रेस वे जाम कर दिया. (फाइल फोटो)

इससे पहले राकेश टिकैत पर हुए हमले के बाद किसानों ने सोनीपत में भी एक्सप्रेस वे जाम कर दिया. (फाइल फोटो)

बताया जा रहा है कि सुरक्षा के मद्देनजर एक बार फिर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर को बंद करने का निर्णय लिया था लेकिन बाद में इसे खोल दिया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 3, 2021, 12:19 AM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसान आंदोलन एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर को सुरक्षा के मद्देनजर एक बार फिर ट्रैफिक की आवाजाही के लिए बंद कर दिया था. हालांकि फिर कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने बॉर्डर को यातायात के लिए खोल दिया है.

वहीं इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत पर शुक्रवार को अलवर में हुए हमले के बाद गुस्साए किसानों ने सोनीपत से गुजरने वाले कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे पर जाम लगा दिया, किसानों ने केएमपी को करीब एक घंटे के लिए बंद कर दिया जिसके बाद वाहनों की कई किलोमीटर तक की कतार लग गई.

उल्लेखनीय है कि राकेश टिकैत के काफिले पर शुक्रवार को राजस्थान में भीड़ ने हमला कर दिया. यह हमला तब हुआ जब टिकैत अलवर के हरसौरा में सभा को संबोधित कर बानसूर जा रहे थे. इसी बीच ततारपुर में भीड़ ने टिकैत के काफिले पर पथराव शुरू कर दिया. पथराव में टिकैत की कार के शीशे टूट गये. इस दौरान असामाजिक तत्वों ने टिकैत पर स्याही भी फेंकी. वहीं इस मामले में अलवर की मत्स्य युनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप यादव समेत चार को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

हालांकि समय रहते पुलिस ने हालात पर काबू करते हुये सुरक्षा घेरे में टिकैत को वहां से निकाल लिया. पुलिस सुरक्षा के बीच ही टिकैत को वहां से बानसूर पहुंचाया गया है. राकेश टिकैत ने खुद सोशल मीडिया पर उनकी कार पर हुए हमले के बारे में लिखा है कि, "राजस्थान के अलवर जिले के ततारपुर चौराहा, बानसूर रोड़ पर भाजपा के गुंडों द्वारा जानलेवा पर हमला किए गए, लोकतंत्र के हत्या की तस्वीरें."
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